रुद्रप्रयाग: 9 दिनों से जारी तलाश खत्म, पर मिली दुखद खबर; बाड़ब गांव के 5 वर्षीय मासूम पंकू का शव जंगल में मिला


Aapki Media AI


रुद्रप्रयाग, 13 अप्रैल 2026: रुद्रप्रयाग जिले के बाड़ब गांव से एक बेहद हृदयविदारक खबर सामने आई है। बीते 4 अप्रैल से लापता चल रहा 5 वर्षीय मासूम मयंक उर्फ पंकू अब इस दुनिया में नहीं रहा। रविवार, 12 अप्रैल को गांव से लगभग दो किलोमीटर दूर एक दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में पंकू का शव बरामद किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में मातम पसर गया है।

बाड़ब गांव के 5 वर्षीय मासूम पंकू का शव जंगल में मिला

घटनाक्रम: 4 अप्रैल से 12 अप्रैल तक

तारीखघटना
04 अप्रैलपंकू दोपहर में अपनी मां के पीछे-पीछे खेत की ओर निकला और अचानक लापता हो गया।
05 - 11 अप्रैलपुलिस, SDRF और ग्रामीणों द्वारा सघन तलाशी अभियान (कॉम्बिंग) चलाया गया।
12 अप्रैलगांव से करीब 2 किमी दूर जंगल में मासूम का शव बरामद हुआ।
वर्तमान स्थितिशव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, पुलिस रिपोर्ट का इंतज़ार कर रही है।

मां की एक छोटी सी चूक और बिखरा परिवार

परिजनों के अनुसार, 4 अप्रैल को पंकू के पिता खेत में काम कर रहे थे और मां मनसा देवी उनके लिए खाना लेकर खेत की ओर निकलीं। मासूम पंकू बिना किसी को बताए अपनी मां के पीछे निकल गया। मां को भनक तक नहीं लगी कि उनका लाडला उनके पीछे आ रहा है। जब मां वापस लौटी, तो घर का आंगन सूना था। 9 दिनों तक चला हर संभव प्रयास अंत में मासूम के शव की बरामदगी पर आकर थमा।

पूरे गांव में पसरा सन्नाटा

जिस आंगन में 5 वर्षीय पंकू की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब केवल चीख-पुकार और मातम है। ग्रामीणों ने बताया कि वे पिछले 9 दिनों से मंदिरों में पंकू की सलामती की मन्नतें मांग रहे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। इस घटना के बाद से बाड़ब गांव में भय, अनिश्चितता और गहरा शोक है।
स्थानीय लोगों और परिजनों ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि 5 वर्षीय मासूम आखिर जंगल के उस दुर्गम इलाके तक कैसे पहुँचा और उसकी मौत का असली कारण क्या है।

प्रशासन की सक्रियता

एसडीआरएफ पोस्ट रतूड़ा के उप निरीक्षक आशीष डिमरी के नेतृत्व में टीम ने विषम भौगोलिक परिस्थितियों और घने जंगलों में ड्रोन की मदद से तलाशी ली। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली गुत्थी सुलझ सकेगी।

यह घटना न केवल एक परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। हम पंकू की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं और ईश्वर से शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति देने की कामना करते हैं।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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