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देहरादून, 15 अगस्त, 2026: देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून स्थित ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में राज्य स्तरीय मुख्य समारोह का भव्य आयोजन किया गया। शनिवार, 15 अगस्त, 2026 को सूचना एवं लोक संपर्क विभाग (DIPR) उत्तराखण्ड द्वारा जारी अधिकृत प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड में गरिमामय माहौल के बीच ध्वजारोहण किया।
समारोह का शुभारंभ सामूहिक राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' (जिसकी 150वीं वर्षगांठ भी वर्ष 2026 में मनाई जा रही है) के गायन से हुआ, जिसके उपरांत ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान 'जन गण मन' का सामूहिक गायन किया गया। मुख्यमंत्री ने समस्त प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
सम्मान, श्रद्धांजलि और आपदा प्रभावितों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और जनकल्याणकारी कार्यवृत्त पूर्ण किए:
- सेनानियों व पुलिस पदक विजेताओं का सम्मान: स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित करने के साथ-साथ उत्कृष्ट सेवा हेतु 14 पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को 'मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक' तथा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकने वाले 13 खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया।
- बलिदानियों व आंदोलनकारियों को नमन: देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले अमर शहीदों, वीर सैनिकों, पुलिस बलों तथा उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।
- आपदा प्रभावितों हेतु प्रतिबद्धता: प्रदेश के हालिया आपदा प्रभावित क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावितों को शीघ्र राहत पहुंचाना, बेहतर इलाज और बुनियादी सुविधाओं (सड़क, पुल, बिजली, पानी) को दुरुस्त करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
स्वतंत्रता दिवस 2026: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा की गईं 7 ऐतिहासिक घोषणाएं
15 अगस्त, 2026 को स्वतंत्रता दिवस के मंच से मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 7 प्रमुख नीतिगत घोषणाओं का विवरण इस तालिका में संकलित है:
| घोषणा संख्या | योजना / नीतिगत पहल का नाम | मुख्य लाभार्थी एवं क्रियान्वयन का दायरा | सुशासन व विकास पर क्रेडिबल प्रभाव |
| घोषणा 1 | विशेष औद्योगिक पार्क की स्थापना | चमोली, पौड़ी एवं अल्मोड़ा जिला | पर्वतीय जिलों में औद्योगिक विकास व रोजगार सृजन। |
| घोषणा 2 | प्रथम 'युवा आयोग' का गठन | उत्तराखण्ड के समस्त युवा वर्ग | युवाओं के अधिकारों, स्वरोजगार व नीति निर्माण को मंच। |
| घोषणा 3 | सीमांत एवं अग्निवीर स्वरोजगार प्रोत्साहन | सीमावर्ती ग्रामों के युवा, पूर्व सैनिक व अग्निवीर | सीमांत क्षेत्रों में उद्यम स्थापना हेतु अतिरिक्त वित्तीय सहायता। |
| घोषणा 4 | वर्ग-3 व वर्ग-4 भूमि विनियमितीकरण | भूमिहीन व काश्तकार वर्ग | समय-सीमा विस्तार के साथ भूमिधरी अधिकार प्रदान करना। |
| घोषणा 5 | PMAY राज्यांश में वृद्धि | प्रधानमंत्री आवास योजना लाभार्थी | राज्य अनुदान राशि को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 किया। |
| घोषणा 6 | मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार व उद्यमिता योजना | 18 से 30 वर्ष के युवा (IIT/IIM सहयोग) | 30% बैंक ऋण अनुदान तथा निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण। |
| घोषणा 7 | 'बाल वीरता पुरस्कार' का शुभारंभ | प्रदेश के साहसी एवं बहादुर बच्चे | बच्चों की वीरता व अदम्य साहस को राजकीय सम्मान। |
उत्तराखण्ड के विकास का खाका: 2035 का विज़न और आर्थिक उपलब्धियां
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रदेश की आर्थिक व विकासात्मक प्रगति की जानकारी साझा की:
- आर्थिक विकास आंकड़े: पिछले एक वर्ष में राज्य की GSDP में 7.23% की वृद्धि दर्ज की गई है, प्रतिव्यक्ति आय 41% बढ़ी है तथा राज्य का बजट ₹1 लाख करोड़ के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर चुका है।
- संयोजन एवं कनेक्टिविटी: ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, जमरानी व सौंग बांध परियोजनाओं तथा रोपवे नेटवर्क से कनेक्टिविटी को नई गति मिल रही है।
- शिक्षा व स्वरोजगार प्रोत्साहन: 'मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना' के तहत 11वीं-12वीं के 10,000 प्रतिभाशाली छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु निःशुल्क कोचिंग (₹7 करोड़ स्वीकृत) तथा 'हाउस ऑफ हिमालयाज' ब्रांड से स्थानीय उत्पादों का वैश्विक विपणन किया जा रहा है।
- सैन्य कल्याण व सख्त कानून: सैन्य धाम का निर्माण, परमवीर चक्र विजेताओं की अनुग्रह राशि ₹2 करोड़ तथा राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC), सख्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी व नकल विरोधी कानून का प्रभावी क्रियान्वयन।
समारोह में उपस्थित प्रमुख गरिमामय महानुभाव
समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, राज्यसभा सांसद व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट, राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, महापौर देहरादून श्री सौरभ थपलियाल, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री दीपम सेठ, जिलाधिकारी देहरादून डॉ. आशीष चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री प्रमेन्द्र डोभाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
उत्तराखण्ड विकास सुशासन के 4 मुख्य नीतिगत स्तंभ
राज्य को देश का अग्रणी प्रदेश बनाने हेतु तय किए गए चार मुख्य विजनरी लक्ष्य:
- विकसित उत्तराखण्ड 2035 लक्ष्य: नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्यों (SDG Index) में देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने की लय को बनाए रखना।
- पर्यटन व वेलनेस हब: धार्मिक चारधाम (47 लाख+ श्रद्धालु) एवं कांवड़ यात्रा के साथ-साथ वेडिंग डेस्टिनेशन, एडवेंचर टूरिज्म और फिल्म शूटिंग हब के रूप में विकास।
- खेल अवसंरचना विकास: 38वें राष्ट्रीय खेलों में 103 पदक जीतने के बाद 8 शहरों में 23 खेल अकादमियों व खेल विश्वविद्यालय की स्थापना।
- विरासत संग विकास का संकल्प: केदारनाथ-बद्रीनाथ पुनर्निर्माण, मानसखंड मंदिर माला मिशन और सांस्कृतिक पहचान का संरक्षण।
संकल्प से सिद्धि की ओर अग्रसर देवभूमि
15 अगस्त, 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देहरादून के परेड ग्राउंड से मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दिया गया संदेश उत्तराखण्ड के सर्वांगीण विकास, सैन्य कल्याण और युवा सशक्तिकरण के प्रति राज्य सरकार की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है। घोषित 7 नई नीतिगत पहलों से विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों के उद्योग, युवाओं की उद्यमिता और सीमांत ग्रामों के विकास को नई ऊर्जा मिलेगी, जो राज्य को वर्ष 2035 तक विकसित उत्तराखण्ड बनाने की दिशा में एक क्रेडिबल मील का पत्थर सिद्ध होगी।