राजधानी देहरादून के पुलिस लाइन में शुक्रवार की सुबह अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के एक अलग रंग में नजर आई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून ने साप्ताहिक परेड का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केवल सलामी ही नहीं ली, बल्कि खुद जवानों और अधिकारियों के साथ मैदान में दौड़ लगाकर शारीरिक और मानसिक फिटनेस की अहमियत को रेखांकित किया। एसएसपी ने स्पष्ट संदेश दिया कि पुलिस बल की सक्षमता उसके अनुशासन और स्वास्थ्य पर निर्भर करती है, इसलिए फिटनेस को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने परेड के माध्यम से पुलिसकर्मियों के टर्नआउट और शस्त्र संचालन का भी जायजा लिया।
व्यवस्थाओं में लापरवाही पर बरता सख्त रुख
परेड के उपरांत एसएसपी ने पुलिस लाइन स्थित क्वार्टर गार्ड, जवानों की बैरकों और मैस का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बैरकों और मैस में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक न मिलने पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की और संबंधित प्रभारियों को सख्त लहजे में व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए। परिवहन शाखा (Transport Wing) की जांच के दौरान जब वाहनों के अभिलेख और दस्तावेज अपडेट नहीं मिले, तो एसएसपी ने संबंधित अधिकारी को मौके पर ही फटकार लगाई। उन्होंने दो-टूक कहा कि पुलिसकर्मियों का वेलफेयर सरकार की प्राथमिकता है, लेकिन संसाधनों के रखरखाव में लापरवाही को अनुशासनहीनता माना जाएगा।
सुरक्षा उपकरणों की जांच और निर्माण कार्यों की समीक्षा
सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए एसएसपी ने बम निरोधक दस्ते (BDS) के उपकरणों का भी भौतिक निरीक्षण किया। उन्होंने उपकरणों की तकनीकी जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि थाना पुलिस और बम निरोधक दस्तों के बीच बेहतर तालमेल के लिए नियमित प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएं। इसके साथ ही, पुलिस लाइन परिसर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को कड़े निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्चतम गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। निर्माण कार्यों में देरी या गुणवत्ता से समझौता होने पर जवाबदेही तय करने की बात भी कही गई।
मजबूत पुलिसिंग और कार्यकुशलता पर जोर
निरीक्षण का समापन करते हुए एसएसपी देहरादून ने बल के अधिकारियों को पुलिसिंग की बुनियादी बारीकियों पर ध्यान देने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पुलिस की छवि उसके अनुशासन और आम जनता के प्रति व्यवहार से बनती है। नियमित ड्रिल और निरीक्षण के माध्यम से न केवल पुलिसकर्मियों की समस्याओं का पता चलता है, बल्कि उनकी कार्यक्षमता में भी सुधार होता है। इस पूरी कवायद का उद्देश्य देहरादून पुलिस को और अधिक मुस्तैद, अनुशासित और जनता की सेवा के लिए तत्पर बनाना है। एसएसपी के इस सख्त लेकिन सुधारात्मक रुख से पुलिस महकमे में सक्रियता बढ़ गई है।
