देहरादून बार विवाद: खाकी के भीतर छिड़ा 'शीतयुद्ध'! आईजी और एसएसपी से जवाब तलब, NSUI ने खोला मोर्चा


Aapki Media AI


देहरादून | 29 अप्रैल, 2026 : राजधानी देहरादून के राजपुर रोड स्थित एक नामी बार-रेस्टोरेंट में शनिवार रात हुई घटना ने उत्तराखंड पुलिस महकमे के भीतर की खींचतान को सड़क पर ला दिया है। मामला इतना बढ़ गया है कि पुलिस मुख्यालय ने इसे अनुशासनहीनता और कार्यप्रणाली पर सवाल मानते हुए आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप और एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल से स्पष्टीकरण मांगा है।

देहरादून बार विवाद: खाकी के भीतर छिड़ा 'शीतयुद्ध'! आईजी और एसएसपी से जवाब तलब, NSUI ने खोला मोर्चा

क्या है शनिवार रात का 'हाई-प्रोफाइल' ड्रामा?

घटना शनिवार रात करीब 12 बजे की है। बताया जा रहा है कि आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप सपरिवार राजपुर रोड के एक बार-रेस्टोरेंट में डिनर कर रहे थे।

  1. जब आईजी बाहर निकले, तो उन्होंने देखा कि प्रतिष्ठान के नीचे कई थानों की भारी पुलिस फोर्स तैनात थी।
  2. आईजी ने मौके पर इतनी बड़ी संख्या में फोर्स की मौजूदगी पर सवाल उठाए। उनका तर्क था कि पूरे शहर की सुरक्षा को ताक पर रखकर एक ही जगह पर इतनी फोर्स लगाना गलत है। उन्होंने पूछा कि यदि इस दौरान शहर के दूसरे कोने में कोई बड़ी वारदात हो जाती, तो जिम्मेदार कौन होता?

विवाद के मुख्य बिंदु: क्यों उलझ गया महकमा?

पक्षमुख्य तर्क / स्थिति
आईजी राजीव स्वरूपएक ही बार पर इतनी फोर्स क्यों? अन्य क्षेत्रों की सुरक्षा की अनदेखी का आरोप।
प्रमोद कुमार (एसपी सिटी)खबरों को भ्रामक बताया; कहा- "मैं मौके पर नहीं, कुठाल गेट पर चेकिंग में था।"
पुलिस मुख्यालय (ADG)आईजी और एसएसपी से 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी।
शासन के नियममुख्यमंत्री के निर्देशानुसार वीकेंड पर रात 12 बजे तक ही बार संचालन की अनुमति।

मुख्यालय की सख्ती: एडीजी वी. मुरुगेसन ने संभाली कमान

मामले ने जब तूल पकड़ा, तो एडीजी (अपराध एवं कानून व्यवस्था) वी. मुरुगेसन ने आईजी और एसएसपी दोनों से लिखित जवाब मांगा। हालांकि, विधानसभा के विशेष सत्र की व्यस्तता के कारण रिपोर्ट में देरी हुई, लेकिन अब मुख्यालय ने सख्त रुख अपनाते हुए जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने का अल्टीमेटम दिया है।

राजनीतिक रंग: NSUI का उग्र प्रदर्शन

इस विभागीय विवाद में अब सियासत भी प्रवेश कर चुकी है। NSUI के कार्यकर्ताओं ने देहरादून में प्रदर्शन करते हुए आईजी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

  1. जिला अध्यक्ष हिमांशु ने कहा कि एक तरफ पुलिस 'ऑपरेशन प्रहार' और 'नाइट स्ट्राइक' के नाम पर आम जनता पर सख्ती कर रही है, वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ अधिकारी खुद देर रात तक बार-रेस्टोरेंट में मौजूद रहकर नियमों को ठेंगा दिखा रहे हैं
  2. छात्र संगठन ने मांग की है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई हो, अन्यथा राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

कानून की नजर में क्या है नियम?

उत्तराखंड सरकार ने देहरादून में हालिया अपराधों को देखते हुए बार और क्लबों के लिए सख्त समय सीमा तय की है:

  • वीकेंड (शनिवार-रविवार): रात 12:00 बजे तक।
  • अन्य दिन: रात 11:00 बजे तक।

यह विवाद सिर्फ एक रात के डिनर या पुलिस बल की तैनाती तक सीमित नहीं है। यह पुलिसिंग के 'दोहरे मापदंड', अनुशासन और अधिकारियों के बीच समन्वय की कमी को उजागर करता है। अब सबकी नजरें आईजी और एसएसपी द्वारा सौंपी जाने वाली रिपोर्ट पर हैं, जो देहरादून पुलिस की भविष्य की कार्यप्रणाली तय करेगी।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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