ब्रेस्ट में गांठ होने के लक्षण और पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण एवम उपचार हिंदी में

स्‍तन में गांठ होना एक सामान्‍य स्थिति है और इसके होने के कई कारण होते हैं। यूं तो अधिकांश गांठें स्‍तन कैंसर नहीं होतीं, मगर स्‍तन में असामान्‍य बदलाव की जितनी जल्‍दी हो डॉक्‍टर से जांच जरूर करानी चाहिए।

स्तन की कई तरह की गांठें कैंसर कारक नहीं होतीं। ये विभिन्‍न आकार या बनावट की होती हैं, जो इनके प्रकार पर निर्भर करता है। ज्‍यादातर स्‍तन की गांठें पूरे जीवनकाल में एक महिला के शरीर में समय-समय पर हॉर्मोन में होने वाले बदलाव के कारण हो जाती हैं। मिसाल के तौर पर माहवारी चक्र के दौरान जब महिलाओं का मासिक-धर्म होता है।

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स्तन कैंसर स्तन कोशिकाओं की अनियंत्रित बढ़ोतरी है। आमतौर पर लोब्यूल्स और दुग्ध नलिकाओं में घुसकर, वे स्वस्थ कोशिकाओं पर आक्रमण करते हैं और शरीर के अन्य भागों में फैल जाते हैं। कुछ मामलों में, स्तन कैंसर स्तन के अन्य ऊतकों को भी प्रभावित कर सकता है।

ब्रेस्ट में गांठ होने के लक्षण

स्‍तन में गांठ होने की स्थिति में ब्रेस्‍ट में असामान्‍य रूप से ऊतकों का विकास होने लगता है। इस गांठ में किसी महिला को दर्द भी महसूस हो सकता है या फिर ये दर्दरहित भी हो सकती है। ये गांठ सख्‍त, मुलायम, कैंसरकारी या गैर-कैंसरकारी हो सकती है।

स्‍तन में गांठ होने का पता चलने पर आपको ज्‍यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, चिकित्‍सक की मदद के बिना आप इस गांठ का पता नहीं लगा सकते हैं। 

इसलिए अगर आपको अपने स्‍तन में गांठ महसूस हो रही है तो बिना कोई देरी किए तुरंत चिकित्‍सक से संपर्क करें।

ब्रेस्‍ट में गांठ को नज़रअंदाज न करें क्‍योंकि इसके फैलने का भी खतरा रहता है और इसकी वजह से आपको असहजता भी महसूस हो सकती है। 

अगर समय पर इसका इलाज न किया जाए तो इसके कारण गंभीर समस्‍याएं हो सकती हैं। कुछ मामलों में ब्रेस्‍ट तक निकलवानी पड़ती है इसलिए समय पर स्‍तन में गांठ का इलाज करवाना जरूरी है। 

ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण और उपाय

र‍िसर्च की मानें तो अपनी जीवनशैली में बदलाव कर स्तन कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है। इस खतरे को कम करने के लिए ये टिप्‍स आपकी मदद कर सकते हैं। 

हम ये नहीं कहते कि ये हर एक महिला पर लागू होते हैं, लेकिन यह आपके स्‍वास्‍थ्‍य पर एक अच्‍छा प्रभाव डाल सकते हैं। आइए जानते हैं कि कैसे आप स्‍तन कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं: 

  • 1- नियमित तौर पर शारीरिक व्यायाम करें

शारीरिक तौर पर एक्टिव रहकर आप स्‍तन कैंसर के खतरे को कम कर सकती हैं। आप प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट की एक्‍सरसाइज करें या फिर घर के काम में अच्‍छे से एक्टिव रहें। यह आपके शरीर की चर्बी को गलाने में मदद करेगा। 

अपना वज़न हमेशा चेक करते रहें। ज्‍यादा मोटापा और वज़न दोनों ही हमारी सेहत के लिए नुकसानदायक होते हैं। इसल‍िए अपने वज़न को कंट्रोल में रखें, यह ब्रेस्‍ट कैंसर का एक कारण है। 

खासतौर पर रजोनिवृत्ति (मासिक धर्म बंद होने के बाद) यदि आपका वज़न ज्‍यादा होता है, तो इसका खतरा बढ़ जाता है। दरअसल, फैट कोशिकाएं ही कैंसर संबंधी ट्यूमर या गांठ बढ़ाने के लिए ज़िम्मेदार होती हैं।

  • 2- धूम्रपान और शराब का सेवन करने से बचें

सिगरेट और शराब के सेवन का चलन आजकल महिलाओं में भी काफी आम है। आप कह सकते हैं कि महिलाओं में बढ़ते स्‍तन कैंसर का यह भी एक कारण है। यह स्‍तन कैंसर को बढ़ावा देता है। 

जो महिलाएं ड्रिंक करती हैं, उन्‍हें एक दिन में 1 से अधिक अल्कोहल ड्रिंक नहीं लेना चाहिए। आप कोशिश करें कि इसके सेवन से बचें। यही बात सिगरेट पर भी लागू होती है। ऐसा पाया गया है कि विशेष रूप से प्रीमेनोपॉज़ल महिलाओं में धूम्रपान स्‍तन कैंसर को बढ़ावा देता है।

  • 3- 35 के बाद गर्भन‍िरोधक गोल‍ियां खाने से बचें

गर्भनिरोधक गोलियों के जोखिम और लाभ दोनों हैं। एक महिला की उम्र जितनी कम होती है, खतरा भी उतना ही कम होता है। वहीं, जब एक उम्र के बाद महिलाएं गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करती हैं, उनमें स्तन कैंसर का खतरा थोड़ा बढ़ जाता है। 

आप इन गोलि‍यों के सेवन को बंद करके इस खतरे को कम कर सकती हैं। गर्भनिरोधक गोलियों से स्ट्रोक और दिल के दौरे का खतरा भी बढ़ जाता है – खासकर उनमें अगर कोई महिला धूम्रपान करती है। यदि आप स्तन कैंसर के खतरे को रोकना चाहती हैं, तो आपके पास गर्भनिरोधक गोलियों के सेवन को बंद करने का एक बेहतर विकल्प है।

  • 4- स्‍तनपान

स्तन कैंसर की रोकथाम में स्तनपान की अहम भूमिका होती है। आप जितने अधिक समय तक स्तनपान करेंगी, उतना अधिक समय पर आप इस खतरे का रोक पाएंगी। 

ज‍िन महिलाओं ने अपने बच्चे को स्तनपान करवाया है उनमें ब्रेस्ट कैंसर का खतरा उन महिलाओं की तुलना से पांच प्रतिशत कम होता है जिन्होंने अपने बच्चे को स्तनपान नहीं करवाया है।

  • 5- पौष्टिक आहार का सेवन करें

ब्रेस्‍ट कैंसर से बचाव के लिए आप संतुल‍ित आहार का सेवन करें। अपने आहार में फल, जूस और हरी सब्जियों के सेवन को बढ़ाएं। कार्बोहाइड्रेट को अपनी डाइट में कम करें। इससे मोटापा बढ़ता है। आप बाहर का पैक्‍ड पेय पदार्थ, जैसे कि जूस और कोल्‍ड ड्रिंक का सेवन करने से बचें। 

खासतौर पर वो महिलाएं ज‍िनके परिवार में स्‍तन कैंसर हो चुका है उन्‍हें सजग रहने की ज़रूरत है, इसलिए महिलाओं के लिए अपने परिवार के इतिहास को जानना महत्वपूर्ण है। 

यदि आपकी माँ या बहन को स्तन कैंसर या डिम्बग्रंथि कैंसर (ovarian cancer) हो चुका है, तो आपको स्तन कैंसर का खतरा अधिक हो सकता है। ऐसे में आपको डॉक्‍टर के परामर्श की ज़रूरत है।

पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण

यौवन के दौरान, महिलाओं के स्तनों में अधिक मात्रा में ऊतक विकसित होने लगते हैं, जबकि पुरुषों में ऐसा नहीं होता है। चूंकि पुरुषों के स्तन में जन्म के समय कुछ मात्रा में ब्रेस्ट टिश्यू होते हैं इसलिए इनमें भी स्तन कैंसर विकसित होने की आशंका रहती है।

पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण

पुरुषों में स्तन कैंसर के निम्न संकेत व लक्षण हो सकते हैं:

  • ब्रेस्ट में गांठ जिसमें दर्द न हो
  • स्तन की ऊपरी त्वचा में परिवर्तन होना (जैसे स्किन पर गड्डे होना, सिकुड़ना, परतदार त्वचा या लालिमा)
  • निप्पल में बदलाव जैसे कि निप्पल का अंदर की ओर मुड़ना, लालिमा, परतदार त्वचा
  • निप्पल से डिस्चार्ज होना (कोई तरल निकलना)

पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के कारण

डॉक्टरों को यह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है कि पुरुषों में स्तन कैंसर का सटीक कारण क्या है, लेकिन उनका मानना है कि पुरुषों में स्तन कैंसर तब होता है जब कुछ स्तन कोशिकाएं स्वस्थ कोशिकाओं की तुलना में अधिक तेजी से विभाजित होने लगती हैं। जब कैंसर कोशिकाएं खून या लसीका प्रणाली और शरीर के अन्य हिस्सों में पहुंचने लगती हैं, तब इस स्थिति में स्तन कैंसर फैल सकता है।

पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर का इलाज

यदि शुरुआती चरणों में पुरुषों में ब्रेस्ट कैंसर के लक्षणों को पहचान लिया जाए, तो इसका इलाज संभव है। इसके इलाज में आमतौर पर स्तन के ऊतक को हटाने के लिए सर्जरी की जाती है। कुछ स्थितियों में कीमोथेरेपी व रेडिएशन थेरेपी की मदद ली जाती है।

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