ऋषिकेश | 20 अप्रैल, 2026 : उत्तराखंड का प्रमुख चिकित्सा संस्थान एम्स ऋषिकेश (AIIMS Rishikesh) आज देश के सबसे विश्वसनीय और उन्नत स्वास्थ्य सेवा केंद्रों में अपनी पहचान बना चुका है। संस्थान में शल्य चिकित्सा (Surgery) सेवाओं के निरंतर विस्तार और अत्याधुनिक तकनीकों के समावेश के परिणामस्वरूप अब तक 1.59 लाख से अधिक छोटे-बड़े ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न किए जा चुके हैं। यह उपलब्धि संस्थान की बढ़ती क्षमता और आम जनमानस के बीच इसकी गहरी विश्वसनीयता का प्रमाण है।
2014 से 2026: एक दशक में अभूतपूर्व प्रगति
एम्स ऋषिकेश में शल्य चिकित्सा सेवाओं का सफर चुनौतियों भरा लेकिन प्रेरणादायक रहा है। संस्थान के विकास के प्रमुख पड़ाव निम्नलिखित हैं:
शुरुआत (2013-14): अस्पताल में 2013 में ओपीडी सेवाएं शुरू हुईं, जबकि 2014 से सामान्य और सुपरस्पेशलिटी सर्जरी की नींव रखी गई।
आंकड़ों में उछाल: वर्ष 2014 में जहां पूरे साल में केवल 867 ऑपरेशन किए गए थे, वहीं निरंतर विस्तार के चलते वर्ष 2025-26 तक यह कुल आंकड़ा 1.5 लाख के पार पहुँच गया है।
डेढ़ दर्जन से अधिक विभागों में सर्जरी की सुविधा
संस्थान में वर्तमान में सामान्य से लेकर अत्यंत जटिल सर्जरी के लिए अलग-अलग विशिष्ट विभाग संचालित हैं। इनमें शामिल हैं:
- सामान्य सेवाएं: गाइनकोलॉजी (स्त्री रोग), ईएनटी, जनरल सर्जरी, नेत्र रोग और ऑर्थोपेडिक्स।
- सुपरस्पेशलिटी सेवाएं: न्यूरो सर्जरी, सीटीवीएस (हृदय रोग सर्जरी) और पीडियाट्रिक सर्जरी (बच्चों की सर्जरी)।
- उन्नत चिकित्सा: समय के साथ बर्न एवं प्लास्टिक सर्जरी, यूरोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी (कैंसर सर्जरी), ट्रॉमा सर्जरी और गैस्ट्रो सर्जरी जैसी वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं भी शुरू की गई हैं।
क्यों बढ़ रहा है मरीजों का भरोसा?
एम्स ऋषिकेश में मरीजों की संख्या और सफल ऑपरेशनों की दर बढ़ने के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं:
- विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम: यहाँ देश के बेहतरीन सर्जन और पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद हैं।
- अत्याधुनिक तकनीक: ऑपरेशन थिएटरों (OT) में रोबोटिक और न्यूनतम इनवेसिव (Minimal Invasive) सर्जरी की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
- सरकारी योजनाओं का लाभ: आयुष्मान भारत योजना, बीपीएल श्रेणी और गोल्डन कार्ड के माध्यम से मरीजों को निशुल्क या अत्यंत रियायती दर पर उपचार प्रदान किया जा रहा है।
किफायती इलाज: निजी अस्पतालों की तुलना में यहाँ उच्च गुणवत्ता वाली सर्जरी बेहद किफायती दरों पर उपलब्ध है।
देवभूमि का गौरव
अपनी प्रतिबद्धता और उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं के चलते एम्स ऋषिकेश आज केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा के मरीजों के लिए भी एक जीवनरक्षक केंद्र के रूप में उभरा है। 1.59 लाख सफल ऑपरेशनों का यह आंकड़ा संस्थान की सेवा और समर्पण की एक गौरवशाली गाथा कहता है।
