देहरादून: विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी सख्त, 18 जून तक शत-प्रतिशत फॉर्म वितरण और डिजिटाइजेशन तेज करने के निर्देश


Aapki Media AI


देहरादून। उत्तराखंड में निर्वाचन नामावलियों के शुद्धिकरण और सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की प्रगति को लेकर निर्वाचन विभाग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान राज्य के अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने जनपद देहरादून के सभी निर्वाचन अधिकारियों के साथ विधानसभावार चल रहे कार्यों की गहन समीक्षा की। बैठक में मुख्य रूप से जनपद के सभी रिटर्निंग ऑफिसर (RO) और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) भौतिक व वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

देहरादून: विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को लेकर अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी सख्त, 18 जून तक शत-प्रतिशत फॉर्म वितरण और डिजिटाइजेशन तेज करने के निर्देश


अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची को त्रुटिहीन और अद्यतन बनाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे इस अभियान को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए दैनिक स्तर पर प्रगति की निगरानी करें। उन्होंने आगामी 18 जून 2026 तक जनपद में शत-प्रतिशत फॉर्म वितरण का कार्य अनिवार्य रूप से पूर्ण करने और प्राप्त फॉर्मों के डिजिटाइजेशन कार्य की गति को दोगुना करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

दैनिक पोर्टल लॉगिन और नियमित निगरानी के कड़े निर्देश

समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने तकनीकी और प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार लाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी रिटर्निंग ऑफिसर्स और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को स्पष्ट कार्ययोजना के तहत काम करने के निर्देश दिए।

प्रशासन द्वारा अभियान के सुचारू संचालन के लिए निम्नलिखित मुख्य दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं:

  • दोहरे लॉगिन की अनिवार्यता: सभी आरओ और ईआरओ को निर्देशित किया गया है कि वे प्रतिदिन प्रातः और सायंकाल अनिवार्य रूप से दो बार संबंधित पोर्टल पर लॉगिन करें। इससे जमीनी स्तर पर हो रहे कार्यों की प्रगति की वास्तविक स्थिति (Real-time monitoring) स्पष्ट हो सकेगी।
  • त्वरित अपलोडिंग व्यवस्था: जो फॉर्म फील्ड स्तर पर नागरिकों द्वारा पूर्ण रूप से भरकर जमा किए जा चुके हैं, उन्हें बिना किसी देरी के तत्काल पोर्टल पर अपलोड किया जाए, ताकि डिजिटाइजेशन की पेंडेंसी न बढ़े।
  • कम प्रगति वाले क्षेत्रों पर फोकस: सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि जिन मतदान केंद्रों या क्षेत्रों में फॉर्म वितरण और डिजिटाइजेशन की प्रगति अपेक्षाकृत कम है, वहां के लिए एक विशेष कार्ययोजना (Special Action Plan) तैयार की जाए।
  • बीएलओ (BLO) का मार्गदर्शन: जिन क्षेत्रों में प्रगति धीमी है, वहां के कारणों का सूक्ष्म विश्लेषण किया जाए। यदि बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को कोई तकनीकी समस्या आ रही है, तो उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण और प्रशासनिक मार्गदर्शन प्रदान कर कार्यों में तेजी लाई जाए।
  • विशेष शिविरों का आयोजन: अभियान के दायरे को बढ़ाने के लिए हाउसिंग सोसायटियों, बड़े कार्यालय परिसरों, शिक्षण संस्थानों और अन्य महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्थलों पर विशेष कैंप/शिविर आयोजित किए जाएं, जिससे कामकाजी और शहरी नागरिकों को इस अभियान से सीधे जोड़ा जा सके।
  • व्यापक प्रचार-प्रसार: आम मतदाताओं को फॉर्म भरने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से विभिन्न प्रचार माध्यमों का उपयोग कर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया गया।

देहरादून जनपद में मतदाता और फॉर्म वितरण के वर्तमान आंकड़े

समीक्षा बैठक के दौरान जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा जनपद देहरादून के अंतर्गत मतदाताओं की कुल संख्या, अब तक वितरित किए जा चुके फॉर्मों और डिजिटाइजेशन की वर्तमान स्थिति के आधिकारिक आंकड़े प्रस्तुत किए गए।

इन आंकड़ों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि निर्धारित समयावधि (18 जून) के भीतर लक्ष्य प्राप्त करने के लिए तकनीकी स्टाफ और बीएलओ को आपसी समन्वय के साथ युद्धस्तर पर कार्य करना होगा।

  • कुल मतदाता संख्या: जनपद देहरादून में वर्तमान में कुल पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 13,76,813 है।
  • वितरित ईएफएस (EFS) फॉर्म: अभियान के तहत अब तक कुल 3,27,236 ईएफएस फॉर्मों का वितरण नागरिकों के बीच सफलतापूर्वक किया जा चुका है।
  • पूर्ण हो चुका डिजिटाइजेशन: वितरित किए गए फॉर्मों में से अब तक 16,748 फॉर्मों को डिजिटल डेटाबेस में शामिल करने (Digitization) का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
  • शेष फॉर्म वितरण का लक्ष्य: आगामी 18 जून तक जनपद के शेष 10,49,577 मतदाताओं तक ईएफएस फॉर्म पहुंचाने का विशाल लक्ष्य निर्धारित है।
  • शेष डिजिटाइजेशन कार्य: इसके अतिरिक्त कुल 13,60,065 फॉर्मों का डिजिटाइजेशन किया जाना अभी शेष है, जिसे दैनिक लक्ष्य तय कर पूरा किया जाएगा।

अभियान का मुख्य विवरण और सांख्यिकीय सार

क्र.सं. निर्वाचन मानक एवं विवरण (Campaign Metrics) वर्तमान स्थिति एवं सांख्यिकीय आंकड़े (Statistical Status)
1. समीक्षा बैठक के मुख्य अध्यक्ष श्री विजय कुमार जोगदंडे (अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी)
2. बैठक का स्थान ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट, देहरादून (उत्तराखंड)
3. अभियान का नाम विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान - 2026
4. फॉर्म वितरण की अंतिम तिथि 18 जून, 2026
5. जनपद में कुल मतदाताओं की संख्या 13,76,813 मतदाता
6. अब तक वितरित ईएफएस (EFS) फॉर्म 3,27,236 फॉर्म
7. शेष बचे फॉर्मों का वितरण लक्ष्य 10,49,577 फॉर्म (18 जून तक पूर्ण करने के निर्देश)
8. अब तक पूर्ण हुआ डिजिटाइजेशन 16,748 फॉर्म
9. शेष बचा डिजिटाइजेशन कार्य 13,60,065 फॉर्म

तकनीकी बाधाओं का त्वरित निवारण और वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति


अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने निर्देश दिए कि जिन मतदान केंद्रों पर भौगोलिक या तकनीकी कारणों से प्रगति धीमी है, वहां संबंधित उपजिलाधिकारी और रिटर्निंग अधिकारी व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करें। उन्होंने बीएलओ और तकनीकी स्टाफ के मध्य समन्वय स्थापित कर इंटरनेट, पोर्टल एरर या अन्य विसंगतियों जैसे विलंब के कारणों का त्वरित और मौके पर ही समाधान करने के निर्देश दिए हैं ताकि कार्य सुचारू रूप से चलता रहे।

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जिले की कानून-व्यवस्था और निर्वाचन प्रणाली से जुड़े कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी व्यक्तिगत और वर्चुअल दोनों माध्यमों से उपस्थित रहे:

स्थानीय स्तर पर उपस्थित अधिकारी: ऋषिपर्णा सभागार में मुख्य रूप से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार, उप जिलाधिकारी विनोद कुमार, उप जिलाधिकारी अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, उप जिलाधिकारी डोईवाला अपर्णा सिंह उपस्थित रहे। इसके साथ ही उप जिलाधिकारी चकराता, तहसीलदार विकासनगर विवेक राजौरी, तहसीलदार सदर सुरेन्द्र सिंह, तहसीलदार प्रदीप नेगी और सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र देवली सहित संबंधित विधानसभाओं के आरओ एवं ईआरओ उपस्थित थे।

वर्चुअल माध्यम से जुड़े अधिकारी: भौगोलिक दूरी को देखते हुए आरओ मसूरी/संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद सहित अन्य दूरस्थ क्षेत्रों के अधिकारी इस समीक्षा बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Virtual Mode) के माध्यम से जुड़े और अपने-अपने क्षेत्रों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

निर्वाचन विभाग का यह कड़ा और योजनाबद्ध रुख यह दर्शाता है कि आगामी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह मुस्तैद है और निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।



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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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