दिल्ली में 'इंडिया एआई इंपैक्ट समिट' के दौरान हुए हंगामे की आंच अब उत्तराखंड की राजधानी देहरादून तक पहुँच गई है। इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार, 24 फरवरी को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन का एक अनोखा और उग्र तरीका अपनाया। एनएसयूआई के प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस मुख्यालय से 'शर्टलेस' होकर मार्च निकाला। यह पैदल मार्च ग्लोब चौक से होते हुए एश्ले हॉल चौक तक पहुँचा, जहाँ कार्यकर्ताओं ने केंद्र और भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुतला दहन किया।
"शर्ट उतारने से देश शर्मसार नहीं होता": विकास नेगी का तीखा प्रहार
प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी ने सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शर्ट उतारकर प्रदर्शन करना विरोध का एक लोकतांत्रिक तरीका है। नेगी ने तंज कसते हुए कहा:
"शर्ट उतारकर प्रदर्शन करने से देश का मान कम नहीं हुआ है, बल्कि देश तब शर्मसार हुआ जब चीन निर्मित रोबोटिक डॉग 'ओरियन' को भारतीय बताकर पेश किया गया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी बिना शर्ट के रहकर ब्रिटिश साम्राज्य को हिला दिया था, आज उनकी प्रतिमा के सामने पूरी दुनिया झुकती है।"
पूरा घटनाक्रम: दिल्ली से देहरादून तक का विवाद
| दिनांक | घटना | स्थान |
| 20 फरवरी | 11 यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने AI समिट में शर्ट उतारकर विरोध किया | भारत मंडपम, दिल्ली |
| 21-23 फरवरी | दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की और आरोपियों की तलाश में कई राज्यों में छापेमारी की | दिल्ली, बिहार, यूपी |
| 24 फरवरी | यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब की गिरफ्तारी के विरोध में NSUI का प्रदर्शन | देहरादून, उत्तराखंड |
क्या था भारत मंडपम का विवाद?
दरअसल, 20 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इंपैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा घेरा तोड़कर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों ने अपनी कमीज उतार दी थी, जिसके नीचे उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहनी हुई थी। इस हाई-प्रोफाइल समिट में हुए इस हंगामे का वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त वायरल हुआ। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में तिलक मार्ग थाने में मुकदमा दर्ज किया और यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को इसका मुख्य सूत्रधार मानते हुए गिरफ्तार कर लिया।
छात्रों की चेतावनी: रिहाई तक जारी रहेगा आंदोलन
देहरादून में हुए इस प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उदय भानु चिब और अन्य कार्यकर्ताओं को जल्द रिहा नहीं किया गया, तो यह आंदोलन और उग्र होगा। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए पुलिस का सहारा ले रही है। एश्ले हॉल चौक पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बीच प्रदर्शनकारियों ने पुतला दहन किया, जिससे कुछ देर के लिए यातायात भी बाधित रहा।