मोदी जी का दीपक जलाने का असल रहस्य क्या है


What is the real secret of Modi ji burning a lamp

मोदी जी का दीपक जलाने का असल रहस्य क्या होता है दीपक जलाने से क्या कहा गया है शास्त्र और साइंस क्या कहती है

( What is the real secret of Modi ji burning a lamp, what is called lighting a lamp or what does science say? )

शुक्रवार 3 अप्रैल को माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अटल बिहारी बाजपेई जी की एक वीडियो साझा किया और जिसमें उन्होंने रविवार को लोगों को प्रकाश की याद दिलाने के लिए एक प्रसिद्ध उनकी लिखी हुई एक कविता सुनाएं कब ताकि कुछ लाने इस प्रकार थी

"आओ फिर से दि जलाएं (आओ एक बार फिर से दीपक जलाएं)"

और उन्होंने उनकी एक वीडियो क्लिप भी ट्वीट किया जिसमें जिसमें रविवार रात को दीपक जलाने की सलाह दी ताकि उनको याद रहे. मोदी जी ने कहा कि घर की सारी लाइटें बंद कर दें मोबाइल की फ्लैश ऑन कर दें और कैंडल जलाना शुरू कर दें घर में जितने भी इलेक्ट्रॉनिक सामान है 

उनको चलने दे लेकिन अंधेरा रहे और केवल दीपक का प्रकाश उज्जवल इत होता रहे मोदी जी ने देश की जनता को संबोधित किया कि हम एक हैं. मैंने कहा कि 5 अप्रैल को रविवार रात्रि के ठीक 9:00-9:09 पर सभी लोग अपने घरों की लाइट बंद करें और देश को एकता का सम्मान प्रदान करें मोदी जी का इसके पीछे बहुत बड़ा रहस्य था

 राय से होने के साथ-साथ यह तमाम उन लोगों के लिए एक प्रशांत जो लोग इसे लड़ रहे थे उनको राणा फाइटर्स के लिए उन डॉक्टर्स के लिए उनको राण के मरीजों के लिए जो दिन रात को Corona से लड़ रहे हैं जूझ रहे हैं

. प्रधानमंत्री जी का घरों की बालकनी में आकर और खाली कटोरा संघ इत्यादि बजाने के लिए संबोधित करना यह सब उनके लिए प्रोत्साहन था लेकिन इसके पीछे असल रहे थे कुछ और है साथ में प्रोत्साहन तो है ही जिसके पीछे सबसे बड़ा रहस्य यह भी है.

क्या लिखा गया है शास्त्रों में दीप प्रज्वलित के बारे में


धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो दीपक जलाना एक बहुत ही शुभ कार्य है और बड़ा ही महत्व कार्य है वैदिक काल में जब जब इंसान पर संकट हुआ है 

तो उसने हमेशा देवताओं की शरण ली है और उनके पीछे अपना सब कुछ समर्पित भी किया है यह प्रतीक है हिंदू धर्म में आत्मा और ईश्वर का प्रतीक माना जाता है 

यह एक विजय सूचक है या ग्रंथों में रोग के अंधकार को असुरी शक्तियों का सहायक माना गया है इस को हराने के लिए प्रकाश अति उत्तम उपाय माना जाता है जब-जब धर्म पर अधर्म की कटाक्ष हुआ है तब तक हमेशा उजाले नहीं साथ दिया है. एक स्लोक में भी कहा गया है

दीप ज्योति परम ज्योति दीप ज्योति जनार्दन दीपू हर तू में पापो दीप जो तिर नमोस्तुते
शुभम करोति कल्याणम आरोग्यं जन्म संपदा शत्रु बुद्धि विनाशाय दीप ज्योति नमोस्तुते

जानते हैं इसका scientific reason क्या है

अगर विज्ञान के तरीके से अगर देखा जाए तो रसायन विज्ञान भी इस बात की पुष्टि करता है की सरसों के तेल के दीपक जलाने से वायुमंडल में तमाम विषाणु उसके प्रभाव से नष्ट हो जाते हैं 

किसका प्रतीक दीपावली है दीपावली के पीछे वैज्ञानिक कारण भी हो सकता है प्रशांत भैया ने इस बात को पुष्टिकर कहता है. इससे वायुमंडल का तापमान बढ़ता है और नमी भी बढ़ जाती है जिसे कोरना जैसे खतरनाक वायरस को नष्ट करने में आसानी होती है

 यह उन तमाम विषैले जीवाणुओं को विषाणु को नष्ट कर देता है जो वायुमंडल में फैले हुए हैं जैसे कि बहुत ज्यादा असर पड़ता है यह मानव के लिए लाभदायक है हानिकारक नहीं.

कोरोना वायरस दीपक जलाने से समाप्त हो या ना हो लेकिन प्रत्यक्ष रूप से जो बात सामने पर है उसको देखेंगे यह पता चल जाता है 

और यह पता चल ही गया है कि भारत के प्रत्येक नागरिक एक साथ है जब भी देश पर कोई भी बात आती है तो लोग सीना तान के खड़े हो जाते हैं अपने देश के लिए अपना स्वाभिमान बचाने के लिए अपने देश के झंडे को हमेशा ऊपर रखना चाहते हैं लहराता हुआ रखना चाहते हैं

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