उत्तराखंड में CAA के तहत 153 शरणार्थियों को मिलेगी भारतीय नागरिकता, 7 मार्च को हरिद्वार में गृह मंत्री अमित शाह सौंपेंगे प्रमाण पत्र

उत्तराखंड में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के क्रियान्वयन की दिशा में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। प्रदेश में रह रहे पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए 153 शरणार्थियों के ऑनलाइन आवेदन भारत सरकार द्वारा स्वीकार कर लिए गए हैं। ये वे लोग हैं जिन्होंने धार्मिक उत्पीड़न के कारण अपना घर-बार छोड़ा और भारत में शरण ली। अब केंद्र सरकार ने इन्हें आधिकारिक तौर पर भारतीय नागरिकता प्रदान करने का निर्णय लिया है। गृह विभाग की गहन जांच और केंद्र के दिशा-निर्देशों के बाद इन आवेदनों को हरी झंडी दी गई है, जिससे इन परिवारों में हर्षोल्लास का माहौल है। 

7 मार्च को हरिद्वार में 'नागरिकता उत्सव'

सूत्रों के अनुसार, आगामी 7 मार्च को धर्मनगरी हरिद्वार में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह स्वयं मौजूद रहेंगे और पात्र लाभार्थियों को नागरिकता प्रमाण पत्र सौंपेंगे।

  • लाभार्थियों का विवरण: नागरिकता पाने वालों में 147 लोग पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थी हैं, जबकि 6 लोग अफगानिस्तान से आए हैं।
  • विचाराधीन आवेदन: प्रशासन ने बताया कि अभी भी 51 आवेदन जांच की प्रक्रिया में हैं, जिन पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।
  • यह कार्यक्रम न केवल नागरिकता देने का मंच होगा, बल्कि यह उन हजारों लोगों के लिए उम्मीद की किरण है जो वर्षों से अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहे थे।

CAA नागरिकता: मुख्य पात्रता और नियम

श्रेणीविवरण
प्रभावी तिथि31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आए लोग
मूल देशपाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश
धर्म/समुदायहिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई
प्रक्रियाऑनलाइन आवेदन और गृह मंत्रालय द्वारा सत्यापन

अमित शाह का दौरा: चुनावी शंखनाद और विकास की समीक्षा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का यह हरिद्वार दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  1. सरकार के 4 साल का जश्न: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार के चार साल पूरे होने के उपलक्ष्य में यह कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। अमित शाह इस दौरान प्रदेश सरकार के विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे।
  2. चुनावी आगाज: राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस कार्यक्रम के जरिए भाजपा अगले साल होने वाले प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों का विधिवत शंखनाद भी कर देगी।
  3. जन संवाद: गृह मंत्री जन संवाद के जरिए जनता की नब्ज टटोलेंगे और संगठन को नई ऊर्जा देंगे।

मुख्यमंत्री धामी का विजन: "अतिथि देवो भव:" से "नागरिक सम्मान" तक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के 'संकल्प से सिद्धि' का परिणाम बताया है। मुख्यमंत्री का कहना है कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहाँ शरण लेने वाले हमारे भाई-बहनों को उनका अधिकार मिलना गौरव की बात है। हरिद्वार में होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं की तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं।

Previous Post Next Post

Contact Form