24 घंटे में खुजली से छुटकारा पाने के लिए अपनाएं यह घरेलू उपचार

24 घंटे में खुजली से छुटकारा पाने के लिए आपको कुछ घरेलू उपचार करना है। दाद, खाज और खुजली रोग त्वचा से संबंधित रोग हैं। यदि समय पर इन पर ध्यान न दिया जाये तो यह एक खतरनाक बीमारी का रूप ले लेती हैं। अधिकतर लोग दाद, खाज या खुजली से परेशान रहते हैं। खुजली एक असहज, परेशान करनेवाली समस्या है जो आपको दोस्तों के सामने शर्मिंदा भी कर सकती है।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

यह एक तरह का फंगल इंफेक्शन होता है। यह समस्या हाथ, पैर, गर्दन या अंदरुनी अंगों में कहीं भी हो सकता है। इसका रंग दिखने में लाल या ब्राउन रंग दिखाई देता है, जो एक जख्म की तरह लगता है।

इसलिए इसको दूर करने के उपाय करना बहुत जरूरी होता है। तो आइए, कुछ घरेलू उपायों द्वारा खुजली को दूर करने के उपाय जानें।

खुजली के मुख्य कारण यह है

24 घंटे में खुजली से छुटकारा पाने के लिए आपको क्या है की त्वचा में खुजली होने के कई कारण होते हैं, लेकिन कभी-कभी कुछ विशेष कारणों से त्वचा में तीव्र खुजली होती है। और कारण इस प्रकार है जिसे आप जान लो।

  • रूखी सूखी त्वचा।
  • किसी भी उत्पाद के लिए एलर्जी।
  • लंबे समय तक धूप में घूमना।
  • जानवरों के काटने से।
  • बाल जूँ के कारण भी खुजली हो सकती है।

जैसे-जैसे समस्या बढ़ती है, खुजली के साथ-साथ दाने और चकत्ते भी होने लगते हैं। यदि पेशाब के बाद जननांग को साफ पानी से clean नहीं किया जाता है, तो बैक्टीरिया के संक्रमण से भी खुजली हो सकती है।

रिसर्च के अनुसार, शरीर में इम्‍यून सिस्‍टम में गड़बड़ी के कारण भी खुजली हो जाती है। लेकिन खुजली होने पर किसी भी काम में मन नहीं लगता, इंसान चिड़चिड़ा हो जाता है।

Itching का मतलब खुजलाहट/खारिश/खुजली होना है। त्वचा विकार जैसे एक्जिमा, सोरायसिस, चकत्ते निकलना, फंगल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन्स, एलर्जी, शीतपित्त आदि कारणों से खुजली हो सकती है जो पूरे शरीर या किसी खास हिस्से में हो सकती है।

  • गर्मियों के पसीना ज्यादा निकलता है इसके देर तक त्वचा पर बने रहने से बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, जिससे खुजली का एहसास होता है।
  • गले, कमर, बगल और जाघों के बीच में खुजली ज्यादा होती है, क्योंकि यहां पसीने का जमाव ज्यादा होता है।
  • आयुर्वेद के मतानुसार पित्त और प्रधान रूप से कफ की दुष्टि से खुजली लक्षण उत्पन्न होता है I

खुजली का घरेलू इलाज करें 24 घंटे के अंदर

खुजली का घरेलू इलाज : शरीर मे खुजली आना आज के समय की एक आम समस्या है, जिससे लगभग हर व्यक्ति समस्याग्रस्त है। खुजली दूर करने का रामबाण घरेलू इलाज, जो सदियों से प्रचलन में है। किन्तु आजकल हमलोग एलोपैथी इलाज के प्रवर्तकों द्वारा फैलाये गए झूठ के जाल में इस कदर उलझ चुके हैं कि हमे अपने पूर्वजों द्वारा ढूंढे गए घरेलू इलाज पर विश्वास ही नही रहा है।

घरेलू नुस्खों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके कोई साइड इफ़ेक्ट नही होते हैं। घरेलू इलाज में हर वो चीज़ इस्तेमाल की जाती है जो आमतौर पर हम हर रोज़ अपने घर मे इस्तेमाल करते हैं।

आसान उपलब्धता और महंगे इलाज से मुक्ति मिलने से पैसों की बचत सोने पर सुहागा है। खुजली का घरेलू इलाज में फिटकरी जिसको अंग्रेजी में ALUM के नाम से जाना जाता है, एक बेहतरीन जंतु-नाशक (Anti Fungal) पदार्थ है। आमतौर पर शरीर मे खुजली होने का मुख्य कारण शरीर से निकलने वाला पसीना होता है। पसीना निकलने पर उसमे कीटाणु पनपने लगते हैं जिसके कारण हमारे शरीर मे खुजली होने लगती है।पसीने से होने वाली खुजली का मुख्य कारण पानी कम पीना होता है। साधारणतया एक वयस्क इंसानी शरीर को दिन में 4 से 5 लीटर पानी की आवश्यकता होती है।

जब कोई व्यक्ति कम पानी पीता है तो पसीने की मात्रा कम हो जाती है और पसीने के साथ शरीर से निकलने वाले विषाणु (toxic) की मात्रा उतनी ही होती है।

फिटकरी को इस्तेमाल करने का तरीका

साबुन से स्नान करने के बाद एक मग पानी लें और उसमें फिटकरी के एक टुकड़े को 10–12 बार गोल गोल घुमाएं। उसके बाद उस पानी को पूरे शरीर पर लगा दें। 

साथ ही साथ फिटकरी की टुकड़े को बांह (under arms) के नीचे, ब्रा की पट्टियों के स्थान पर और पैंटी लाइन के क्षेत्र में 2–3 बार रगड़े।

क्योंकि इन दोनों जगह पर पसीना जल्दी सूखता नही है इसलिए दाद (Fungal infection) जैसी बीमारी की संभावना काफी बढ़ जाती है।

अगर पूरे शरीर मे खुजली की समस्या नहीं है तो सिर्फ चित्र में दर्शाये गए स्थानों पर फिटकरी का इस्तेमाल करना काफी होगा।

फिटकरी के फायदे

फिटकरी के इस्तेमाल से आपको कभी भी दाद जैसी समस्या से नही जूझना पड़ेगा। बांह के नीचे (Under arms) से पसीने की बदबू से छुटकारा मिल जाएगा।

जिसके कारण पसीने से होने वाली बदबू सुगंध के तले दब जाती है। उसमें किसी भी प्रकार का एन्टी फंगल पदार्थ नही होता है।

हालांकि, कारण के अनुसार खुजली की चिकित्सा भी विशेष होती है, नीचे कुछ सामान्य उपाय बताए है जो खुजली कम करने में असरदार है। 

1. गेंदे के फूल में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं, जो दाद, खाज और खुजली की समस्याओं को जड़ से खत्म करते हैं। इस नुस्खे को बनाने के लिए गेंदे के फूलों को अच्छी तरह से पीस लीजिये उसमे थोड़ा सी पानी मिलाकर एक पेस्ट बना लीजिये। इस पेस्ट को दाद, खाज और खुजली के स्थान पर लगाएं और सूखने के लिए छोड़ दें।

2. हल्के गर्म पानी से बाथटब भर लें और इसमें आधा कप बेकिंग सोडा मिला लें। लगभग 15 से 20 मिनट तक इस पानी में शरीर को डुबोए रखें। रोजाना इस पानी से स्नान करने से बेकिंग सोडा में मौजूद एंटीफंगल और एंटी बैक्टीरियल गुण खुजली को कम कर skin को आराम पहुंचाते हैंI

3. तुलसी एंटीमाइक्रोबियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुणों से समृद्ध है जो खुजली से संक्रमित त्वचा को आराम देने का काम करती हैI इसके लिए तुलसी की तजि छह-आठ पत्तियां ले I इन्हे पीसकर पेस्ट बना लें और प्रभावित क्षेत्रों पर लगाएं। दिन में २-३ बार लगाने से कुछ दिनों में खुजली कम हो जाएगी I

4. रोजाना दिन में दो-तीन बार एलोवेरा जेल का इस्तेमाल करन भी खुजली कम करने का कारगर तरीका है I एलोवेरा के एंटी एलर्जिक, मॉइस्चरीसिंग गुणों के कारण यह खुजली, जलन, शुष्कता को कम कर त्वचा को उचित पोषण भी देती है I

खुजली के घरेलू उपाय

5. नीम त्वचा विकारों के लिए अत्यंत उपयुक्त है I नीम के पत्त्ते, बीज का तेल इसके लिए उपयोग में लाये जाते है I

इसकी पत्तियों की पेस्ट बनाकर प्रभावित स्थान पर लगाए या नीम तेल का भी इस्तेमाल कर सकते है I

नीम की पत्तियां पानी में उबालकर रोज नहाने लिए इस पानी का उपयोग करे I

यह एंटी माइक्रोबियल, एंटी ऑक्सीडेंट होने से त्वचा संक्रमन को दूर करने में मदद करता है I

नीम घन वटी या नीम चूर्ण का सेवन करना खून को साफ कर शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है I

6. नारियल तेल में स्थित लोरिक एसिड एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीमाइक्रोबियल गुणों से युक्त है।

नहाने के बाद शरीर को पूरा सूखा ले और फिर जरूरी जगह पर नारियल तेल लगाए I इसमें कपूर मिलाना फायदेमंद है I

7. मेथी के बीज अपने एंटी इंफ्लामैंट्री और एंटीमाइक्रोबियल गुणों के चलते रैशेज को ठीक करते हैं।

मेथी के बीजों को एक घंटे के लिए पानी में भिगो दें। फिर इन्हे थोड़े से पानी के साथ पीसकर गाढ़ा पेस्ट बनाएं। इस पेस्ट को खुजली से प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं। पेस्ट सूखने पर त्वचा को पानी से धो लें।

8. बाहरी चिकित्सा के साथ रक्त शुद्धि के लिए नीम, त्रिफला, हरिद्रा, मंजीठ, गिलोय जैसी उपयोगी औषधियों से बने गंधक रसायन, आरोग्यवर्धिनी रस, मंजिष्ठादि काढ़ा, कैशोर गुग्गुलु आदि योगों का चिकित्सक की सलाह से प्रयोग करे I

9. खुजली से आराम पाने के लिए देशी घी को प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं।

10. हमारे मुंह की (लार) जिसे लोगों ने पान, सिगरेट, गुटखा, तम्बाकू खाकर अपने मुंह को जहर का गोदाम बना दिया ।

सारी रात में इकट्ठा हुआ बासी थूक कुदरत का दिया हुआ सबसे बढ़िया एंटी बायोटिक है। रात को सोने से पहले मुंह साफ कर सोये, सुबह उठते ही पानी पीने से पहले सबसे पहले अपने मुंह का बासी थूक दाद पर लगाने से कुछ दिनों में दाद ठीक हो जाता है।

11. आयुर्वेद विशेषज्ञ से परामर्श लेके पंचकर्म के वमन, विरेचन, बस्ती और रक्तमोक्षण उपक्रम करे जिससे शरीर से सारे विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं। 

प्राकृतिक हवा में अधिक रहे। 

अगर खुजली वाले कोई रोग हो चुके हैं तो नीम के पाने से नहायें और ग्वारपाठा लगाएं। अधिक हो तो पहले कोई आयुर्वेदाचार्य से उपचार कराएं। 

खुजली होने इन चीज़ो का उपयोग न करें

मछली, काले चने, गुड़, दही, नमक; ज्यादा मीठी, खट्टी, नमकीन चीजें। लहसुन,प्याज, हींग जो भी हाई सल्फ़र वाली चीज़ें हैं उनको खाना बंद करें।

साबुन का उपयोग कम करें।

खाने में निम्बू को छोड़कर अन्य खट्टी चीजें कम से कम लें। खट्टे फल सिर्फ दोपहर बाद लें और खाली पेट कभी नहीं।

सूखी खुजली से छुटकारा दे ये घरेलू उपाय

सूखापन और खुजली से छुटकारा पाने के लिए दही एक बेहतरीन क्लींजर है, यह रूखेपन को दूर कर मुलायम और कोमल बनाने में मदद करता है। इसके लिए तीन बड़े चम्मच पपीते का पेस्ट और आधा कप दही मिलाकर अपनी त्वचा पर लगाने से अगर एगेरिलो टिप्स से सूखी खुजली का इलाज होता है तो पंद्रह मिनट बाद धो लें।

कीड़े के काटने से होने वाली रूखी त्वचा और खुजली के लिए नारियल का तेल सबसे अच्छा इलाज है। विशेषज्ञों के अनुसार खुजली का कारण चाहे जो भी हो, इससे छुटकारा पाने में नारियल का तेल अहम भूमिका निभाता है। खुजली होने पर प्रभावित जगह या पूरे शरीर पर नारियल का तेल लगाएं।

24 घंटे में खुजली से छुटकारा पाने के उपचार

मॉइस्चराइजिंग गुणों से भरपूर एलोवेरा खुजली का सबसे अच्छा इलाज है। स्क्वैश को छीलकर कद्दूकस कर लें और चाकू से क्रश कर लें, स्क्वैश को छीलकर कद्दूकस कर लें और उसका रस निचोड़ लें। इस जेल को सीधे प्रभावित जगह पर लगाने से खुजली से स्थायी राहत मिल सकती है।

आधा कप दालचीनी, दो बड़े चम्मच खोया और दो बड़े चम्मच वनस्पति तेल को मिलाकर स्क्रब बना लें। नहाने से पहले इस स्क्रब से पूरे शरीर पर मसाज करें। कुछ ही दिनों में आपको अपनी त्वचा पर काफी फर्क नजर आने लगेगा। अगर स्क्रब रह जाए तो उसे फ्रिज में रख दें, लेकिन दूध खट्टा हो तो उसका इस्तेमाल न करें।

खुजली वाली जगह का इलाज करने के लिए एक कप में तीन भाग बेकिंग सोडा और एक भाग पानी डालकर अच्छी तरह मिला लें, फिर इस पेस्ट को प्रभावित हिस्से पर लगाएं।

अगर आपकी त्वचा बहुत संवेदनशील(Sensitive) है तो इसका सबसे अच्छा इलाज पेट्रोलियम जेली है। पेट्रोलियम जेली किसी हानिकारक chemical से नहीं बनती बल्कि पूरी तरह से प्राकृतिक होती है, जिसका skin पर आसानी से सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल न सिर्फ आपको खुजली से बचाएगा बल्कि यह आपकी त्वचा को चमकदार और खूबसूरत भी बनाएगा।

हाथ पैर में खुजली के घरेलू उपाय

नारियल का तेल है एलर्जी खुजली की दवा

सूखी त्वचा और कीड़े के काटने से होने वाली खुजली का सबसे अच्छा इलाज नारियल के तेल का उपयोग करना है। विशेषज्ञों के अनुसार खुजली का कारण चाहे जो भी हो, इससे छुटकारा पाने में नारियल का तेल अहम भूमिका निभाता है। खुजली होने पर प्रभावित जगह या पूरे शरीर पर नारियल का तेल लगाएं।

पेट्रोलियम जेली से करें दाद खाज खुजली का अंत

अगर आपकी त्वचा बहुत संवेदनशील है तो इसका सबसे अच्छा इलाज पेट्रोलियम जेली है. पेट्रोलियम जेली किसी हानिकारक केमिकल से नहीं बनती बल्कि पूरी तरह से प्राकृतिक होती है, जिसका त्वचा पर आसानी से सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। 

पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल न सिर्फ आपको खुजली से बचाएगा बल्कि आपकी त्वचा को भी चमकदार और खूबसूरत बनाएगा।

नींबू है दाने वाली खुजली की दवा

Vitamin C और ब्लीच से भरपूर नींबू, खुजली वाली त्वचा के लिए सबसे अच्छा इलाज है। नींबू का रस खुजली से राहत देता है और एलर्जी को जल्दी रोकता है।

बेकिंग सोडा है पूरे शरीर में खुजली की दवा

खुजली वाली जगह का इलाज करने के लिए एक कप में तीन भाग बेकिंग सोडा और एक भाग पानी डालकर अच्छी तरह मिला लें, फिर इस पेस्ट को प्रभावित हिस्से पर लगाएं और आपको तुरंत परिणाम मिलेगा। 

तुलसी है लाल खुजली की दवा

तुलसी के पत्ते थाइमोल और एगोनल जैसे तत्वों से भरपूर होते हैं, जो न सिर्फ त्वचा की खुजली बल्कि जलन को भी दूर कर सकते हैं। उपचार के लिए तुलसी के कुछ पत्तों को धोकर सीधे प्रभावित जगह पर लगाएं।

एलोवेरा से करें 24 घंटे में खुजली ठीक

मॉइस्चराइजिंग गुणों से भरपूर एलोवेरा खुजली का सबसे अच्छा इलाज है। एक स्क्वैश को छीलकर कद्दूकस कर लें और चाकू से क्रश कर लें। इस जेल को सीधे प्रभावित जगह पर लगाने से खुजली से स्थायी राहत मिल सकती है। 

दाद खाज खुजली की अंग्रेजी दवा 

फंगल इंफेक्शन के ट्रीटमेंट के लिए अधिकतर डॉक्टर लगाने वाली क्रीम का ही सुझाव देते है जैसे:-

  1. Clotrimazole Cream
  2. Micronazole Cream
  3. Terbinafine Cream

इनमें से कोई भी एक क्रीम का आप use कर सकते है | इस क्रीम को लगाने का तरीका यह है कि, सुबह नहाने के बाद जहां-जहां पर भी आपको ringworm या खुजली है, वहां पर इस क्रीम को लगाएं।

इस क्रीम को रात को सोने से पहले धोने की जरूरत नहीं है। बल्कि सोने से पहले उसी जगह पर फिर से यह क्रीम को लगायें।

इन एंटी फंगल क्रीम का इस्तेमाल कम से कम 2 हफ्ते तक जरूर करना चाहिए और जरूरत पड़े तो 3-4 हफ्ते तक भी इनका इस्तेमाल कर सकते हैं।

कई लोग यह गलती करते हैं कि 3-4 दिन क्रीम लगाने के बाद देखते हैं कि उनका दाद ठीक हो गया है और वह क्रीम लगाना छोड़ देते हैं।

उसके बाद जैसे ही वह दवा का इस्तेमाल करना बंद कर देते हैं, उन्हें वह फिर से दाद की Problem आने लगती है।

जांघों के बीच में होने वाले फंगल इन्फेक्शन में itching बहुत ज्यादा होती है तो इसके लिए आप अपनी antifungal क्रीम के साथ 1% Hydrocortisone Cream क्रीम को मिलाकर इसका इस्तेमाल करें इससे खुजली कम हो जाती है।

पर जैसे ही तीन-चार दिनों के बाद दाद में खुजली कम हो जाए। तो आप Hydrocortisone Cream का इस्तेमाल बंद कर दें । क्योंकि स्टेरॉइड क्रीम का ज्यादा दिनों तक skin पर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

इससे त्वचा पतली हो सकती है और स्टीवर्ड आपके खून के अंदर जा सकता है। फंगल इन्फेक्शन पूरी तरह ठीक करने के लिए आप क्रीम लगाने के अलावा 2% Ketoconazole Lotion का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

इसको इस्तेमाल करने का तरीका यह होता है कि आप सबसे पहले अपने पूरे शरीर को पानी से गीला कर लीजिये उसके बाद 2% Ketoconazole Lotion को लेकर अपने पूरे शरीर पर अच्छी तरह साबुन की तरह लगा ले और उसे 5 मिनट छोड़ दीजिए।

इसके बाद गुनगुने पानी से अच्छी तरह शरीर को धो डालें । इससे फायदा यह होता है कि शरीर में कहीं पर भी छोटे-मोटे फंगल इंफेक्शन होंगे तो वह भी ठीक हो जाते हैं।

कई बार ऐसा होता है कि पीठ के पीछे या कई जगह ऐसी होती है जहां पर नजर नहीं जाती है और दाद का पता भी नहीं चलता है ऐसा करने से यह वाली प्रॉब्लम नही होगी और इस विधि से पूरे शरीर से फंगल इनफेक्शन ठीक हो जाता है।

2% Ketoconazole Lotion का इस्तेमाल आप 2 हफ्ते तक लगातार रोजाना करें। उसके बाद हफ्ते में सिर्फ दो बार इस लोशन को लगायें।

फिर उसके बाद तीन महीनो तक हफ्ते में सिर्फ एक बार इस लोशन को लगायें। इससे आपको दोबारा फंगल इन्फेक्शन कभी नहीं होगा ।

इसके अलावा जिन लोगों को जांघों के बीच में दाद खाज खुजली हो जाती है। या शरीर पर कहीं पर भी बार-बार फंगल इंफेक्शन हो जाता है, तो उन्हें अच्छी तरह नहाने के बाद अपने शरीर पर 1% Clotrimazole Powder का छिड़काव करना चाहिए। इससे फंगल इनफेक्शन बार-बार नहीं होगा।

यदि यह सब करने के बाद भी आपको दाद खाज खुजली से आराम ना मिले तो फिर आपको कुछ Anti fungal medicines का प्रयोग करना पड़ेगा ।

इसके लिए मेरी सलाह कि आप किसी डॉक्टर से मिले और उनसे अपने लिए दवाइयां लिखवा लीजिए। ज्यादातर डॉक्टर ये एंटीफंगल दवाइयां देते है।

दाद खाज खुजली की अंग्रेजी दवा का नाम जो असर दे 24 घंटे में

इन दवाओं को कम से कम 4 से 6 हफ्ते तक जरूर खाना चाहिए। इसकी खुराक आपके डॉक्टर आपको बताएंगे।

यदि आपको बार-बार फंगल इंफेक्शन या दाद खाज खुजली हो जाती है तो मेरी सलाह है कि आपको अस्पताल में एक बार जाकर अपनी पूरी जांच करवा लेनी चाहिए।

कई बीमारियां ऐसी होती है जिसमें हमारे शरीर की बीमारियों से लड़ने की ताकत कम हो जाती है।

डायबिटीज और एचआईवी जैसे रोगों में यही होता है | इसके आलावा कई लोग जब बहुत दिनों तक एंटीबायोटिक दवाइयां खाते हैं तो उनके शरीर में बीमारियों से लड़ने की ताकत एकदम खत्म होने लगती है।

इसी तरह से जिन लोगों का किडनी, लिवर ट्रांसप्लांट होता है उन्हें भी इस तरह की दवाइयां दी जाती है जो उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम करने लगती है। ऐसे लोग बार बार फंगल बैक्टीरिया इन्फेक्शन होने लगते हैं।

यदि आपको इस तरह की कोई बीमारी है तो फिर आपको किसी डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए।

दाद की होम्योपैथिक दवाइयां जो असर दे 24 घंटे में

दाद की होम्योपैथिक दवाइयों की सही जानकारी हासिल करने के लिए आपको होम्योपैथिक डॉक्टर से मिलना होगा।

बिना किसी होम्योपैथिक डॉक्टर की सलाह पर आपको किसी प्रकार की होम्योपैथिक दवा नहीं लेनी चाहिए।

Share social media

मेरे सभी पाठकों को मेरा प्यार भरा नमस्कार, में काफी वर्षों से पत्रकारिता में कार्य कर रहा हूं और मैंने अपनी पढ़ाई भी मास्टर जर्नलिश्म से पुरी किया है। मुझे लिखना और नए तथ्यों को खोज करना पसन्द है। मुझे नई जानकारी के लिए न्यूज पेपर की अवश्यकता नहीं पड़ती में खुद इनफॉर्मेशन हासिल करने में रुचि रखता हूं। साथ ही वेबसाईट बनाना, seo, जैसी स्किल में महारथ हासिल है।

error: Content is protected !!