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देहरादून, 03 अक्टूबर, 2026: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड राज्य में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर आयोजित विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (Special Intensive Revision - SIR) का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा शनिवार, 03 अक्टूबर, 2026 को प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची (Final Electoral Roll) का औपचारिक प्रकाशन कर दिया गया।
8 जून 2026 से शुरू हुए इस विशेष अभियान के तहत दावे व आपत्तियों के निस्तारण के पश्चात तैयार अंतिम मतदाता सूची के अनुसार उत्तराखण्ड में अब कुल 71,58,949 पंजीकृत मतदाता हैं। राज्य में वर्तमान में कुल मतदेय स्थलों (Polling Stations) की संख्या 12,543 है।
मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) की समयावधि और आंकड़ों का विश्लेषण
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के विभिन्न चरणों और आंकड़ों का क्रमबद्ध ब्योरा:
- अभियान की शुरुआत (08 जून 2026): पुनरीक्षण शुरू होने के दिन प्रदेश में कुल 79,60,762 मतदाता दर्ज थे।
- ड्राफ्ट मतदाता सूची (14 जुलाई 2026): गणना फॉर्म वितरण और संकलन के बाद ड्राफ्ट सूची प्रकाशित की गई, जिसमें 71,33,785 मतदाता शामिल थे।
- दावे एवं आपत्तियां (14 जुलाई से 13 अगस्त 2026): नागरिकों को दावे व आपत्तियां दर्ज कराने का समय दिया गया।
- आपत्तियों का निस्तारण (13 अगस्त से 28 सितंबर 2026): प्रशासनिक स्तर पर प्राप्त आवेदनों की गहन जांच व निस्तारण किया गया।
- अंतिम सूची व संशोधन (03 अक्टूबर 2026): दावे-आपत्तियों के निस्तारण के दौरान 1,29,872 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए, जबकि 1,04,708 अपात्र/मृत/स्थानांतरित मतदाताओं के नाम सूची से नियमानुसार विलोपित किए गए। अंतिम आंकड़ा 71,58,949 पर तय हुआ।
उत्तराखण्ड मतदाता सूची अंतिम प्रकाशन 2026: सांख्यिकी ब्योरा
03 अक्टूबर, 2026 को जारी मतदाता वर्ग और आंकड़ों की विस्तृत स्थिति:
| मतदाता श्रेणी / जनसांख्यिकी घटक | पंजीकृत मतदाताओं की संख्या | प्रतिशत / विशेष विवरण | निर्वाचन प्रबंधन प्रभाव |
| कुल मतदाता (Total Voters) | 71,58,949 | प्रदेश भर के 12,543 बूथ | लोकतांत्रिक भागीदारी का आधार आधार। |
| पुरुष मतदाता | 37,37,701 | कुल मतदाताओं का बड़ा हिस्सा | समावेशी मतदान प्रक्रिया। |
| महिला मतदाता | 34,21,036 | जेंडर रेशियो में निरंतर सुधार | महिला मतदाताओं की सशक्त भूमिका। |
| थर्ड जेंडर मतदाता | 212 | सामाजिक समावेशिता का प्रतीक | निर्वाचन में समानता की पहल। |
| युवा मतदाता (18-19 आयुवर्ग) | 72,656 | पहली बार के मतदाता | युवा सहभागिता व जागरूकता। |
| वरिष्ठ नागरिक (80+ आयुवर्ग) | 1,22,892 | अति-वरिष्ठ मतदाता | होम-वोटिंग व सुलभ मतदान सुविधाएं। |
| नये जोड़े गए नाम | 1,29,872 | SIR प्रक्रिया के माध्यम से | छूटे हुए पात्र नागरिकों का समावेश। |
| विलोपित किए गए नाम | 1,04,708 | मृत, दोहरे व स्थानांतरित | मतदाता सूची का शुद्धिकरण (Purification)। |
छूटे हुए मतदाताओं के लिए बीएलओ का घर-घर विशेष अभियान (6-स्तरीय कार्ययोजना)
अंतिम प्रकाशन के बाद भी यदि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से छूट गया है, तो उनके लिए निर्वाचन आयोग ने फार्म-6 भरने हेतु विशेष बीएलओ (BLO) अभियान की रूपरेखा तैयार की है:
- प्री-एसआईआर सूची से मिलान: बीएलओ वर्तमान मतदाता सूची का तुलनात्मक अध्ययन प्री-एसआईआर सूची से करेंगे और उन नामों को चिन्हित करेंगे जो पहले सूची में थे पर वर्तमान में छूट गए हैं।
- घर-घर सत्यापन (Door-to-Door Verification): बीएलओ चिन्हित परिवारों के घर जाकर उनकी स्थिति का पता लगाएंगे और पात्र पाए जाने पर तत्काल फार्म-6 भरवाएंगे।
- प्रथम बार व युवा मतदाताओं पर ध्यान: 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके युवाओं और छूट गए पात्र नागरिकों का प्राथमिकता से पंजीकरण कराया जाएगा।
- राजनीतिक दलों से समन्वय: बीएलओ चिन्हित सूची को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (BLA) के साथ साझा करेंगे।
- ईआरओ (ERO) स्तर पर साझाकरण: अंतिम चरण में ईआरओ बूथवार सूची को राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराएंगे ताकि कोई भी पात्र नागरिक वंचित न रहे।
- विशेष शिविर व मार्जिनलाइज्ड वर्ग: नाइट शेल्टर, लेबर कॉलोनियों, बेघर और हाशिए पर रहने वाले (Marginalized) नागरिकों के नाम जोड़ने हेतु विशेष बूथ लेवल कैंप लगाए जाएंगे।
वेबसाइट एवं ऐप पर ऑनलाइन सूची देखने की सुविधा
नागरिक अपनी मतदाता स्थिति की जांच निम्नलिखित माध्यमों से कर सकते हैं:
- आधिकारिक पोर्टल: भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट www.voter.eci.gov.in तथा मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखण्ड की वेबसाइट www.ceo.uk.gov.in पर जाकर ऑनलाइन सूची देखी जा सकती है।
- मोबाइल एप्लिकेशन: ECI Net App / Voter Helpline App के जरिए डिजिटल फॉर्म-6 भरा जा सकता है।
- ऑफलाइन माध्यम: संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) कार्यालय तथा क्षेत्र के संबंधित बीएलओ (BLO) से भी सूची और फार्म प्राप्त किए जा सकते हैं।
निर्वाचन सुशासन व डिजिटल प्रक्रिया के 4 मुख्य बिंदु
भारत निर्वाचन आयोग की प्राथमिकताएं:
- शत-प्रतिशत शुद्ध मतदाता सूची: फर्जी, दोहरे और मृत मतदाताओं के नाम हटाकर पारदर्शी सूची तैयार करना।
- डिजिटल आवेदन (ECI Net App): आम जनता हेतु घर बैठे ऑनलाइन मतदाता बनने की सुलभ सुविधा।
- समावेशी लोकतंत्र (Inclusion): हाशिए के वर्गों, श्रमिकों, ट्रांसजेंडर और दिव्यांगों की शत-प्रतिशत भागीदारी।
- बीएलओ और बीएलए का समन्वय: जमीनी स्तर पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर त्रुटिरहित सूची निर्माण।
पारदर्शी और मजबूत लोकतंत्र की दिशा में बड़ा कदम
3 अक्टूबर, 2026 को उत्तराखण्ड में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन राज्य में निष्पक्ष, पारदर्शी और समावेशी लोकतांत्रिक प्रक्रिया की दिशा में एक मील का पत्थर है। निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष बीएलओ अभियान से यह सुनिश्चित होगा कि प्रदेश का प्रत्येक पात्र नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग करने हेतु पंजीकृत हो सके।