देहरादून, 03 अप्रैल 2026: उत्तराखंड में नई आबकारी नीति लागू होने के साथ ही शराब की कीमतों और दुकानों के आवंटन को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि मध्यम श्रेणी के ब्रांड्स की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी की गई है, जबकि देशी शराब और प्रीमियम ब्रांड्स के दामों को यथावत रखा गया है।
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| अनुराधा पाल,आबकारी आयुक्त |
विभाग इस वर्ष ₹5400 करोड़ के ऐतिहासिक राजस्व लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी दक्षता के साथ मिशन मोड पर कार्य कर रहा है।
आबकारी विभाग रिपोर्ट: शराब की दरें और राजस्व लक्ष्य (At a Glance)
| श्रेणी (Category) | मूल्य में परिवर्तन (Price Change) | वर्तमान स्थिति (Status) |
| विदेशी मदिरा (IMFL) | ₹10 से ₹20 की वृद्धि | मैकडॉवेल जैसे छोटे/मध्यम ब्रांड्स |
| देशी मदिरा (Country Liquor) | कोई बदलाव नहीं (0% Hike) | कीमतें पहले की तरह स्थिर |
| प्रीमियम ब्रांड्स (L-1/Imported) | कोई बढ़ोतरी नहीं | पुरानी दरों पर ही उपलब्ध |
| वार्षिक राजस्व लक्ष्य | ₹5400 करोड़ | वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए |
| दुकानों का आवंटन | 700 दुकानें | सफलतापूर्वक निपटान (Settlement) |
राजस्व वसूली और आबकारी नीति: मुख्य बिंदु
- ब्रांड वार कीमतों का गणित: आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल के अनुसार, विदेशी मदिरा (IMFL) के लोकप्रिय ब्रांड्स (जैसे मैकडॉवेल आदि) की प्रति बोतल कीमतों में ₹10 से ₹20 तक की मामूली वृद्धि हो सकती है। यह बदलाव नई आबकारी नीति के तहत राजस्व ढांचे को संतुलित करने के लिए किया गया है।
- प्रीमियम और देशी शराब को राहत: राज्य सरकार ने मध्यम और निम्न आय वर्ग का ध्यान रखते हुए देशी शराब की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। साथ ही, बड़े प्रीमियम ब्रांड्स की कीमतें भी नहीं बढ़ाई गई हैं ताकि बाजार में प्रतिस्पर्धा बनी रहे।
- रिकॉर्ड राजस्व की ओर कदम: विभाग ने इस वर्ष के लिए ₹5400 करोड़ का भारी-भरकम लक्ष्य रखा है। आयुक्त ने संतोष व्यक्त किया कि पिछले साल के ₹2604 करोड़ के सापेक्ष अब तक ₹2550 करोड़ का राजस्व पहले ही हासिल किया जा चुका है, जो विभाग की कार्यक्षमता को दर्शाता है।
- दुकानों का सफल निपटान: प्रदेशभर में 700 शराब की दुकानों का सफलतापूर्वक आवंटन (Settlement) किया जा चुका है। पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से हुए इस आवंटन से विभाग को शुरुआती चरण में ही बड़ी वित्तीय बढ़त मिली है।
- अवैध बिक्री पर निगरानी: अनुराधा पाल ने स्पष्ट किया कि राजस्व लक्ष्य हासिल करने के साथ-साथ विभाग का मुख्य फोकस अवैध शराब की तस्करी और मिलावटखोरी को रोकना है। इसके लिए प्रवर्तन (Enforcement) टीमों को विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
अनुराधा पाल, आबकारी आयुक्त > "हमने उपभोक्ताओं पर अधिक बोझ न डालते हुए राजस्व वृद्धि का संतुलित मॉडल अपनाया है। 700 दुकानों के आवंटन के साथ हम ₹5400 करोड़ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। शराब की गुणवत्ता और ओवररेटिंग की शिकायतों पर हमारी पैनी नजर है।"
वित्तीय मजबूती की ओर आबकारी विभाग
आबकारी आयुक्त के इस बयान से साफ है कि उत्तराखंड सरकार राजस्व अर्जन के मामले में इस साल नए कीर्तिमान स्थापित करने वाली है। मामूली मूल्य वृद्धि और स्थिर देशी शराब की दरें बाजार में संतुलन बनाए रखने में सहायक होंगी।
