रुद्रप्रयाग, 17 अप्रैल 2026: जनपद के अगस्त्यमुनि क्षेत्र से सामने आए मासूम पंकू हत्याकांड ने पूरे उत्तराखंड को स्तब्ध कर दिया है। 11 दिनों तक लापता रहने के बाद मासूम का शव जंगल में मिलने से जहाँ क्षेत्र में मातम पसरा है, वहीं इस मामले में एक चौंकाने वाला 'नया मोड़' सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित पिता से फिरौती वसूलने वाले एक ठग को गिरफ्तार कर लिया है।
मामले का दर्दनाक घटनाक्रम
- लापता पंकू: ग्राम बाड़व निवासी विजय लाल का पुत्र पंकू 11 दिनों से लापता था।
- बरामदगी: परिजनों की अथक तलाश के बाद मासूम का शव एक घने जंगल से बरामद किया गया, जिसने पूरे इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया है।
- संवेदनहीन ठगी: दुख की घड़ी में जब पूरा परिवार अपने बेटे को ढूंढने के लिए बेहाल था, एक शातिर व्यक्ति ने खुद को 'मददगार' बताकर पिता विजय लाल से बच्चे को खोजने के नाम पर ₹2500 की ठगी की।
पुलिस का शिकंजा और जांच का दायरा
दुखी पिता ने भरोसा कर पैसे ट्रांसफर कर दिए, लेकिन ठग ने अपना असली चेहरा दिखा दिया। मोबाइल ट्रेसिंग के जरिए पुलिस ने इस अपराधी को दबोच लिया है।
जांच के प्रमुख बिंदु:
- पूछताछ जारी: पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या आरोपी केवल ठगी तक सीमित था, या इस हत्याकांड में उसकी कोई संलिप्तता है।
- फॉरेंसिक रिपोर्ट: बच्चे के शव का पोस्टमार्टम हो चुका है। अब सबकी नजरें फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस हत्याकांड से जुड़े कई अहम राज खुल सकते हैं।
"इंसानियत को शर्मसार करने वाली इस घटना ने समाज की नींव हिला दी है। पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।"
न्याय की उठती मांग
इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और भारी आक्रोश है। स्थानीय लोग आरोपियों की जल्द से जल्द पहचान कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से धैर्य रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई में और स्पष्टता आएगी। फिलहाल, यह देखना अहम होगा कि क्या यह ठग केवल मौकापरस्त था या इस खौफनाक वारदात का हिस्सा।