देहरादून में गूँजी 'युवाओं' की आवाज: 6वीं युवा विधानसभा का आगाज, 70 युवा विधायकों ने सदन में उठाए देवभूमि के ज्वलंत मुद्दे

राजधानी देहरादून के यूसीएफ (UCF) भवन में 'युवा आह्वान' संस्था के सौजन्य से तीन दिवसीय 6वीं युवा विधानसभा की शानदार शुरुआत हुई। 26 फरवरी तक चलने वाले इस गौरवशाली आयोजन में उत्तराखंड की सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों से चयनित 70 प्रतिभाशाली युवाओं को सदन का सदस्य (विधायक) बनने का अवसर मिला। इस दौरान सदन का माहौल किसी असली विधानसभा सत्र से कम नजर नहीं आया। युवाओं ने मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के किरदारों को पूरी शिद्दत के साथ निभाया, जिससे यह साफ संदेश गया कि उत्तराखंड की युवा पीढ़ी राजनीतिक रूप से सजग और जागरूक है।

टेक्नोलॉजी और रोजगार: युवा मुख्यमंत्री का विजन

युवा विधानसभा में मुख्यमंत्री का किरदार निभा रहे रोहित नेगी ने सदन की प्राथमिकताएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि अगले दो दिनों तक सदन में मुख्य रूप से 'टेक्नोलॉजी' और 'डिजिटल भविष्य' पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने तर्क दिया कि तकनीकी रूप से सुदृढ़ उत्तराखंड ही भविष्य में रोजगार के असीमित अवसर पैदा कर सकता है। युवा सरकार का विजन है कि किस तरह आईटी सेक्टर और नवाचार (Innovation) के माध्यम से पहाड़ के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जाए।

युवा विधानसभा सत्र: मुख्य बिंदु

पद/भूमिकानाममुख्य विजन/उद्देश्य
निदेशक (युवा आह्वान)रोहित ध्यानीसरकार तक युवाओं के मुद्दों को प्रभावी ढंग से पहुँचाना
युवा मुख्यमंत्रीरोहित नेगीटेक्नोलॉजी के माध्यम से रोजगार सृजन पर फोकस
नेता प्रतिपक्षगंगा प्रसाद बहुगुणाराज्य के ज्वलंत मुद्दों की पुरजोर पैरवी करना
युवा विधायकरिया राणाजनसरोकारों और विकास कार्यों पर चर्चा

सदन में विपक्ष की धार: ज्वलंत मुद्दों पर हुई घेराबंदी

लोकतंत्र की मजबूती के लिए विपक्ष की भूमिका अहम होती है, जिसे युवा विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष गंगा प्रसाद बहुगुणा ने बखूबी दर्शाया। उन्होंने कहा कि सदन में विपक्षी दल उत्तराखंड के उन ज्वलंत मुद्दों को उठाएगा जो सीधे जनता के सरोकारों से जुड़े हैं। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और पलायन जैसे विषयों पर युवा विधायक सरकार से जवाब मांगेंगे। वहीं, युवा विधायक रिया राणा ने भी सदन की कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी करते हुए विकास कार्यों और सामाजिक बदलाव पर अपनी राय रखी।

संस्था का उद्देश्य: नीतियों में युवाओं की भागीदारी

'युवा आह्वान' संस्था के निदेशक रोहित ध्यानी ने बताया कि इस सदन का आयोजन केवल प्रतीकात्मक नहीं है। हमारा मुख्य उद्देश्य युवाओं को विधायी प्रक्रियाओं (Legislative Process) से रूबरू कराना है। इस सदन के माध्यम से जो भी महत्वपूर्ण सुझाव और निष्कर्ष निकलेंगे, उन्हें एक रिपोर्ट के रूप में असली सरकार तक पहुँचाया जाएगा। इससे नीति-निर्धारण में युवाओं के विचारों को स्थान मिलेगा और उनकी नेतृत्व क्षमता का विकास होगा।

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