देहरादून | 20 अप्रैल, 2026 : मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को देश की महिलाओं के सम्मान, अधिकार और राजनीतिक भागीदारी के लिए एक युगांतकारी कदम करार दिया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए विपक्षी दलों के नकारात्मक रवैये पर तीखे प्रहार किए।
महिलाओं को निर्णय-निर्माण में मिलेगा समान हक
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अधिनियम केवल एक कानून नहीं, बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी योग्यता साबित कर रही हैं और अब उन्हें नीतियों के निर्माण (Decision-making) की मुख्यधारा में शामिल करना अनिवार्य है।
"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह अधिनियम महिलाओं को शासन और प्रशासन में समान भागीदारी देने का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक समावेशी और मजबूत बनाएगा।" — मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
विपक्षी दलों पर जमकर बरसे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), तृणमूल कांग्रेस (TMC) और DMK जैसे दलों पर महिलाओं के अधिकारों को बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि:
- विपक्षी दलों ने हमेशा राजनीतिक स्वार्थों को मातृशक्ति के हितों से ऊपर रखा है।
- विपक्ष द्वारा परिसीमन और लागू करने की समयसीमा को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम पूरी तरह निराधार है।
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहले ही संसद में स्पष्ट कर दिया है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह संवैधानिक और पारदर्शी है।
भ्रम फैलाने वालों को जनता देगी जवाब
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि देश की महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति अत्यंत सजग और जागरूक हैं। उन्होंने कहा कि जो दल महिलाओं के सशक्तिकरण के मार्ग में रोड़े अटका रहे हैं और भ्रम का जाल बुन रहे हैं, भविष्य में मातृशक्ति उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब देगी।
सशक्तिकरण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता
अंत में मुख्यमंत्री ने दोहराया कि केंद्र और उत्तराखंड की राज्य सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति का सम्मान करना और उन्हें आगे बढ़ाना हमारी संस्कृति का हिस्सा है और सरकार की नीतियां इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए बनाई जा रही हैं।
