प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सजग नेतृत्व में उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया जा रहा है। इसी कड़ी में जनपद रुद्रप्रयाग के लिए एक ऐतिहासिक स्वास्थ्य परियोजना को मंजूरी दी गई है। रुद्रप्रयाग जनपद, जो विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा का मुख्य पड़ाव है, वहां अब अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस 50 बेड का सुसज्जित ट्रॉमा सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस केंद्र के बनने से न केवल स्थानीय निवासियों को बेहतर इलाज मिलेगा, बल्कि यात्रा सीजन के दौरान देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए भी यह एक बड़ा जीवन रक्षक केंद्र साबित होगा।
एक ही छत के नीचे मिलेंगी सभी आधुनिक सुविधाएं
रुद्रप्रयाग के इस नए ट्रॉमा सेंटर का डिजाइन भविष्य की चुनौतियों और आपातकालीन जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यहाँ गंभीर मरीजों के त्वरित उपचार के लिए निम्नलिखित सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं:
- अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक यूनिट: सेंटर में हाई-टेक सीटी स्कैन (CT Scan) यूनिट और एडवांस पैथोलॉजी लैब की स्थापना की जाएगी, जिससे गंभीर चोट या बीमारी की स्थिति में तुरंत सटीक जांच संभव हो सकेगी।
- विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती: ट्रॉमा सेंटर में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ चिकित्सक (Specialist Doctors) तैनात किए जाएंगे, जो 24x7 आपातकालीन सेवाएं प्रदान करेंगे। इससे गंभीर रूप से घायल मरीजों को हायर सेंटर (देहरादून या ऋषिकेश) रेफर करने की जरूरत कम होगी और 'गोल्डन ऑवर' में इलाज मिल सकेगा।
प्रमुख बिंदु: रुद्रप्रयाग ट्रॉमा सेंटर की विशेषताएं
| सुविधा | विवरण |
| बेड क्षमता | 50 बेड (पूरी तरह सुसज्जित) |
| तकनीकी सुविधा | सीटी स्कैन, डिजिटल एक्स-रे और एडवांस लैब |
| विशेष फोकस | केदारनाथ यात्रा और चारधाम तीर्थयात्री |
| उद्देश्य | आपातकालीन स्थितियों में मृत्यु दर को कम करना |
केदारनाथ यात्रा के दृष्टिगत बेहद महत्वपूर्ण निर्णय
जैसा कि सर्वविदित है, रुद्रप्रयाग जनपद केदारनाथ चारधाम यात्रा का मुख्य केंद्र है। हर साल यहाँ देश और विदेश से रिकॉर्ड तोड़ संख्या में यात्री पहुँचते हैं। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा के दौरान अक्सर ऑक्सीजन की कमी या सड़क दुर्घटनाओं जैसी आपातकालीन स्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं। माननीय मुख्यमंत्री और माननीय स्वास्थ्य मंत्री के विजन के अनुरूप, इस ट्रॉमा सेंटर का उद्देश्य यात्रियों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करना है। अब किसी भी गंभीर स्थिति में यात्रियों और स्थानीय लोगों को घंटों का सफर तय कर मैदानी इलाकों की ओर नहीं भागना पड़ेगा।
स्वास्थ्य मंत्री और सरकार का 'हेल्थ विजन'
उत्तराखंड सरकार का यह कदम राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के संकल्प को दर्शाता है। माननीय स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार का लक्ष्य 'अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सेवा' पहुँचाना है। रुद्रप्रयाग में इस ट्रॉमा सेंटर की स्थापना से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा, बल्कि यह क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए भी एक मजबूत आधार बनेगा। आधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ डॉक्टरों के आने से अब रुद्रप्रयाग जिला अस्पताल और यह नया केंद्र मिलकर उत्तराखंड की स्वास्थ्य प्रणाली का नया चेहरा बनेंगे।