बीआईएस देहरादून की बड़ी कार्रवाई: मुजफ्फरनगर में इस्पात फैक्ट्री पर छापेमारी, गैर-मानक उत्पाद जब्त; BIS अधिनियम 2016 के तहत मामला दर्ज


Aapki Media AI


देहरादून/मुजफ्फरनगर, 15 अगस्त, 2026: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), देहरादून शाखा कार्यालय द्वारा गुणवत्ता मानकों के अनुपालन को लेकर कड़ा रुख अपनाया गया है। 14 अगस्त, 2026 को बीआईएस देहरादून की एक उच्चस्तरीय टीम ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित मेरठ रोड पर संचालित एम एस ए (MSA) इस्पात निर्माण इकाई पर औचक छापेमारी की कार्रवाई की।

 

मुजफ्फरनगर में इस्पात फैक्ट्री पर छापेमारी, गैर-मानक उत्पाद जब्त; BIS अधिनियम 2016 के तहत मामला दर्ज


इस प्रशासनिक कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य अनिवार्य गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों (QCOs) का उल्लंघन कर बिना बीआईएस लाइसेंस के इस्पात उत्पाद बनाने और गैर-प्रमाणित सामग्री के निर्माण एवं वितरण की जांच करना था। निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में उपलब्ध इस्पात उत्पाद भारत सरकार द्वारा जारी गुणवत्ता नियंत्रण आदेशों के प्रतिकूल पाए गए, जिसके बाद बीआईएस टीम ने संबंधित गैर-अनुपालन उत्पादों को मौके पर ही जब्त कर लिया।


छापेमारी दल का गठन एवं विधिक कार्रवाई



बीआईएस देहरादून शाखा कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार:

  1. छापेमारी दल का नेतृत्व: यह प्रवर्तन कार्रवाई श्री हेमंत बी अड़े (निदेशक एवं प्रमुख, बीआईएस देहरादून शाखा कार्यालय) के निर्देशों पर गठित विशेष टीम द्वारा की गई।
  2. जांच दल के सदस्य: जांच टीम में श्री पीयूष प्रकाश (संयुक्त निदेशक), श्री सौरभ कुमार चौरसिया (सहायक निदेशक), श्री अंशुल शर्मा (सहायक अनुभाग अधिकारी), श्री पवन मुंडेपी (वरिष्ठ सचिवालय सहायक) तथा श्री नीरज बिष्ट (डाटा एंट्री ऑपरेटर) शामिल थे।
  3. कानूनी कार्रवाई (BIS Act 2016): बीआईएस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जब्त किए गए गैर-मानक इस्पात उत्पादों और दोषी निर्माण इकाई के विरुद्ध भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 (BIS Act, 2016) के सुसंगत विधिक प्रावधानों के तहत आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है।

 

बीआईएस देहरादून छापेमारी एवं गुणवत्ता प्रवर्तन विवरण



14 अगस्त, 2026 को मुजफ्फरनगर में की गई बीआईएस कार्रवाई और कानूनी मानकों का विवरण इस तालिका में संकलित है:


प्रवर्तन घटक / कानूनी मानकछापेमारी स्थिति एवं बीआईएस टीम विवरणसंबंधित अधिनियम व विधिक प्रावधानउपभोक्ता एवं औद्योगिक सुशासन प्रभाव
कार्रवाई का स्थान व तिथिएम एस ए, मेरठ रोड, मुजफ्फरनगर (14 अगस्त, 2026)बीआईएस अधिनियम, 2016 (BIS Act)गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से अनुपालन।
टीम नेतृत्व व निगरानीश्री हेमंत बी अड़े (निदेशक एवं प्रमुख, BIS देहरादून)भारत सरकार QCO दिशा-निर्देशअवैध व असुरक्षित इस्पात निर्माण पर रोक।
मुख्य जांच अधिकारीपीयूष प्रकाश (संयुक्त निदेशक) व सौरभ कुमार (सहायक निदेशक)अनिवार्य गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (QCO)बिना लाइसेंस बीआईएस मार्क प्रयोग पर जब्ती।
उपभोक्ता सत्यापन टूलBIS CARE मोबाइल एप्लीकेशनबीआईएस मानक चिह्न (Standard Mark)उपभोक्ताओं द्वारा उत्पादों की प्रामाणिकता जांच।

उपभोक्ताओं और विक्रेताओं हेतु बीआईएस का आधिकारिक परामर्श


भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने सभी निर्माताओं, विक्रेताओं, वितरकों और ई-कॉमर्स ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से अपील की है कि वे केवल बीआईएस प्रमाणित और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप उत्पादों का ही निर्माण और विक्रय सुनिश्चित करें।

  1. BIS CARE ऐप का उपयोग: उपभोक्ता किसी भी उत्पाद को खरीदने से पहले उस पर अंकित बीआईएस मानक चिह्न (ISI Mark / Registration No.) की सत्यता की जांच अपने स्मार्टफोन में BIS CARE मोबाइल ऐप डाउनलोड करके कर सकते हैं।
  2. शिकायत निवारण: यदि किसी उत्पाद की गुणवत्ता या बीआईएस मार्क पर संदेह हो, तो उपभोक्ता सीधे ऐप के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।

 

औद्योगिक गुणवत्ता एवं बीआईएस मानकों के 4 मुख्य बिंदु 


राष्ट्र निर्माण और उपभोक्ता सुरक्षा हेतु बीआईएस गुणवत्ता मानकों का महत्व:

  • संरचनात्मक सुरक्षा (Structural Safety): इस्पात जैसे बुनियादी निर्माण सामग्री में तय मानकों का पालन न होना भवनों व अवसंरचना की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा करता है।
  • गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (QCO Compliance): केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित वस्तुओं के लिए अनिवार्य बीआईएस लाइसेंस प्राप्त करना आवश्यक है।
  • शून्य-सहनशीलता नीति (Zero Tolerance): बिना वैध लाइसेंस के फर्जी मानक चिह्न का प्रयोग करना कानूनन संज्ञेय और दंडनीय अपराध है।
  • पारदर्शी सुशासन: नियमित छापेमारी और औचक निरीक्षण से बाजार में केवल मानक और सुरक्षित उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित होती है।

 

औद्योगिक गुणवत्ता और उपभोक्ता हितों का संरक्षण


14 अगस्त, 2026 को बीआईएस देहरादून शाखा द्वारा मुजफ्फरनगर में की गई यह छापेमारी गुणवत्ता नियंत्रण प्रवर्तन की दिशा में एक प्रभावी कदम है। भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 के तहत की जा रही इस कठोर कानूनी कार्रवाई से न केवल गैर-अनुपालन करने वाली औद्योगिक इकाइयों पर अंकुश लगेगा, बल्कि बाजार में शुद्ध, सुरक्षित और प्रामाणिक बीआईएस प्रमाणित उत्पादों की आपूर्ति भी मजबूत होगी।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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