अखिल भारतीय किसान सभा का जोरदार प्रदर्शन- चक्का जाम-रास्ता रोको

kishan birodhi kanoon

देहरादून:-
27 नवम्बर 2020, अखिल भारतीय किसान सभा देहरादून ने किसान सभा द्वारा किसान विरोधी कानून के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया,  तथा जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया । 
जिसमे यह लिखा गया की किसानों के भारी विरोध के बावजूद भी आपकी सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में मार्केटिंग के सन्दर्भ तीन विधेयक संसद में  पारित कर कानून बनाये गये हैं।आपकी सरकार द्वारा किसानों के आन्दोलन तथा विपक्षी दलों सांसदों के भारी विरोध को अनसुना किया गया जो कि खेदजनक है। जो इस प्रकार है।

 प्रधानमन्त्री को ज्ञापन ।

सेवा में ,
माननीय प्रधानमन्त्री
भारत सरकार
नई दिल्ली ।
द्वारा:- जिलाधिकारी महोदय देहरादून ।
मान्यवर ,
अखिल भारतीय किसान सभा देशव्यापी इस प्रदर्शन के माध्यम से आपसे पुनः जनहित में  मांग करती है ।
मान्यवर , अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति  कुछ स्वतंत्र किसान समूहों द्वारा आज देशभर में 27नवंबर, 2020 को  चक्का जाम-रास्ता  रोको ,दिल्ली कूचआदि कार्यवाहियां इसलिए आयोजित की जा रही है कि किसानों के भारी विरोध के बावजूद भी आपकी सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में मार्केटिंग के सन्दर्भ तीन विधेयक संसद में  पारित कर कानून बनाये गये हैं।आपकी सरकार द्वारा किसानों के आन्दोलन तथा विपक्षी दलों सांसदों के भारी विरोध को अनसुना किया गया जो कि खेदजनक है ।  देश के किसान काफी महीनों से  आन्दोलित हैं ।हमारे संगठनों का स्पष्ट मानना है कि इन विधेयकों का कानून बनने के बाद कृषि क्षेत्र बड़े घरानों की चारवाह बन जाऐगा और किसानों की स्थिति पहले से बदतर हो जाऐगी ।
मान्यवर , आपकी सरकार द्वारा इन तीन कानूनों को लागू कर किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य, मण्डियों का अधिकार छीन कर किसान की आजीविका पर सीधे तौर पर हमला किया जिसका दूरगामी परिणाम देखने को मिलेंगे और देश की खाध्य व्यवस्था जिसका लाभ अब तक आम जरूरतमन्दों को भी मिला करता था ।इस लाभ से वह वंचित हो जाऐगा ।आपकी सरकार न इन कानूनों के माध्यम से किसानों को न्यायालय जाने के अधिकार से वंचित कर दिया है तथा किसान को नौकरशाही, लालफीताशाही के भरोसे छोडकर कारपोरेट तथा बहुराष्ट्रीय कम्पनियों को खुलकर लूटने की छूट दे दी है ।जो कि खेदजनक है परिणामस्वरूप पहले से ही संकटग्रस्त कृषि क्षेत्र भविष्य मेंऔर भी अधिक दिक्कतें आ जाऐंगी और किसान आत्महत्याओंमें भी बृध्दि होगी ।अब इस कानून के माध्यम से हमारे देश का कारपोरेट तथा बहुराष्ट्रीय भीमकाय कम्पनियों खेती किसानी का खुलकर लूट करेंगे ।
अतः इस प्रदर्शन के माध्यम से आपसे पुरजोर मांग करते हैं कि आपकी सरकार तत्काल जनहित में इन काले कानूनों को वापस लें ।

दलजीत सिंह जिलाध्यक्ष,  कमरूद्दीन महामंत्री और प्रदर्शन में राज्याध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह सजवाण ,महामन्त्री गंगाधर नौटियाल, कोषाध्यक्ष शिवप्रसाददेवली ,जिला महासचिव कमरूद्दीन ,कोषाध्यक्ष माला गुरूग ,राजेंद्र पुरोहित ,सतपाल ,सुन्दर था पा ,राजेन्द्र सिंह नेगी ,लेखराज नितिन मलेठा ,अनन्त आकाश ,पुरुषोत्तम बडोनी ,शम्भू प्रसाद ममगाई ,रिजवान ,समीम,गुमानसिह,कामिल ,मकसूद ,जगदीश,सपना ,राधा ,नेहा, अर्जुन रावत ,रविन्द्र नौडियाल विजय भट्ट आदि शामिल थे ।