लालकुआं/मोटाहल्दू, 10 अप्रैल 2026: जनपद नैनीताल के लालकुआं थाना क्षेत्र अंतर्गत मोटाहल्दू में एक 15 वर्षीय छात्रा के रहस्यमय तरीके से लापता होने का मामला गहराता जा रहा है। गुरुवार देर शाम तक चली पुलिस की सघन घेराबंदी, डॉग स्क्वॉड की ट्रैकिंग और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स की जांच के बावजूद छात्रा ललिता का कोई सुराग नहीं लग पाया है। घटना के बाद से औद्योगिक क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल व्याप्त है।
सबसे अधिक चिंताजनक पहलू यह है कि छात्रा की स्कूल ड्रेस (सलवार-कमीज) सुनसान झाड़ियों से बरामद हुई है, जिससे किसी अनहोनी की आशंका गहरा गई है। पुलिस की कई टीमें अब सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज के सहारे छात्रा की तलाश में जुटी हैं।
लापता छात्रा प्रकरण: अब तक की बड़ी जानकारियां
| मुख्य विवरण | घटनाक्रम और जांच की स्थिति (Key Facts) |
| छात्रा का नाम | ललिता (15 वर्ष), पुत्री सतीश उपाध्याय |
| निवासी | मूल निवासी शक्तिफार्म, वर्तमान निवासी मोटाहल्दू |
| लापता होने का समय | गुरुवार दोपहर लगभग 02:05 बजे (स्कूल से लौटते समय) |
| संदिग्ध बरामदगी | टाटा मोटर्स की खाली जमीन पर झाड़ियों के बीच स्कूल ड्रेस मिली। |
| जांच एजेंसियां | स्थानीय पुलिस, डॉग स्क्वॉड, फोरेंसिक टीम, सर्विलांस सेल। |
| बड़ी बाधा | औद्योगिक क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण सीसीटीवी कैमरे खराब पाए गए। |
सहेली से अलग हुई और फिर हो गई गायब
मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से शक्तिफार्म निवासी सतीश उपाध्याय की पुत्री ललिता (15) रोज की तरह स्कूल गई थी। दोपहर करीब 2:05 बजे स्कूल की छुट्टी होने के बाद वह अपनी एक सहेली के साथ घर के लिए पैदल निकली थी। रास्ते में एक निश्चित स्थान पर दोनों सहेलियां अलग-अलग रास्तों पर अपने घरों की ओर मुड़ गईं। इसके बाद ललिता घर नहीं पहुँची। जब काफी देर होने के बाद भी वह घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और पुलिस को सूचना दी।
झाड़ियों में मिली ड्रेस ने फैला दी सनसनी
मामला तब और अधिक गंभीर हो गया जब मदरसन कंपनी के समीप टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली खाली पड़ी जमीन में घनी झाड़ियों के बीच ललिता की स्कूल ड्रेस (सलवार-कमीज) बरामद हुई। स्कूल ड्रेस मिलने की खबर फैलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। आनन-फानन में एसपी सिटी क्राइम जगदीश चंद, सीओ अमित सैनी और कोतवाल बृजमोहन सिंह राणा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे।
डॉग स्क्वॉड ने कपड़ों से गंध लेकर छात्रा को ट्रैक करने की कोशिश की। कुत्ता घटनास्थल से वापस स्कूल के रास्ते तक गया, लेकिन उसके बाद वह दिशा भटक गया, जिससे पुलिस को आगे की लोकेशन नहीं मिल सकी। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से फिंगरप्रिंट्स और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं।
खराब सीसीटीवी कैमरों ने रोकी जांच की रफ्तार
पुलिस के लिए इस मामले में सबसे बड़ी चुनौती तकनीक साबित हो रही है। सर्विलांस टीम ने जब औद्योगिक क्षेत्र और आसपास के मार्गों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो पता चला कि कई अहम कैमरों के तार कटे हुए थे या वे खराब पड़े थे। जो फुटेज उपलब्ध हैं, उनमें छात्रा कपड़े मिलने वाली जगह से कुछ दूरी पहले तक तो दिखाई दे रही है, लेकिन उसके बाद वह कहां गई, इसका कोई रिकॉर्ड नहीं मिल सका है। पुलिस अब निजी प्रतिष्ठानों और दुकानों के बाहर लगे कैमरों की जांच कर रही है।
वारदात या कुछ और? पुलिस हर एंगल पर मुस्तैद
झाड़ियों में मिली ड्रेस कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। क्या छात्रा के साथ कोई अप्रिय घटना हुई है या फिर वह किसी के दबाव में वहां तक पहुँची? पुलिस अपहरण और आपसी रंजिश समेत हर संभावित एंगल से जांच कर रही है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीण छात्रा की सकुशल बरामदगी की मांग कर रहे हैं।
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