देहरादून, 03 अप्रैल 2026: राजधानी देहरादून में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और नशे की गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए जिलाधिकारी सविन बंसल ने कड़ा रुख अपनाया है। डीएम ने जनपद के सभी होमस्टे, होटल और वेडिंग प्वाइंट्स के व्यापक सत्यापन अभियान के निर्देश जारी किए हैं।
डीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई भी प्रतिष्ठान अवैध गतिविधियों या नशे के कारोबार में संलिप्त पाया गया, तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और संचालकों को सीधे जेल की हवा खानी होगी।
देहरादून होमस्टे और होटल सत्यापन रिपोर्ट (Current Stats)
| मुख्य विवरण | आंकड़े और विभागीय निर्देश (Key Statistics) |
| कुल पंजीकृत होमस्टे | 1057 (संपूर्ण जनपद) |
| नगरीय क्षेत्रों में संचालित | लगभग 350 होमस्टे |
| अवैध शराब पर जुर्माना | न्यूनतम ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) |
| निरीक्षण का आधार | राज्य सरकार की आधिकारिक होमस्टे गाइडलाइन |
| मुख्य फोकस | नशा मुक्ति, अपराध नियंत्रण और अनिवार्य लाइसेंस |
डीएम की 'चेकलिस्ट' और सख्त कार्रवाई के मुख्य बिंदु
- 350 शहरी होमस्टे रडार पर: डीएम ने निर्देश दिए हैं कि शहर के बीचों-बीच चल रहे 350 होमस्टे की प्राथमिकता के आधार पर जांच की जाए। अक्सर इन जगहों से अनैतिक गतिविधियों की शिकायतें प्राप्त होती हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- मानक चेकलिस्ट से होगा निरीक्षण: सरकारी गाइडलाइन के तहत एक विशेष चेकलिस्ट तैयार की गई है। अधिकारी मौके पर जाकर सीसीटीवी कैमरे, रजिस्टर मेंटेनेंस, फायर सेफ्टी और आगंतुकों के सत्यापन कार्ड की जांच करेंगे।
- शराब परोसने पर भारी जुर्माना: आबकारी विभाग को सख्त हिदायत दी गई है कि बिना वैध लाइसेंस या बिना 'ओकेजनल बार लाइसेंस' के शराब परोसने वाले होटलों और वेडिंग प्वाइंट्स पर कम से कम ₹1 लाख का जुर्माना लगाया जाए और मुकदमा दर्ज किया जाए।
- अपराधियों को पनाह देने पर जेल: जिलाधिकारी ने साफ कहा कि होमस्टे की आड़ में बाहरी अपराधियों को पनाह देने वाले संचालकों पर कठोर कानूनी धाराएं लगाई जाएंगी। सत्यापन रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की कोताही मिलने पर लाइसेंस तुरंत निरस्त होगा।
- प्रशासन की अपील: जिला प्रशासन ने आम जनता से भी सहयोग मांगा है। यदि किसी क्षेत्र में अवैध शराब परोसी जा रही है या संदिग्ध गतिविधियां दिख रही हैं, तो तत्काल जिला कंट्रोल रूम या संबंधित एसडीएम को सूचित करें।
- बैठक में मौजूद अधिकारी: इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में सीडीओ अभिनव शाह, एसडीएम सदर हरिगिरि, जिला पर्यटन विकास अधिकारी और आबकारी अधिकारी सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सुरक्षित पर्यटन और सख्त प्रशासन
डीएम सविन बंसल की यह पहल देहरादून को 'क्राइम फ्री' बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। 1057 होमस्टे की यह जांच न केवल सुरक्षा मानकों को पुख्ता करेगी, बल्कि राजधानी में पनप रहे नशे के नेटवर्क की कमर भी तोड़ेगी।
