S.N.N Pg College Bedikhal में चलाया HIV के प्रति जागरूकता अभियान

HIV के प्रति जागरुक करते हुए

प्रति वर्ष विश्व एड्स दिवस 1 दिसम्बर को मनाया जाता है, जिसमें लोगों को एड्स के प्रति जागरुक किया जाता है एड्स ह्यूमन इम्यून डिफिशिएंसी HIV) संक्रमण फैलने वाले महामारी का नाम है l
1 दिसंबर 2020 को राजकीय महाविद्यालय वेदीखाल में विश्व एड्स दिवस के मौके पर राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें वक्ताओं ने इस असाध्य बीमारी के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला और छात्र छात्राओं को सजगता के साथ इस महामारी के खिलाफ उठ खड़े होने का आह्वान किया । 

इस अवसर पर एड्स के संदर्भ में महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने सारगर्भित रूप से समस्या को छात्रों के सामने रखा। वक्ता के रूप में डॉ रामकिशन पाल ने अपनी बात रखते हुए कहा की एड्स एक भयानक रोग है जिसकी मृत्यु दर अन्य रोगों की तुलना में बहुत ऊंची है । 

इसकी भयावहता का एक मुख्य कारण यह भी है की जब से इस रोग के बारे में पता चला है तब से आज तक इसकी रोकथाम हेतु किसी तरह की कोई दवाई अथवा वैक्सीन की खोज नहीं हो सकी है। डॉक्टर भूपेंद्र कुमार ने बताया की एड्स के रोगियों में भारत का विश्व में तीसरा स्थान है। 

उन्होंने आगे कहा की किसी भी देश में एचआईवी एड्स और अशिक्षा के बीच सीधा संबंध है अर्थात सूचना एवं जानकारी की कमी होने के कारण लोग इस तरह की बीमारियो का शिकार हो जाते हैं। कार्यक्रम में डॉक्टर सर्वेश कुमार ने कहां की संयम, सावधानी और जागरूकता के द्वारा ही इस रोग से लड़ा जा सकता है।सावधानी ही बचाव पर जोर देते हुए कहा की इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम एड्स जैसी असाध्य बीमारी को फैलने से रोकने का सबसे महत्वपूर्ण उपाय है।
  
एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ अनुपम त्यागी ने एड्स की रोकथाम के संदर्भ में सावधानी, नियंत्रण व संयम और यौन शुचिता पर अपने विचारों को प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा की सावधानी और यौन आचरण को संतुलित कर इस रोग को फैलने से रोका जा सकता है और छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किया कि वह खुलकर इस विषय पर बात करें।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डी पी भट्ट जी ने इस अवसर पर एड्स के तेजी से फैलने को आधुनिक जीवन शैली से जोड़ते हुए सरल व संयमित जीवनशैली के साथ-साथ हमारी जागरूकता में इसकी रोकथाम का उपाय बताया। 

साथ ही बताया की यह छूने से फैलने वाला रोग नहीं है अतः एड्स के रोगियों के साथ भेदभाव का व्यवहार नहीं करना चाहिए। उन्होंने कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु और वर्तमान कोविड-19 को देखते हुए कार्यक्रम संचालन में सम्मिलित सभी लोगों को बधाई दी और छात्रों को स्वयं जागरूक होने और समाज में जागरूकता फैलाने का संदेश दिया। 

कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ अनुपम त्यागी ने किया | इस अवसर पर डॉ महेंद्र रावत द्वारा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें विजेता छात्र छात्राओं को प्राचार्य के द्वारा पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक व अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान कोरोना गाइडलाइंस के तहत आवश्यक सावधानियों का पालन किया गया |