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देहरादून | 25 अप्रैल, 2026 : राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 2026 के अवसर पर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी उत्कृष्ट सेवाओं से अमूल्य योगदान देने वाले प्रतिभाशाली व्यक्तित्वों को सम्मानित किया।
पंचायती राज: लोकतंत्र की मजबूत आधारशिला
अपने संबोधन के दौरान मंत्री सुबोध उनियाल ने पंचायती राज व्यवस्था के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह हमारे देश की सबसे पुरानी और सबसे प्रभावी लोकतांत्रिक व्यवस्था है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ग्रामीण स्तर पर सकारात्मक बदलाव की भावना इसी व्यवस्था से उत्पन्न होती है।
संबोधन के मुख्य अंश:
- पंचायत से पार्लियामेंट तक: देश के समग्र विकास में पंचायतों की भूमिका उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी कि संसद की।
- ग्राम स्वराज का संकल्प: प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'ग्राम स्वराज' के संकल्प को धरातल पर उतारा जा रहा है, जिससे विकास की किरण गांव-गांव तक पहुंच रही है।
- सशक्त राष्ट्र की नींव: जिस देश की पंचायतें आत्मनिर्भर और सशक्त होती हैं, वह राष्ट्र उतना ही अधिक मजबूत और समृद्ध बनता है।
ग्रामीण भारत का सशक्तिकरण ही असली विकास
मंत्री श्री उनियाल ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और ग्रामीण भारत को सशक्त किए बिना हम एक विकसित राष्ट्र की कल्पना नहीं कर सकते। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं को लोकतंत्र की आधारशिला बताते हुए इन्हें और अधिक आत्मनिर्भर, जवाबदेह और पारदर्शी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
"आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विभिन्न ऐतिहासिक पहलों और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से पंचायतों को सीधे विकास की मुख्यधारा से जोड़ा गया है। हमारी प्राथमिकता पंचायतों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाना है।" — सुबोध उनियाल, कैबिनेट मंत्री
प्रतिभाओं का सम्मान और भविष्य की प्रेरणा
कार्यक्रम के दौरान उन व्यक्तियों को सम्मानित किया गया जिन्होंने ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वच्छता और सामुदायिक सेवाओं में असाधारण कार्य किया है। मंत्री जी ने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल वर्तमान में कार्य कर रहे लोगों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि नई पीढ़ी को भी समाज सेवा और ग्रामीण उत्थान के लिए प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए आयोजकों की सराहना की और सभी जन प्रतिनिधियों व ग्रामीण विकास से जुड़े अधिकारियों से आह्वान किया कि वे पूर्ण निष्ठा के साथ गांवों के सर्वांगीण विकास में अपना योगदान दें।
