मुख्यमंत्री धामी ने ऋषिकेश को दी ₹29.78 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात; चारधाम और पर्यटन क्षेत्र में बना नया रिकॉर्ड


Aapki Media AI


ऋषिकेश/देहरादून, 03 जून, 2026: उत्तराखंड के तीर्थ नगरी ऋषिकेश में देश के शहरी स्थानीय निकायों (Urban Local Bodies) के सुदृढ़ीकरण और स्मार्ट सिटी गवर्नेंस को लेकर एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय समागम की शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को होटल नटराज, ऋषिकेश में आयोजित 'अखिल भारतीय महापौर परिषद' (All India Council of Mayors) की 117वीं कार्यकारी समिति की बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में देश भर के विभिन्न महानगरों और नगर निगमों के मेयर (महापौर), शहरी विकास विशेषज्ञ और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री धामी ने ऋषिकेश को दी ₹29.78 करोड़ की विकास योजनाओं की सौगात; चारधाम और पर्यटन क्षेत्र में बना नया रिकॉर्ड


इस महत्वपूर्ण अवसर को ऐतिहासिक बनाते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने योग नगरी ऋषिकेश और आस-पास के क्षेत्रों के लिए ₹29.78 करोड़ की कुल लागत वाली 3 बड़ी विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। राज्य सरकार की इस अवसंरचनात्मक (Infrastructure) पहल में ₹23.15 करोड़ की 1 महत्वाकांक्षी योजना का लोकार्पण तथा ₹6.63 करोड़ की 2 जनकल्याणकारी योजनाओं का शिलान्यास शामिल है, जो ऋषिकेश को पर्यावरण और आधुनिकता के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने में मददगार साबित होंगी।


"देश की आत्मा गांवों में, तो नागरिकों के सपने शहरों में आकार लेते हैं": मुख्यमंत्री धामी


कार्यकारी समिति के मंच से देश भर से आए महापौरों का देवभूमि उत्तराखंड की ओर से आत्मीय स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थानीय स्वशासन (Local Self-Government) में मेयरों की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि एक मेयर केवल एक प्रशासनिक पद नहीं है, बल्कि वह शहर के सर्वांगीण विकास का सूत्रधार होता है।


मुख्यमंत्री धामी का मेयरों को संबोधन:


"देश के सभी नगर निगमों के मेयर अपने-अपने शहरों के 'प्रथम नागरिक' हैं। आप सभी अपने शहरवासियों की आशाओं, अपेक्षाओं, आकांक्षाओं और उनके अटूट विश्वास के सीधे प्रतिनिधि हैं। स्थानीय स्तर पर आपके द्वारा लिए गए नीतिगत निर्णय न केवल वर्तमान शहर को प्रभावित करते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की रूपरेखा भी तय करते हैं। यदि हमारे देश की आत्मा हमारे शांत गाँवों में बसती है, तो हमारे नागरिकों के आधुनिक सपने, उनकी उच्च आकांक्षाएँ और उनके भविष्य की अनंत संभावनाएँ इन्हीं शहरों में आकार लेती हैं।"


 

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत की छवि को सशक्त बनाने के लिए हमारे शहरों को सुव्यवस्थित, स्वच्छ, सुरक्षित और आर्थिक रूप से समृद्ध बनाना अनिवार्य है।


लोकार्पण एवं शिलान्यास की गई ₹29.78 करोड़ की विकास योजनाएं 


ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत मुख्यमंत्री द्वारा जिन महत्वपूर्ण ढांचागत और पर्यावरण अनुकूल परियोजनाओं की सौगात दी गई है, उनका वित्तीय एवं भौतिक विवरण इस प्रकार है:


परियोजना श्रेणी (Category)परियोजना का नाम एवं कार्य क्षेत्र (Project Description)कुल आवंटित बजट (Financial Outlay)तकनीकी मॉडल एवं पर्यावरणीय उद्देश्य (Core Objective)
लोकार्पण परियोजना (Inauguration)सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट योजनान्तर्गत कम्पोस्ट प्लांट एवं सैनिटरी लैंडफिल साइट (लाल पानी बीट)।₹23.15 करोड़ (Twenty Three Crore Plus)वैज्ञानिक पद्धति से ठोस कचरा प्रबंधन, लीगेसी वेस्ट का त्वरित निस्तारण।
शिलान्यास परियोजना-1 (Foundation)नगर निगम ऋषिकेश के 10 प्रमुख स्थानों पर ई.वी. (EV) चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण।₹1.80 करोड़ (One Crore Eighty Lakhs)पीपीपी (PPP) मोड पर आधारित, पर्यावरण अनुकूल ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा।
शिलान्यास परियोजना-2 (Foundation)ऋषिकेश के 12 चयनित स्थानों पर वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) कार्य।₹4.83 करोड़ (Four Crore Eighty Three Lakhs)भूमिगत जल स्तर में सुधार और मानसून के दौरान जलभराव की समस्या का अंत।
कुल संचयी योग (Total)3 जनोपयोगी एवं आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं₹29.78 करोड़ (Twenty Nine Crore Plus)ऋषिकेश को मॉडल ग्रीन सिटी के रूप में विकसित करना।

पर्यटन और तीर्थयात्रा में उत्तराखंड का वैश्विक कीर्तिमान: बीते 4 साल में आए 23 करोड़ पर्यटक


अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के उत्तराखंड के प्रति अटूट लगाव और मार्गदर्शन का विशेष आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तराखंड में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर का जो विकास हुआ है, उसी का परिणाम है कि आज राज्य में पर्यटन और तीर्थयात्रा अपने ऐतिहासिक शिखर पर है।


मुख्यमंत्री ने मंच से चारधाम यात्रा और राज्य के अन्य धार्मिक स्थलों के कुछ अत्यंत चौंकाने वाले और गौरवमयी आंकड़े देश के सामने रखे:


  • चारधाम यात्रा का नया रिकॉर्ड: प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इस वर्ष की चारधाम यात्रा ने अपने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। यात्रा शुरू होने के शुरुआती 45 दिनों के भीतर ही 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा केदार, बदरीविशाल, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सरकार की प्राथमिकता श्रद्धालुओं की इस यात्रा को सरल, सुगम और सुरक्षित बनाना है।
  • आदि कैलाश यात्रा में भारी उछाल: सीमांत क्षेत्रों के विकास (Vibrant Village Program) का असर यह हुआ है कि जहां पहले पूरे साल में बमुश्किल 500 लोग आदि कैलाश यात्रा पर आते थे, वहीं इस वर्ष इंफ्रास्ट्रक्चर सुधरने के बाद प्रतिदिन करीब 1000 श्रद्धालु आदि कैलाश पहुंच रहे हैं।
  • मां पूर्णागिरि धाम: चंपावत जिले में स्थित प्रसिद्ध मां पूर्णागिरि मंदिर में भी चालू सीजन में अब तक 24 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने शीश नवाया है।
  • 4 वर्षों का कुल संचयी डेटा: मुख्यमंत्री ने एक विशाल आधिकारिक आंकड़ा साझा करते हुए बताया कि बीते मात्र चार वर्षों में 23 करोड़ से ज्यादा देश-विदेश के पर्यटक और तीर्थयात्री उत्तराखंड की पावन धरती पर आ चुके हैं, जिससे राज्य की आर्थिकी और स्थानीय रोजगार को अभूतपूर्व संबल मिला है।

 

शहरी विकास की राष्ट्रीय नीतियां: देवभूमि में धरातल पर उतरीं केंद्र की योजनाएं


मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत के शहरी क्षेत्रों का कायाकल्प हो रहा है। देश में स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से साफ-सफाई की एक नई जन-संस्कृति का जन्म हुआ है। इसके साथ ही, स्मार्ट सिटी मिशन द्वारा सुव्यवस्थित शहरी विकास का मॉडल तैयार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना ने लाखों गरीबों को छत दी है, तो प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना ने रेहड़ी-पटरी (Street Vendors) वाले छोटे दुकानदारों को आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी बनाया है।
उत्तराखंड के संदर्भ में बात करते हुए सीएम धामी ने कहा कि राज्य के सभी नगर निकायों में इन योजनाओं को शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ लागू किया गया है। प्रत्येक नगर में ठोस कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management) और सफाई व्यवस्था को डिजिटल तकनीकों से सुदृढ़ किया जा रहा है। इसके साथ ही खुले में शौच मुक्त (ODF+) अभियान और शहरों के पुराने कचरे के पहाड़ों (Legacy Waste) के प्रबंधन पर युद्धस्तर पर काम चल रहा है।


उत्तराखंड के नगर निकायों में लागू की गईं 3 अनूठी राज्य स्तरीय योजनाएं


शहरी क्षेत्रों के नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और पर्यावरण संतुलन के लिए उत्तराखंड सरकार द्वारा लागू की गई तीन अनूठी पहलों का मुख्यमंत्री ने विशेष उल्लेख किया:


  • नगरीय निकायों में अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर: शहरी क्षेत्रों के गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को उनके घर के नजदीक ही मुफ्त और उच्च स्तरीय प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश के इतिहास में पहली बार सभी प्रमुख नगर निकायों में 'अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर' स्थापित किए गए हैं।
  • निराश्रित गौवंश के लिए 'आश्रय योजना': शहरों की सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित गोवंश को सुरक्षित और सम्मानजनक आश्रय प्रदान करने, सड़कों को दुर्घटना मुक्त बनाने और पशु कल्याण सुनिश्चित करने के लिए राज्य में 'आश्रय योजना' का सफल संचालन किया जा रहा है।
  • श्वानों की आबादी नियंत्रण हेतु 'एनिमल बर्थ कंट्रोल योजना': स्थानीय शहरी निकायों में आवारा श्वानों (स्ट्रीट डॉग्स) की बढ़ती संख्या और उससे आम जनता को होने वाली परेशानियों और रेबीज जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए वैज्ञानिक और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए बड़े पैमाने पर 'एनिमल बर्थ कंट्रोल' (नसबंदी एवं टीकाकरण) कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।

 

2047 के विकसित भारत की तर्ज पर 'विकसित उत्तराखंड' का संकल्प: सुबोध उनियाल


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रदेश के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने राज्य सरकार के दीर्घकालिक विज़न को साझा किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को एक महाशक्ति और विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा है, उसी की तर्ज पर उत्तराखंड सरकार मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में 'विकसित उत्तराखंड' के रोडमैप पर तेजी से आगे बढ़ रही है।


कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस विज़न को पूरा करने में हमारे महानगरों और नगर निगमों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होने वाली है। जब तक हमारे शहर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं होंगे, तब तक राज्य आत्मनिर्भर नहीं बन सकता। उन्होंने देश भर के मेयरों से अपील की कि वे अपने शहरों में सौर ऊर्जा (Solar Energy), प्रभावी कूड़ा प्रबंधन (Waste to Energy), रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, हरित क्षेत्रों के विकास और स्थानीय व लघु उद्योगों (MSMEs) की स्थापना पर विशेष ध्यान दें।


परियोजनाओं का भौतिक निरीक्षण और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति


लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रमों को संपन्न करने के बाद मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने नगर निगम ऋषिकेश के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए बनाए गए कम्पोस्ट प्लांट के मॉडलों और अन्य विभिन्न स्थलों का भी मौके पर जाकर गहन अवलोकन (Physical Inspection) किया। उन्होंने तकनीकी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य तय समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता मानकों के साथ पूरे होने चाहिए।


इस राष्ट्रीय कार्यकारी समिति की बैठक के गरिमामयी अवसर पर नवनिर्वाचित कैबिनेट मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा, ऋषिकेश के स्थानीय विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री प्रेमचंद्र अग्रवाल, अखिल भारतीय महापौर परिषद के पदाधिकारियों सहित मेयर श्री शंभू पासवान, श्रीमती रेनू बाला गुप्ता, श्री आशुतोष और देश के विभिन्न राज्यों के कोने-कोने से आए दर्जनों शहरों के महापौर, नगर आयुक्त और शहरी निकाय मामलों के विशेषज्ञ उपस्थित रहे।


सुव्यवस्थित शहर ही बनेंगे विकसित भारत का आधार


ऋषिकेश में आयोजित अखिल भारतीय महापौर परिषद की 117वीं बैठक केवल एक प्रशासनिक सम्मेलन नहीं है, बल्कि यह देश के बदलते शहरी परिदृश्य का एक वैचारिक घोषणापत्र है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन से यह स्पष्ट संदेश दिया है कि 21वीं सदी का भारत तभी वैश्विक महाशक्ति बन सकता है जब उसके शहर सुव्यवस्थित, कचरा मुक्त, तकनीकी रूप से स्मार्ट और पर्यावरण के अनुकूल होंगे।


ऋषिकेश में ₹29.78 करोड़ की योजनाओं—विशेष रूप से ₹23.15 करोड़ के कम्पोस्ट प्लांट, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और पीपीपी मोड पर बनने वाले 10 ईवी चार्जिंग स्टेशनों—का शिलान्यास और लोकार्पण यह दर्शाता है कि उत्तराखंड सरकार धार्मिक पर्यटन को आधुनिक पर्यावरण प्रबंधन के साथ जोड़ने में सफल रही है। चार साल में 23 करोड़ पर्यटकों की मेजबानी करने वाले इस राज्य के पास अब अपने शहरों को वैश्विक स्तर का बनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है, और धामी सरकार की नीतियां इसी दिशा में एक सही और समयबद्ध कदम साबित हो रही हैं।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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