दुबई में 'रेड कॉर्नर', देहरादून में खलबली: 45 करोड़ डकार कर फरार बिल्डर की पत्नी गिरफ्तार; क्या अब मिलेगा 90 परिवारों को इंसाफ?


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देहरादून | 28 अप्रैल, 2026 : राजधानी देहरादून के रियल एस्टेट इतिहास का वह काला अध्याय, जिसने सैकड़ों परिवारों के घर का सपना उजाड़ दिया था, अब अपने अंजाम की ओर बढ़ता दिख रहा है। वर्ष 2020 में पुलिस और जांच एजेंसियों की आंखों में धूल झोंककर विदेश फरार हुए पुष्पांजलि इंफ्राटेक के बिल्डर दंपती में से राखी मित्तल को दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है।

दुबई में 'रेड कॉर्नर', देहरादून में खलबली: 45 करोड़ डकार कर फरार बिल्डर की पत्नी गिरफ्तार

यह गिरफ्तारी इंटरपोल (Interpol) द्वारा जारी रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर हुई है। इस खबर ने उन 90 फ्लैट खरीदारों के जख्मों पर मरहम लगाने का काम किया है, जो पिछले 6 सालों से अपनी गाढ़ी कमाई की वापसी की उम्मीद में खंडहर बन चुके 'ऑर्किड पार्क' को देख रहे थे।

1. मिशन 'प्रत्यर्पण': खाकी की बड़ी कामयाबी

अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) अपराध एवं कानून व्यवस्था, वी. मुरुगेसन ने पुष्टि की है कि राखी मित्तल को दुबई पुलिस ने अपनी हिरासत में ले लिया है। देहरादून पुलिस ने अब प्रत्यर्पण (Extradition) की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि उसे भारत लाकर कानूनी कटघरे में खड़ा किया जा सके।

बड़ा सवाल: मुख्य आरोपी दीपक मित्तल अभी भी फरार है। लेकिन कानून के विशेषज्ञों का मानना है कि पत्नी की गिरफ्तारी के बाद अब दीपक पर मनोवैज्ञानिक दबाव बढ़ेगा। या तो वह जल्द पकड़ा जाएगा या फिर सरेंडर करने को मजबूर होगा।

2. फ़रेब का 'ऑर्किड पार्क': कैसे बुना गया ठगी का जाल?

पुष्पांजलि इंफ्राटेक कंपनी के निदेशक दीपक मित्तल और उनकी पत्नी राखी मित्तल ने अपने पार्टनर राजपाल वालिया के साथ मिलकर सहस्रधारा रोड पर एक लग्जरी ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट ‘ऑर्किड पार्क’ का सपना बेचा।

  1. सपना: 8 भव्य टावर, 331 आलीशान फ्लैट और विश्वस्तरीय सुविधाएं।
  2. हकीकत: खरीदारों से पैसा लिया गया, लेकिन निर्माण केवल दो टावरों के ढांचे तक ही सीमित रहा।
  3. धोखाधड़ी: करीब 90 लोगों से 45 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की गई।
  4. फरारी: 2020 में जब खरीदारों का दबाव बढ़ा, तो यह दंपती अपने बच्चों (रुद्राक्ष और दीया) के साथ रातों-रात देश छोड़कर गायब हो गया।

3. घोटाले का गणित: एक नजर में

विवरणआंकड़े / जानकारी
कुल ठगी की राशि₹45 करोड़ (फ्लैट खरीदारों से)
बैंक लोन (NPA)₹21 करोड़ (PNB इंदिरा नगर शाखा)
कुल मुकदमेदेहरादून के विभिन्न थानों में 10 मुकदमे
जमीन की कीमत₹150 करोड़ (वर्तमान बाजार भाव)
परियोजना की स्थिति2018 से निर्माण बंद, ढांचे खंडहर में तब्दील
रेरा (RERA) केसऑर्किड पार्क से जुड़े कुल 62 मामले

4. 'ऑपरेशन रेड कॉर्नर' और इंटरपोल की एंट्री

शुरुआत में इस दंपती की तलाश के लिए ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था, जिसका उद्देश्य केवल उनकी लोकेशन पता करना था। लेकिन जब मामला मनी लॉन्ड्रिंग और करोड़ों की ठगी का निकला, तो इसे रेड कॉर्नर नोटिस में अपग्रेड किया गया। इसी नोटिस की बदौलत इंटरपोल ने उनकी मूवमेंट ट्रैक की और दुबई पुलिस को अलर्ट किया।

5. ईडी (ED) और एसटीएफ (STF): शिकंजा और भी कसता गया

यह मामला केवल स्थानीय पुलिस तक सीमित नहीं रहा। घोटाले की गंभीरता को देखते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की।

  • अटैचमेंट: ईडी ने ऑर्किड पार्क परियोजना की जमीन और कुछ निर्माणाधीन फ्लैट्स को पहले ही अटैच कर दिया है।
  • एसटीएफ की कार्रवाई: उत्तराखंड एसटीएफ ने फरार बिल्डर के पिता अश्वनी मित्तल को पहले ही सलाखों के पीछे भेज दिया था।
  • फर्जी ट्रांजेक्शन: जांच में खुलासा हुआ कि दीपक ने भागने से पहले ₹7.46 करोड़ कंपनी के खाते से निकालकर अपने करीबियों को ट्रांसफर किए थे।

6. खंडहर बने अरमान: खरीदारों का दर्द

सहस्रधारा रोड पर खड़ी 'ऑर्किड पार्क' की अधूरी इमारतें आज देहरादून के रियल एस्टेट सेक्टर के भरोसे के कत्ल की गवाह हैं।

  1. 150 करोड़ की संपत्ति पर संकट: कंपनी के पार्टनर राजपाल वालिया की जमीन पर यह प्रोजेक्ट था। आज न तो वह जमीन बिक सकती है और न ही प्रोजेक्ट पूरा हो सकता है क्योंकि मामला NCLT (दिवालिया प्रक्रिया) और ED के फेर में फंसा है।
  2. खरीदारों की बेबसी: जिन मध्यमवर्गीय परिवारों ने रिटायरमेंट फंड या जीवनभर की बचत इस फ्लैट में लगा दी थी, वे आज दर-दर भटक रहे हैं।

7. अब आगे क्या होगा? (Roadmap to Justice)

राखी मित्तल की गिरफ्तारी से फर्जीवाड़े के कई राज खुलेंगे। पुलिस और ईडी की अगली रणनीति कुछ इस प्रकार हो सकती है:

  • रिमांड पर पूछताछ: भारत आते ही राखी मित्तल से उन करोड़ों रुपयों के बारे में पूछा जाएगा जो विदेश ट्रांसफर किए गए।
  • सहयोगियों पर गाज: जिन लोगों के खातों में पैसे ट्रांसफर हुए, उन पर फिर से जांच की आंच पहुँचेगी।
  • समाधान की उम्मीद: यदि संपत्ति की नीलामी या NCLT के माध्यम से कोई नया बिल्डर मिलता है, तो खरीदारों को उनके फ्लैट या पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ेगी।

विश्वास की बहाली जरूरी

पुष्पांजलि बिल्डर घोटाला उत्तराखंड के रियल एस्टेट के लिए एक बड़ा सबक है। राखी मित्तल की गिरफ्तारी यह संदेश देती है कि कानून के हाथ चाहे कितने भी लंबे क्यों न हों, वे अपराधी तक जरूर पहुँचते हैं। लेकिन असली जीत तभी होगी जब 90 पीड़ित परिवारों को उनकी मेहनत की कमाई वापस मिलेगी।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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