देहरादून: आधार नामांकन प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, 20 ऑपरेटरों को दी गई तकनीकी जानकारी


Aapki Media AI


 देहरादून। आम जनमानस को दी जाने वाली महत्वपूर्ण नागरिक सेवाओं को अधिक सुगम, पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाया गया है। राजधानी देहरादून के जिला सभागार में आधार नामांकन और इससे संबंधित विभिन्न तकनीकी प्रक्रियाओं के सुदृढ़ संचालन को लेकर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आधार केंद्रों पर कार्यरत जनशक्ति को नवीनतम तकनीकों और नियमों से अपडेट करना था।

देहरादून: आधार नामांकन प्रक्रियाओं को सुदृढ़ करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित, 20 ऑपरेटरों को दी गई तकनीकी जानकारी


ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर हरेन्द्र शर्मा द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विभागों और सामान्य सेवा केंद्रों (CSC) के कुल 20 चुनिंदा ऑपरेटरों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण के दौरान ऑपरेटरों को आधार प्रणालियों के सुरक्षित संचालन और दस्तावेजीकरण की बारीकियों से अवगत कराया गया ताकि भविष्य में उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

यूआईडीएआई (UIDAI) क्षेत्रीय कार्यालय के विशेषज्ञों की ने संभाली कमान

आधार कार्ड वर्तमान समय में नागरिक पहचान और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने का एक अनिवार्य माध्यम बन चुका है। ऐसे में नामांकन या सुधार के दौरान होने वाली छोटी सी चूक भी नागरिकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। इसी गंभीरता को ध्यान में रखते हुए इस प्रशिक्षण सत्र का संचालन भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी यूआईडीएआई (UIDAI) के क्षेत्रीय कार्यालय, दिल्ली से आए वरिष्ठ अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न विभागों से आए ऑपरेटरों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत और व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई:

  • आधार सॉफ्टवेयर का अद्यतन ज्ञान: ऑपरेटरों को आधार के नवीनतम सॉफ्टवेयर संस्करणों के संचालन, सुरक्षा मानकों और उनके तकनीकी इंटरफेस के बारे में विस्तार से समझाया गया।
  • नामांकन एवं अपडेट की मानक प्रक्रिया: नए आधार नामांकन (Enrollment) और पुराने डेटा में सुधार (Update) की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के बारे में बताया गया, जिससे डेटा रिजेक्शन की दर को न्यूनतम किया जा सके।
  • स्वीकार्य दस्तावेजों की सूची: पहचान के प्रमाण (PoI) और पते के प्रमाण (PoA) के रूप में यूआईडीएआई द्वारा निर्धारित वैध, आवश्यक और स्वीकार्य दस्तावेजों की अद्यतन सूची की विस्तृत समीक्षा की गई, ताकि फर्जी या अमान्य दस्तावेजों के आधार पर कोई प्रविष्टि न हो सके।
  • यूनिवर्सल क्लाइंट (UC) प्रबंधन: यूनिवर्सल क्लाइंट प्रणाली के प्रभावी उपयोग और तकनीकी बारीकियों पर प्रकाश डाला गया, जिससे ऑपरेटरों की कार्यक्षमता में वृद्धि हो सके।
  • आधार केंद्र प्रबंधन: केंद्रों पर आने वाले नागरिकों के साथ उचित समन्वय, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा मानकों के पालन से संबंधित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।


बहु-विभागीय भागीदारी और शंकाओं का समाधान

इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें केवल किसी एक विभाग को शामिल न करके, जिला स्तर पर आधार सेवाएं प्रदान करने वाले सभी प्रमुख तकनीकी अंगों को एक साथ मंच पर लाया गया।

इस सत्र में प्रतिभाग करने वाले 20 ऑपरेटरों में मुख्य रूप से निम्नलिखित विभागों और एजेंसियों के कर्मचारी शामिल रहे:

  • कॉमन सर्विस सेंटर (CSC): जो ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में नागरिक सेवाओं का मुख्य केंद्र हैं।
  • डीओआईटी (DOIT): सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के तकनीकी कर्मचारी।
  • स्कूल शिक्षा विभाग: बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक और नए नामांकन के लिए जिम्मेदार ऑपरेटर।
  • महिला एवं बाल विकास विभाग (WECD): बाल आधार और पोषण योजनाओं से जुड़े डेटा प्रबंधन के लिए उत्तरदायी कार्मिक।
  • इंडिया पोस्ट (India Post): डाकघरों में संचालित आधार केंद्रों के कुशल ऑपरेटर।

प्रशिक्षण के दौरान केवल व्याख्यान ही नहीं दिए गए, बल्कि एक संवादात्मक सत्र (Interactive Session) भी आयोजित किया गया। इस दौरान सहायक प्रबंधक नितीश सैनी, परियोजना प्रबंधक मनु त्रिपाठी और ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर हरेन्द्र शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से तकनीकी सत्रों का कुशलतापूर्वक संचालन किया गया। ऑपरेटरों ने दैनिक कार्यों के दौरान आने वाली सॉफ्टवेयर एरर, फिंगरप्रिंट मिसमैच और दस्तावेजी विसंगतियों से जुड़े अपने व्यावहारिक प्रश्न विशेषज्ञों के समक्ष रखे, जिनका मौके पर ही तकनीकी समाधान किया गया।

कार्यक्रम का मुख्य विवरण

क्र.सं. कार्यक्रम के मुख्य मानक (Program Metrics) प्राप्त विवरण एवं प्रशासनिक जानकारी (Details & Context)
1. कार्यक्रम का विषय आधार नामांकन एवं संबंधित प्रक्रियाओं का तकनीकी प्रशिक्षण
2. आयोजन का स्थान जिला सभागार, देहरादून (उत्तराखंड)
3. प्रशिक्षण प्रदाता संस्था यूआईडीएआई (UIDAI) क्षेत्रीय कार्यालय, दिल्ली
4. कुल प्रशिक्षित ऑपरेटर 20 ऑपरेटर (विभिन्न सरकारी व अर्ध-सरकारी विभागों से)
5. शामिल विभाग/संस्थाएं CSC, DOIT, स्कूल शिक्षा विभाग, WECD एवं इंडिया पोस्ट
6. सत्र संचालक एवं अधिकारी नितीश सैनी (सहायक प्रबंधक), मनु त्रिपाठी (परियोजना प्रबंधक) एवं हरेन्द्र शर्मा (EDM)
7. मुख्य उद्देश्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार, त्रुटियों में कमी और कार्यकुशलता बढ़ाना


सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और नागरिक सुगमता का लक्ष्य


इस पूरे आयोजन की पृष्ठभूमि और प्रशासनिक दूरदृष्टि को स्पष्ट करते हुए ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर हरेन्द्र शर्मा ने बताया कि आधार से जुड़ी सेवाओं की संवेदनशीलता को देखते हुए समय-समय पर ऑपरेटरों का तकनीकी रूप से अपग्रेड होना अनिवार्य है। कई बार नियमों में होने वाले सूक्ष्म बदलावों की जानकारी न होने के कारण ऑपरेटरों से अनजाने में त्रुटियां हो जाती हैं, जिसका सीधा खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूरगामी प्रभाव इस प्रकार अपेक्षित हैं:

  1. त्रुटिहीन डेटा प्रविष्टि: स्वीकार्य दस्तावेजों की सही समझ होने से रिजेक्शन के मामलों में भारी कमी आएगी।
  2. समय की बचत: ऑपरेटरों की कार्यकुशलता बढ़ने से प्रति नागरिक लगने वाले समय में कमी आएगी, जिससे केंद्रों पर लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी।
  3. संतुष्टि का स्तर: जब नागरिकों को स्थानीय स्तर पर ही सुगम और त्वरित सेवाएं मिलेंगी, तो शासन और प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास सुदृढ़ होगा।

जिला प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी इस प्रकार के तकनीकी पुनश्चर्या (Refresher) पाठ्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा ताकि जिले के सभी आधार केंद्रों पर शत-प्रतिशत मानकों के अनुरूप कार्य सुनिश्चित किया जा सके।



📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए आपकी मीडिया को फॉलो करें
👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें
Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
Previous Post Next Post