ऋषिकेश, 13 अप्रैल 2026: तीर्थनगरी में अवैध रूप से गैस रिफिलिंग और कालाबाजारी करने वालों पर प्रशासन का चाबुक चला है। बनखण्डी क्षेत्र में गैस सप्लाई वाहन के भीतर अवैध रिफिलिंग करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसका संज्ञान लेते हुए पूर्ति विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में न केवल वाहन स्वामी और चालक पर मुकदमा दर्ज हुआ है, बल्कि स्थानीय 'अंकुर गैस एजेंसी' की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
मामले का सारांश
| विवरण | मुख्य बिंदु |
| घटना स्थल | बनखण्डी क्षेत्र, ऋषिकेश |
| मुहिम | अवैध गैस रिफिलिंग और कालाबाजारी के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई |
| आरोपी | वाहन स्वामी, चालक (योगेन्द्र) और सहयोगी (आशीष) |
| संदिग्ध एजेंसी | मैसर्स अंकुर गैस एजेंसी, प्रगति विहार |
| कार्रवाई | ऋषिकेश कोतवाली में मुकदमा दर्ज |
वायरल वीडियो से खुली पोल
सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हुआ, जिसमें एक गैस सप्लाई वाहन के भीतर खुलेआम अवैध रूप से सिलेंडर की रिफिलिंग की जा रही थी। वीडियो सामने आते ही प्रशासन हरकत में आया। पूर्ति निरीक्षक सुनील देवली ने मौके पर जांच की और पाया कि वाहन ऋषिकेश स्थित 'मैसर्स अंकुर गैस एजेंसी, प्रगति विहार' का है।
एजेंसी की मिलीभगत की आशंका
पूर्ति विभाग द्वारा एजेंसी का औचक निरीक्षण करने पर गंभीर अनियमितताएं पाई गईं:
- दस्तावेजों का अभाव: वाहन चालक योगेन्द्र कुमार और उसके सहयोगी आशीष का न तो कोई आधिकारिक नियुक्ति पत्र था और न ही पुलिस सत्यापन।
- झूठा दावा: एजेंसी प्रबंधन ने दावा किया कि उन्होंने दोनों कर्मचारियों को काम से निकाल दिया है, लेकिन रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि घटना के बाद भी उन्हें डिलीवरी के लिए सिलेंडर दिए गए।
- संदेह: एजेंसी का यह दोहरा रवैया उनकी मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
पूर्ति विभाग की सख्त चेतावनी
पूर्ति निरीक्षक सुनील देवली ने बताया कि ऋषिकेश कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर संबंधित सभी दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया:
"अवैध रिफिलिंग न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह सार्वजनिक सुरक्षा के साथ बड़ा खिलवाड़ भी है। गैस एजेंसी हो या कोई भी कालाबाजारी करने वाला, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। आगामी दिनों में ऐसी और भी औचक छापेमारी जारी रहेगी।"
सुरक्षा और नियमों से खिलवाड़ नहीं होगा बर्दाश्त
यह कार्रवाई उन लोगों के लिए एक कड़ा सबक है जो चंद रुपयों की लालच में आम जनता की जान जोखिम में डालकर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि वे अपने आसपास इस तरह की संदिग्ध गतिविधि देखें, तो तुरंत पूर्ति विभाग या पुलिस को सूचित करें।
