देहरादून, 28 मार्च 2026: उत्तराखंड में निर्वाचन नामावली के शुद्धिकरण को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारी तेज कर दी है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि प्रदेश में प्री-एसआईआर (Pre-SIR) फेज के तहत 85% मैपिंग पूरी हो चुकी है। अब 1 अप्रैल से उन बूथों पर सघन अभियान चलाया जाएगा जहाँ मैपिंग कम हुई है।
निर्वाचन आयोग: मैपिंग और BLA नियुक्ति की स्थिति
| मुख्य बिंदु | विवरण और प्रगति (Current Status) |
| अभियान तिथि | 1 अप्रैल 2026 से सघन डोर-टू-डोर चेकिंग |
| मैपिंग लक्ष्य | 85% कार्य पूर्ण, शेष बूथों पर विशेष फोकस |
| डिजिटल सुविधा | "बुक ए कॉल विद बीएलओ" फीचर लॉन्च |
| BLA नियुक्ति | प्रदेश में अब तक कुल 19,116 बीएलए नियुक्त |
| मुख्य अधिकारी | डॉ. विजय कुमार जोगदंडे (अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी) |
मतदाता सूची शुद्धिकरण और नई डिजिटल सुविधाएं
- घर बैठे BLO से संपर्क: भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं के लिए "बुक ए कॉल विद बीएलओ" की सुविधा शुरू की है। मतदाता https://voters.eci.gov.in या ECI-NET ऐप के माध्यम से कॉल बुक कर सकते हैं। कॉल बुक होने के 48 घंटे के भीतर बीएलओ स्वयं आपसे संपर्क करेगा।
- 1 अप्रैल से सघन अभियान: मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देशानुसार, 1 अप्रैल से डोर-टू-डोर सर्वे कर 'एब्सेंट, शिफ्टेड और डेथ' (ASD) सूची तैयार की जाएगी। इसका उद्देश्य मतदाता सूची से मृतकों और अन्यत्र शिफ्ट हुए लोगों के नाम हटाकर सूची को त्रुटिहीन बनाना है।
- राजनीतिक दलों की भूमिका: वर्तमान में भाजपा ने 9276, कांग्रेस ने 9506, सीपीआई (एम) ने 217 और बसपा ने 117 बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त किए हैं। आयोग ने सभी दलों से शत-प्रतिशत बूथों पर एजेंट तैनात करने की अपील की है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
- कम मैपिंग वाले बूथों पर नजर: निर्वाचन आयोग उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रहा है जहाँ मैपिंग का प्रतिशत कम है। इन क्षेत्रों में अतिरिक्त टीमें भेजकर शुद्धिकरण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
- सचिवालय में प्रेस वार्ता: बैठक में उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी और सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास भी मौजूद रहे, जिन्होंने तकनीकी प्रगति और जमीनी स्तर की चुनौतियों पर चर्चा की।
सुगम और पारदर्शी निर्वाचन की तैयारी
निर्वाचन आयोग की यह डिजिटल पहल मतदाताओं को जागरूक करने और चुनावी प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। 1 अप्रैल से शुरू होने वाला अभियान उत्तराखंड में एक सटीक और विश्वसनीय मतदाता सूची सुनिश्चित करेगा।
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