शकरकंद , गाजर, पपीता, चुकंदर की तासीर कैसी होती है इसे खाने से आपको क्या लाभ मिलेगा

शकरकंद , गाजर, पपीता, चुकंदर की तासीर कैसी होती है इसे खाने से आपको क्या लाभ मिलेगा

यदि आप यह जानना कहते हैं की शकरकंद की तासीर कैसी होती है, गाजर की तासीर कैसी होती है,पपीता की तासीर कैसी होती है,चुकंदर की तासीर कैसी होती है, मूली की तासीर कैसी होती है, गिलोय की तासीर कैसी होती है तो आप बिलकुल सही जगह हैं आज हम आपको इन सभी के बारे में बताने वाले है। आपको यह पत्ता चल जायेगा की इसे खाने से आपको क्या लाभ मिलेगा। 

शकरकंद की तासीर कैसी होती है

शकरकंद अपने आप में एक औषधीय गुणों से भरपूर है। यह आपके पेट के लिए अच्छा होता है। शकरकंद की तासीर गर्म होती है और हाई कैलोरी के मामले में ये एक कंप्लीट फूड है। शकरकंद को लोग कई प्रकार से बनाते और खाते हैं। और कई लोग शकरकंद की तासीर ठंडी मानते हैं। 

गाजर की तासीर कैसी होती है

वैसे गाजर की तासीर ठंडी होती है लेकिन यह कफनाशक है। गाजर लौंग तथा अदरक की ही तरह छाती तथा गले में जमे कफ को पिघलाकर निकालने में सक्षम है। गाजर में कुछ इस प्रकार के खनिज लक्षण पाए जाते हैं। जो शक्ति को बढ़ाने तथा रोगों को रोकने में बहुत ही आवश्यक होते हैं।

पपीता की तासीर कैसी होती है

पपीता आपके सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है और आपको इसका सेवन करना चाहिए। पपीते की तासीर बहुत गर्म होती है। अक्सर इसका प्रयोग गर्मी के मौसम में किया जाता है। 

चुकंदर की तासीर कैसी होती है

चुकंदर हमें स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है। चुकंदर की तासीर ठंडी होती है जिस कारण इसका सेवन गर्मियों में अधिक किया जाता है। चुकंदर जितना सेहत के लिए फायदेमंद होता है इसके नुकसान भी काफी है. ऐसे में कुछ बीमारियों से पीड़ित लोगों को चुकंदर का सेवन नहीं करना चाहिए। यह 

मूली की तासीर कैसी होती है

सर्दियों का मौसम मूली खाना आपके लिए सबसे अच्छा है क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है. सर्दियों में ही इसकी पैदावर भी ज्यादा होती है। मूली के साथ एक विशेष बात यह भी है कि शाम के समय इसकी तासी बदल जाती है और यह ठंडी हो जाती है. इसलिए मूली का सेवन रात को नहीं करना चाहिए.

गिलोय की तासीर कैसी होती है

गिलोय की तासीर प्राकृतिक रूप से गर्म होती है। इसलिए ठंड से संबंधित बीमारियों से बचने में इसका उपयोग अधिक किया जाता है। गिलोय लगभग सभी तरह के ज्वर यानी फीवर और सर्दी-जुकाम में लाभदायक होता है। खासतौर पर डेंगू में घटती प्लेटलेट्स को कंट्रोल करने का काम गिलोय बहुत जल्दी करता है।

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