चम्पावत/लोहाघाट | 20 अप्रैल, 2026 ; उत्तराखंड के चम्पावत जनपद में वन्यजीव तस्करी के खिलाफ पुलिस और वन विभाग को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसओजी (SOG), स्थानीय पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने रीठा साहिब क्षेत्र में छापेमारी कर एक युवक को गुलदार (तेंदुआ) की खाल के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
चेकिंग अभियान के दौरान दबोचा गया आरोपी
जानकारी के अनुसार, भिंगराडा वन क्षेत्र के अंतर्गत चैड़ा मेहता लीसा डिपो के पास टीम द्वारा सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक स्कूटी सवार युवक की गतिविधि संदिग्ध लगने पर उसे रोका गया। तलाशी लेने पर युवक के पास मौजूद थैले से 120 सेंटीमीटर लंबी गुलदार की खाल बरामद हुई।
आरोपी की पहचान:
- नाम: दीपक सिंह बोहरा (28 वर्ष)
- निवासी: ग्राम गागरी, चम्पावत
फंदा लगाकर किया था शिकार, हड्डियां भी छिपाईं
वन विभाग की पूछताछ में आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। एसपी चम्पावत रेखा यादव ने बताया कि आरोपी ने कुछ महीने पहले जंगल में फंदा लगाकर गुलदार का शिकार किया था। खाल उतारने के बाद उसने गुलदार की हड्डियां जंगल में ही कहीं छिपा दी थीं। आरोपी इस खाल को ऊंचे दामों पर बेचने के इरादे से लोहाघाट ले जा रहा था।
वन विभाग की एसडीओ नेहा चौधरी ने बताया कि बरामद खाल को मौके पर ही सील कर दिया गया है। आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।
मोबाइल फोन से मिले शिकार के पुख्ता सबूत
जांच टीम ने जब आरोपी के मोबाइल फोन की तलाशी ली, तो उसमें शिकार से जुड़े कई अहम वीडियो और फोटो बरामद हुए हैं। इन सबूतों से यह स्पष्ट हो गया है कि आरोपी पेशेवर तरीके से इस अवैध धंधे में लिप्त था। पुलिस और वन विभाग अब आरोपी को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि उसकी निशानदेही पर छिपाई गई हड्डियों को बरामद किया जा सके।
बड़े गिरोह की आशंका, जांच जारी
प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस को इस मामले में किसी बड़े गिरोह की संलिप्तता का संदेह है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी यह खाल लोहाघाट में किसे सौंपने जा रहा था और इस तस्करी के तार कहाँ-कहाँ जुड़े हैं।
चम्पावत पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के शिकार और अंगों की तस्करी करने वालों के खिलाफ "जीरो टॉलरेंस" की नीति अपनाई जाएगी।
