ऊधमसिंहनगर (उत्तराखंड): उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने अनुशासनिक कार्यवाही करते हुए थाना आई.टी.आई. के प्रभारी और एक अन्य उपनिरीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एक मृतक के मामले में बरती गई घोर लापरवाही और कार्य के प्रति उदासीनता को लेकर की गई है।
इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई
निलंबन आदेश के अनुसार, थाना आई.टी.आई. के थानाध्यक्ष (SO) कुन्दन सिंह रौतेला और कोतवाली आई.टी.आई. में तैनात उपनिरीक्षक (SI) प्रकाश बिष्ट को सस्पेंड किया गया है। निलंबन की अवधि के दौरान दोनों अधिकारियों को पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया है।
क्या है मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, पैगा निवासी सुखवन्त सिंह पुत्र तेजा सिंह की मृत्यु से जुड़े एक प्रकरण में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे थे। आरोप है कि इस संवेदनशील मामले में दोनों अधिकारियों ने घोर लापरवाही बरती और मामले को गंभीरता से नहीं लिया। एसएसपी ने इस व्यवहार को पुलिस नियमावली के विरुद्ध मानते हुए कड़ा संज्ञान लिया और तत्काल प्रभाव से सस्पेंशन लेटर जारी कर दिया।
विस्तृत जांच के आदेश
एसएसपी ऊधमसिंहनगर ने आदेश की प्रति एसपी क्राइम/ट्रैफिक को भेजते हुए निर्देश दिए हैं कि इस पूरे प्रकरण की गहराई से प्रारंभिक जांच की जाए। जांच अधिकारी को एक निश्चित समयावधि के भीतर अपनी तथ्यात्मक रिपोर्ट कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी, ताकि आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई तय की जा सके।
निलंबन के दौरान नियम
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निलंबन की अवधि में दोनों पुलिस कर्मियों को वित्तीय नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा, लेकिन इसके लिए उन्हें इस आशय का प्रमाण पत्र देना होगा कि वे इस दौरान किसी अन्य व्यवसाय या सेवायोजन में शामिल नहीं हैं।
कानून व्यवस्था पर सख्त संदेश
इस कार्रवाई से जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। एसएसपी के इस फैसले को जनता के प्रति पुलिस की जवाबदेही तय करने और अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
