पाइल्स में खजूर खाने के फायदे और शीशम के पत्ते के फायदे धातु रोग में शीशम के पत्ते का उपयोग

शीशम के पत्ते के फायदे धातु रोग में फायदेमंद होते हैं शीशम के पत्ते धातु रोग में इस्तेमाल करने से यह बीमारी ख़त्म हो जाती है लेकिन आपको इससे पहले यह जानना भी जरुरी है की शीशम के पत्ते की तासीर कैसी होती है और इसका उपयोग कैसे करना है। साथ में अगर आपको पाइल्स की शिकायत है तो आप जानेंगे की कोलगेट से बवासीर का इलाज कैसे होता है और पाइल्स में लगने वाली क्रीम कोनसी सही रहेगी जिससे आपकी यह बीमारी ठीक हो जाये यहाँ हम आपको पाइल्स में खजूर खाने के फायदे भी बताएँगे जो बवासीर में अधिक इस्तेमाल होता है। आपको बता दूँ शीशम का पत्ता धातु रोग से गहरा सम्बन्ध है 

शीशम के पत्ते से धातु रोग ठीक हो जाता है और धातु रोग में शीशम के पत्ते का उपयोग बेहद ही कारगर माना गया है। चलिए जानते हैं इसके बारे में। 

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शीशम के पत्ते के फायदे धातु रोग में फायदे 

आपको शीशम का पेड़ हर जगह मिल जायेगा। जिसकी लकड़ी भी काफी स्ट्रांग मानी जाती है। आपको शीशम के पत्ते के फायदे धातु रोग में धातु रोग को ठीक करने के लिए औषधीय गुण पाए जाते हैं। आप इस वीमारी से छुटकारा पा सकते हैं। अगर आपको धातु रोग की समस्या है शीशम के पत्ते को पीस करके इसका सेवन करें। शीशम के पत्ते धातु रोग की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। शीशम का पत्ता धातु रोग के लिए एक अच्छी औषधि है शीशम के पत्ते से धातु रोग ठीक हो जाता है धातु रोग में शीशम के पत्ते का उपयोग अवश्य करें। कुछ अन्य फायदे –

  1. आपको धातुरोग, स्वप्न दोष की समस्या हो तो शीशम के पत्ते पीस करके सेवन करें।
  2. महिलाओं को ब्लड लिकोरिया की समस्या है तो 10-15 शीशम के पत्ते धोकर पीसकर इसका सेवन करें। 
  3. हाथों से अधिक पसीना आता है तो 10-15 पीपल और शीशम के पत्ते को पीसकर शीशम के पत्ते का शर्बत पिएं। 
  4. नकसीर की समस्या है तो 10-12 शीशम के पत्ते को पीसकर इसका शर्बत पिएं।
  5. गर्भवती महिलाओं को अगर ब्लीडिंग हो रही है शीशम के पत्ते का पानी के साथ गोखुर का पानी पिएं।
  6. शीशम के पत्ते से पेट की जलन को भी ठीक कर सकते हैं। 

शीशम के पत्ते की तासीर कैसी होती है

शीशम को आयुर्वेद में जड़ी-बूटी के रूप में प्रयोग किया जाता है। शीशम के पत्ते की तासीर को अनुकूलित किया जाता है इससे निकलने वाला चिपचिपा पदार्थ कई रोगों को ठीक करने में इस्तेमाल किया जाता है। शीशम के तेल को दर्दनाक, सड़न रोकने वाले, अवसादरोधी, जीवाणु रोधक, कीटनाशक और स्फूर्तिदायक आदि के तौर पर भी प्रयोग में लिया जाता है। शीशम के पत्ते का प्रयोग आयुर्वेद में दवा बनाने में किया जाता है शीशम के पत्ते हजार से ज्यादा बीमारियों को नष्ट करने में लाभकारी है। शीशम के पत्ते प्रयोग करने का तरीका अलग हो जाता है।

कोलगेट से बवासीर का इलाज

आपको लगता है की कोलगेट से बवासीर का इलाज हो जायेगा तो यह गलत है इस मामले में आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। आपका लिया हुआ गलत निर्णय आपको खतरे में डाल सकता है। कोलगेट से बवासीर का इलाज हालाँकि संभव नहीं है यह एक सयोंग मात्र हो सकता है आप चाहें तो आयुर्वेद में बहुत से औषधि उपलब्ध हैं उसका इस्तेमाल करें और अपने चिकित्षक से अवश्य संपर्क करें आपके बेहतर यही होगा की आप उनकी देख रेख में अपने स्वास्थ्य की देखभाल करें।  

पाइल्स में लगने वाली क्रीम

बवासीर के इलाज के लिए में पाइल्स में लगने वाली क्रीम इस्तेमाल की जाने वाली दवाएं इस्तेमाल करने से पूर्व अपने डॉक्टर से संपर्क करें। फिर इसका उपयोग करें। बवासीर मलाशय या गुदा के निचले हिस्से में दर्दनाक, सूजी हुई नसें होती हैं। पाइल्स में लगने वाली क्रीम की निम्नलिखित सूची उपचार से संबंधित या उपयोग की जाती है।

  • हाइड्रोकार्टिसोन
  • ऐनुकोर्ट-एचसी
  • प्रोटोजोन एचसी
  • अनलप्राम-एचसी
  • अनुसोल-एचसी सपोसिटरीज
  • हाइड्रोकार्टिसोन / प्रामॉक्सिन

दवाये हैं आपको यह दवा उपयोग करने के लिए चिकित्षक से संपर्क करना होगा जिससे की आपकी समस्या का बेहतर इलाज मिलेगा। 

पाइल्स में खजूर खाने के फायदे

पाइल्स में खजूर खाने के फायदे : पाइल्स में खजूर के पत्तों को जलाकर एक बार राख बना लें फिर यह 2 ग्राम की मात्रा बनाकर दिन में 2 या 3 बार पानी के साथ खाएं इससे खूनी बवासीर से राहत मिल जाती है। अगर आप गर्भवती हैं तो फाइबर के कम सेवन के कारण पाइल्स गर्भावस्था के दौरान सबसे आम समस्या है। खजूर फाइबर का एक अद्भुत स्रोत हैं। वे गर्भावस्था के दौरान बवासीर के जोखिम को कम करने में मदद कर सकते हैं।

अस्वीकरण : हम किसी प्रोडक्ट या दवा का समर्थन नहीं करते हैं यह जानकारी के लिए इस्तेमाल करना सुनिश्चित करें। कोई भी दवा या उपचार को करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें साथ ही आपको इसका प्रोयग चिकित्षक की देख रेख में करना है। डॉक्टर की सलाह न लेना आपको हानिकारक हो सकता है।

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मेरे सभी पाठकों को मेरा प्यार भरा नमस्कार, में काफी वर्षों से पत्रकारिता में कार्य कर रहा हूं और मैंने अपनी पढ़ाई भी मास्टर जर्नलिश्म से पुरी किया है। मुझे लिखना और नए तथ्यों को खोज करना पसन्द है। मुझे नई जानकारी के लिए न्यूज पेपर की अवश्यकता नहीं पड़ती में खुद इनफॉर्मेशन हासिल करने में रुचि रखता हूं। साथ ही वेबसाईट बनाना, seo, जैसी स्किल में महारथ हासिल है।

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