अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आगामी 8 मार्च को देहरादून में एक भव्य खेल आयोजन होने जा रहा है। Vikas Nagar Athletic Club और Pink Panthers Group Uttarakhand के संयुक्त तत्वावधान में 'पिंक हाफ मैराथन देहरादून 1.0' का आयोजन किया जाएगा। इस मैराथन का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना और समाज में फिट रहने का संदेश पहुँचाना है। आयोजन को लेकर शहर के युवाओं और पेशेवर धावकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
विभिन्न श्रेणियों में होगा मुकाबला: मेडल और नकद पुरस्कार
प्रतियोगिता को समावेशी बनाने के लिए आयोजकों ने इसे चार प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया है, ताकि हर आयु वर्ग के लोग इसमें भाग ले सकें:
- 21 किमी (हाफ मैराथन): पेशेवर धावकों के लिए मुख्य आकर्षण।
- 10 किमी और 5 किमी: फिटनेस प्रेमियों और उत्साही युवाओं के लिए।
- 2 किमी फन रन: परिवारों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए एक मनोरंजक दौड़।
पुरस्कार: प्रत्येक श्रेणी को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी प्रतिभागियों को मेडल देकर सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा, विजेताओं के लिए विशेष ट्रॉफी और आकर्षक नकद पुरस्कार (Cash Prizes) की भी घोषणा की गई है।
पिंक हाफ मैराथन: आयोजन की मुख्य विशेषताएं
| विवरण | जानकारी |
| आयोजन तिथि | 8 मार्च 2026 (अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस) |
| आयोजक | विकासनगर एथलेटिक क्लब एवं पिंक पैंथर्स ग्रुप उत्तराखंड |
| मेडिकल पार्टनर | कैलाश अस्पताल (Kailash Hospital) |
| फिजियो पार्टनर | डॉल्फिन पीजी इंस्टीट्यूट (Dolphin PG Institute) |
| प्रतिभागी | उत्तराखंड के सभी 13 जिले एवं अन्य पड़ोसी राज्य |
सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का पुख्ता इंतजाम
इतने बड़े आयोजन की सफलता के लिए सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है।
- सुरक्षा: मैराथन रूट पर पुलिस प्रशासन की कड़ी निगरानी रहेगी ताकि धावकों को कोई परेशानी न हो।
- स्वास्थ्य सेवा: किसी भी आपात स्थिति के लिए कैलाश अस्पताल (Kailash Hospital) मेडिकल पार्टनर के रूप में एम्बुलेंस और डॉक्टर उपलब्ध कराएगा।
- फिजियोथेरेपी: धावकों की मांसपेशियों में खिंचाव या चोट की स्थिति में डॉल्फिन पीजी इंस्टीट्यूट की टीम फिजियोथैरेपी सपोर्ट प्रदान करेगी।
देश भर से जुटेंगे धावक
इस दौड़ की गूँज केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं है। आयोजकों के अनुसार, उत्तराखंड के सभी 13 जनपदों के अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों के धावक भी देहरादून पहुँच रहे हैं। यह आयोजन न केवल एक खेल प्रतियोगिता है, बल्कि यह देवभूमि की नारी शक्ति को एक मंच पर लाने का एक बड़ा प्रयास है।