देहरादून में OPS का महासंग्राम: विधानसभा से CM आवास तक बाइक रैली, कर्मचारियों ने सरकार को दिया 2027 का अल्टीमेटम

देहरादून (12 अप्रैल 2026): पुरानी पेंशन बहाली (OPS) की मांग को लेकर उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों ने आज राजधानी की सड़कों पर अपनी ताकत का अभूतपूर्व प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NOPRUF) के आह्वान पर हजारों की संख्या में कर्मचारियों ने देहरादून विधानसभा से मुख्यमंत्री आवास तक एक विशाल बाइक रैली निकाली।

NPS के खिलाफ आर-पार की जंग

 नरेंद्रनगर से उमड़ा कर्मचारियों का सैलाब 

इस विशाल आंदोलन में टिहरी गढ़वाल के नरेंद्रनगर ब्लॉक का विशेष दबदबा देखने को मिला। ब्लॉक अध्यक्ष प्रवीण सिंह पंवार (ब्लॉक उपाध्यक्ष, राजकीय शिक्षक संघ) के नेतृत्व में भारी संख्या में शिक्षकों और कर्मचारियों ने इस रैली में शिरकत की। रैली की खास बात यह रही कि इसमें युवाओं के साथ-साथ महिला कर्मचारियों और सेवानिवृत्त होने की कगार पर खड़े बुजुर्गों ने भी जोश-खरोश के साथ हिस्सा लिया। 


'हक लेकर रहेंगे': NPS के खिलाफ आर-पार की जंग

 रैली के दौरान कर्मचारियों ने साफ कर दिया कि वे नई पेंशन योजना (NPS) को अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ मानते हैं। कर्मचारियों की मुख्य मांगें और तर्क निम्नलिखित हैं: 


  1. समानता का अधिकार: जब राजस्थान, छत्तीसगढ़ और हिमाचल जैसे राज्यों में OPS बहाल हो सकती है, तो उत्तराखंड में क्यों नहीं?
  2.  निर्णायक मोड़: रुद्रप्रयाग से दिल्ली तक की पदयात्राओं के बाद अब कर्मचारी इसे निर्णायक लड़ाई मान रहे हैं।
  3.  चुनावी चेतावनी: मोर्चे के पदाधिकारियों ने दो टूक कहा कि यदि सरकार ने जल्द फैसला नहीं लिया, तो मिशन 2027 (विधानसभा चुनाव) में कर्मचारी एकजुट होकर वोट की चोट करेंगे। 

OPS बाइक रैली: एक नजर में

मुख्य विवरण जानकारी / अपडेट
आयोजक संगठन राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NOPRUF)
रैली का मार्ग विधानसभा भवन से मुख्यमंत्री आवास, देहरादून
प्रमुख नेतृत्व (नरेंद्रनगर) प्रवीण सिंह पंवार (ब्लॉक अध्यक्ष एवं शिक्षक नेता)
मुख्य मांग NPS को खत्म कर पुरानी पेंशन (OPS) बहाल करना
अल्टीमेटम मांग पूरी न होने पर 2027 के चुनावों में विरोध की चेतावनी
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