यह रहा इसबगोल खाने का सही तरीका व ईसबगोल के नुकसान तथा बवासीर में ईसबगोल के फायदे

यह रहा इसबगोल खाने का सही तरीका व ईसबगोल के नुकसान तथा बवासीर में ईसबगोल के फायदे

जैसा की हमें पिछले पोस्ट में कुछ जानकारी बताई है और आज हम इसबगोल खाने का सही तरीका व ईसबगोल के नुकसान तथा बवासीर में ईसबगोल के फायदे क्या क्या होते हैं बता रहे हैं हमारे पाठकों के निरंतर ईमेल के लिए आपको यह पोस्ट दिखाया जा रहा है इसमें आपके द्वारा पूछे गए सवालों के बारे में बताएँगे। तो चलिए जानते हैं इसबगोल खाने का सही तरीका केसा है और आपके लिए ईसबगोल के नुकसान क्या हो सकते हैं। साथ में बवासीर में ईसबगोल के फायदे जानकर इसका लाभ उठायें। 

इसबगोल खाने का सही तरीका

आप चाहें तो इसे दूध के साथ सेवन करें नहीं तो आपको यह तरीका काम आ सकता है आपको इसे खाने के लिए एक गिलास गर्म पानी में एक से दो चम्मच ईसबगोल की भूसी को मिलाकर और रात में खाना खा लेने के बाद इसका सेवन करें। और या एक कटोरी दही में दो चम्मच इसबगोल की भूसी मिलाएं। और इसमें मिठास लाने के लिए आपको इसमें थोड़ा चीनी भी स्वादानुसार मिलाना चाहिए, इसबगोल और दही (Isabgol and curd) का मिश्रण दस्त से आराम दिलाने में बहुत कारगर होता है। आपको यह तरीका अपनाना चाहिए जिससे की आपको ईसबगोल के नुकसान नहीं हो इसलिए आपको इसका सेवन ऊपर बताये गए तरीके से करना चाहिए। 

ईसबगोल के नुकसान

आपको बता दूँ जैसा की हमने पिछले आर्टिकल में बताया था की अमूमन किसी भी आयुर्वेदिक जड़ी बूटी के नुकसान नहीं होते हैं लेकिन आपको इस बात पर ध्यान देने की सोचनी चाहिए की किसी भी चीज़ अति बेहद नुकसान दायक हो सकती है। इसके नुकसान में आपको पेट में मरोड़ या सूजन हो सकती है। कभी-कभी इसबगोल की भूसी का सेवन से पेट में मरोड़ या सूजन होने लगती है। ऐसा होने पर ईसबगोल का सेवन आपको तुरंत बंद कर देना चाहिए और किसी नजदीकी डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए आपको यह पता होना जरुरी की किसी भी दवा या औषधि का इस्तेमाल करने से पूर्व अपने चिकित्षक से संपर्क जरूर करना चाहिए।

बवासीर में ईसबगोल के फायदे

बवासीर और फिशर होने की सबसे मुख्य वजह कब्ज़ ही है। खाना ठीक से ना पचने और मलत्याग में कठिनाई होने के कारण ही गुदा के आस पास की नसें सूज जाती हैं और बवासीर (Piles) की समस्या होती है अगर आप बवासीर में ईसबगोल का सेवन कर रहे हैं तो बवासीर में ईसबगोल आपके मल में पानी की मात्रा बढ़ाकर उसे और नरम बना देती है जिससे मलत्याग करना बिल्कुल आसान हो जाता है और उस दौरान दर्द भी नहीं होता है। इसलिए बवासीर एवं फिशर (Piles and Fissure) के मरीजों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार बवासीर में ईसबगोल का सेवन ज़रुर करना चाहिए।

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