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देहरादून, 21 अक्टूबर, 2026: राज्य को नशामुक्त बनाने और युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, स्पेशल टास्क फोर्स (STF) उत्तराखण्ड के निर्देशों के क्रम में STF/ANTF (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) की टीमों द्वारा लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है।
इसी क्रम में मंगलवार, 21 अक्टूबर, 2026 को STF की एंटी नारकोटिक्स टीम ने तकनीकी और मैनुअल इनपुट के आधार पर सटीक सूचना पर आशारोड़ी चेक पोस्ट के पास चेकिंग के दौरान एक बड़े मादक पदार्थ तस्कर को दबोचने में सफलता हासिल की है। आरोपी के कब्जे से 1 किलो 108 ग्राम चरस बरामद की गई है, जिसकी बाजार में भारी कीमत आंकी जा रही है।
हिमाचल प्रदेश के कसोल से लाई जा रही थी चरस की खेप
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार अभियुक्त ने खुलासा किया कि वह हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कसोल से यह चरस खरीदकर देहरादून में बेचने के उद्देश्य से लाया था।
- गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान: अभियुक्त की पहचान युसुफ (पुत्र तौसीफ, उम्र 22 वर्ष) निवासी ग्रीन व्यू, दून गली, मालसी, देहरादून (मूल निवासी- पटना, बिहार) के रूप में हुई है।
- बरामदगी व परीक्षण: ड्रग डिटेक्शन किट के माध्यम से मौके पर बरामद पदार्थ का परीक्षण किया गया, जिसमें चरस होने की पूर्ण पुष्टि हुई।
- विधिक कार्रवाई: अभियुक्त के विरुद्ध थाना क्लेमनटाउन, देहरादून में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर लिया गया है तथा मामले में अग्रिम वैधानिक व वित्तीय लिंक की जांच की जा रही है।
एनडीपीएस कार्रवाई विवरण 2026: सांख्यिकी ब्योरा
21 अक्टूबर, 2026 को देहरादून में की गई इस कार्रवाई का संकलित विवरण:
| कार्रवाई के घटक | विवरण एवं तथ्य | प्रशासनिक व विधिक प्रावधान |
| गिरफ्तार अभियुक्त | युसुफ पुत्र तौसीफ (उम्र 22 वर्ष) | मूल निवासी: पटना, बिहार / वर्तमान पता: मालसी, देहरादून। |
| बरामद मादक पदार्थ | 01 किलो 108 ग्राम चरस | ड्रग डिटेक्शन किट से पुष्टि की गई। |
| तस्करी का स्रोत | कसोल, हिमाचल प्रदेश | देहरादून में स्थानीय युवाओं को आपूर्ति की योजना। |
| गिरफ्तारी स्थल | आशारोड़ी चेक पोस्ट, देहरादून | STF/ANTF तथा थाना क्लेमनटाउन पुलिस की संयुक्त चेकिंग। |
| पंजीकृत मुकदमा | थाना क्लेमनटाउन, देहरादून | NDPS Act की धारा 8/20 के तहत अभियोग दर्ज। |
सफलता में शामिल STF और स्थानीय पुलिस टीम
इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली संयुक्त टीम में निम्नलिखित अधिकारी व कर्मी शामिल रहे:
- STF/ANTF टीम: निरीक्षक भवानी शंकर पंत, उपनिरीक्षक दीपक मैठानी, कांस्टेबल रवि पंत, प्रदीप कुमार और दीपक नेगी।
- थाना क्लेमनटाउन पुलिस टीम: उपनिरीक्षक विवेक भण्डारी और कांस्टेबल रणवीर शाह।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF की जन-अपील (Advisory)
ड्रग्स तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसएसपी, एसटीएफ उत्तराखण्ड ने छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षकों से विशेष अपील की है:
- जागरूकता में सहयोग: युवा पीढ़ी को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए जनजागरूकता अभियानों में सक्रिय सहभागिता निभाएं।
- लालच से बचें: किसी भी प्रकार के शॉर्टकट या वित्तीय प्रलोभन में आकर नशा तस्करी जैसे जघन्य अपराधों का हिस्सा न बनें।
- सूचना साझा करें: यदि आसपास कहीं भी नशा तस्करी से जुड़ी कोई संदिग्ध गतिविधि या सूचना मिले, तो तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन या STF/ANTF उत्तराखण्ड को सूचित करें।
नशा मुक्ति एवं अपराध नियंत्रण नीति के 4 मुख्य बिंदु
राज्य प्रशासन द्वारा अपनाई जाने वाली सख्त नीतियां:
- इंटर-स्टेट ड्रग सिंडिकेट पर प्रहार: हिमाचल प्रदेश और अन्य पड़ोसी राज्यों से उत्तराखण्ड आने वाले ड्रग्स रूट्स की कड़ी निगरानी।
- ज़ीरो टॉलरेंस नीति: मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में त्वरित कानूनी कार्रवाई।
- कम्युनिटी पुलिसिंग: शैक्षणिक संस्थानों और युवाओं के बीच संवाद स्थापित कर नशे के खिलाफ सामाजिक सुरक्षा चक्र तैयार करना।
- सक्रिय ANTF नेटवर्क: एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को आधुनिक तकनीकी इनपुट्स से लैस कर चौबीसों घंटे मॉनिटरिंग करना।
नशामुक्त देवभूमि के संकल्प की ओर बढ़ता कदम
21 अक्टूबर, 2026 को आशारोड़ी चेक पोस्ट पर पकड़ी गई एक किलो से अधिक चरस की यह खेप यह दर्शाती है कि उत्तराखण्ड पुलिस और एसटीएफ राज्य में ड्रग्स के अवैध कारोबार को जड़ से समाप्त करने के लिए कितनी मुस्तैदी से कार्य कर रही है। इस प्रकार की कड़ी कार्यवाहियों से तस्करों के नेटवर्क पर करारा प्रहार हो रहा है।
