उधम सिंह नगर जिले के गदरपुर (दिनेशपुर) क्षेत्र के कलीनगर गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ रहने वाले 17 वर्षीय अनुज राठौर ने अपने ही घर में पंखे से लटककर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस आत्मघाती कदम के पीछे की वजह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर हुई एक अधूरी प्रेम कहानी बताई जा रही है। अनुज की कुछ समय पहले इंस्टाग्राम के जरिए एक युवती से दोस्ती हुई थी, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। लेकिन किसे पता था कि यह डिजिटल रिश्ता एक दिन हकीकत में मातम लेकर आएगा।
ब्रेकअप का सदमा नहीं झेल सका अनुज
परिजनों और आसपास के लोगों के अनुसार, हाल ही में युवती ने अनुज से बातचीत बंद कर दी थी और कथित तौर पर रिश्ता तोड़ लिया था। इस 'ब्रेकअप' के बाद से अनुज गहरे मानसिक तनाव (Depression) में रहने लगा था। वह गुमसुम रहने लगा और आखिरकार तनाव के इसी भंवर में फंसकर उसने मौत को गले लगा लिया।
- परिवार का सहारा छिना: अनुज अपने पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। माता-पिता को उम्मीद थी कि बड़ा बेटा घर की जिम्मेदारी संभालेगा, लेकिन इस एक फैसले ने पूरे परिवार को उम्र भर का गम दे दिया है। फिलहाल कलीनगर गांव में सन्नाटा पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटनाक्रम और पुलिस की कार्रवाई
| विवरण | जानकारी |
| मृतक का नाम | अनुज राठौर (उम्र 17 वर्ष) |
| स्थान | कलीनगर, थाना दिनेशपुर (गदरपुर) |
| वजह | इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती टूटने के बाद मानसिक तनाव |
| वर्तमान स्थिति | पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, जांच जारी |
पुलिस जांच और कानूनी प्रक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही दिनेशपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे अनुज के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया चैट्स की जांच कर सकते हैं ताकि आत्महत्या के वास्तविक कारणों और परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।
विशेषज्ञों की राय: किशोरों को 'डिजिटल दुनिया' से बचाने की जरूरत
यह घटना एक बार फिर इस कड़वी सच्चाई को उजागर करती है कि किशोरों के लिए सोशल मीडिया का आकर्षण जानलेवा साबित हो रहा है। मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि किशोरावस्था (Adolescence) में बच्चे भावनात्मक रूप से काफी कच्चे होते हैं।
अभिभावकों के लिए संदेश: अपने बच्चों के व्यवहार में आ रहे बदलावों पर नजर रखें। यदि बच्चा अचानक गुमसुम हो जाए या सोशल मीडिया पर अधिक समय बिताने लगे, तो उनसे मित्रवत संवाद करें। उन्हें समझाएं कि वर्चुअल दुनिया से परे भी एक वास्तविक और खूबसूरत जिंदगी है।
