STF का 'ऑपरेशन प्रहार': उत्तराखंड में छिपे बाहरी राज्यों के 13 संदिग्धों पर शिकंजा; डोजियर तैयार कर शुरू हुई कड़ी निगरानी

देहरादून, 03 अप्रैल 2026: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कड़े निर्देशों के बाद उत्तराखंड पुलिस का 'ऑपरेशन प्रहार' अब मिशन मोड पर आ गया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) दीपम सेठ के मार्गदर्शन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) एसटीएफ अजय सिंह ने राज्य में अवैध रूप से रह रहे संदिग्ध बाहरी व्यक्तियों, घुसपैठियों और पेशेवर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की है।

STF का 'ऑपरेशन प्रहार'

एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब जैसे राज्यों से आकर उत्तराखंड में पनाह लेने वाले 13 कुख्यात संदिग्धों को चिन्हित किया है। इन सभी के विस्तृत डोजियर तैयार किए गए हैं ताकि भविष्य में होने वाली किसी भी आपराधिक घटना को रोका जा सके।

'ऑपरेशन प्रहार': एसटीएफ की रडार पर आए 13 संदिग्धों की सूची

क्र.सं.संदिग्ध का नाममूल निवास (राज्य/जनपद)वर्तमान स्थिति
1हरिओम राठीबागपत, उत्तर प्रदेशडोजियर तैयार, निगरानी जारी
2महेश सिंह उर्फ नीटूसोनीपत, हरियाणासक्रिय अपराधी, रडार पर
3शिवम डागरबुलंदशहर, उत्तर प्रदेशसंदिग्ध गतिविधियाँ
4शुभम चौधरीबागपत, उत्तर प्रदेशबाहरी राज्य का पेशेवर
5विवेक कुमार उर्फ विक्कीसहारनपुर, उत्तर प्रदेशआपराधिक इतिहास
6अभिषेक कुमार उर्फ शैंकीसहारनपुर, उत्तर प्रदेशकड़ी निगरानी में
7जावेद, परवेज व जाबीरशामली, उत्तर प्रदेशसंदिग्ध त्रिकोणीय नेटवर्क
10शमशेर सिंह उर्फ शेराअमृतसर, पंजाबअंतरराज्यीय लिंक
11विवेक राठौरफर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेशएसटीएफ की रडार पर
12जसवीरबरेली, उत्तर प्रदेशनिगरानी सूची में शामिल
13जितेन्द्रदेवरिया, उत्तर प्रदेशसंदिग्ध बाहरी व्यक्ति

एसटीएफ की नई रणनीति: जेल से लेकर सीमा तक पहरा

  • प्रोफेशनल गैंग्स पर नकेल: एसटीएफ प्रमुख अजय सिंह ने बताया कि ऐसे अपराधियों को चिन्हित किया गया है जो उत्तराखंड की जेलों में बंद अपराधियों या उनके गैंग के संपर्क में हैं। ये बाहरी अपराधी राज्य में रहकर किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे।
  • डोजियर और डिजिटल निगरानी: चिन्हित किए गए सभी 13 संदिग्धों से विस्तृत पूछताछ की गई है। उनके फिंगरप्रिंट, फोटोग्राफ और संपर्कों का पूरा ब्यौरा (Dossier) तैयार कर संबंधित जिला प्रभारियों के साथ साझा किया गया है ताकि थाना स्तर पर भी उनकी पल-पल की खबर रखी जा सके।
  • फर्जी शस्त्र लाइसेंस पर स्ट्राइक: ऑपरेशन प्रहार के तहत एसटीएफ उन व्यक्तियों की भी सूची बना रही है जिन्होंने बाहरी राज्यों से फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनवाए और उन्हें उत्तराखंड में पंजीकृत कराया है। ऐसे लाइसेंसों को निरस्त करने और संबंधित व्यक्तियों पर विधिक कार्रवाई की तैयारी है।
  • घुसपैठियों और विदेशी नागरिकों की जांच: अभियान के अंतर्गत संदिग्ध विदेशी नागरिकों और बांग्लादेशी घुसपैठियों को चिन्हित करने के लिए अभिसूचना (Intelligence) तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है। असमाजिक तत्वों के लिए राज्य में कोई जगह नहीं छोड़ी जाएगी।
  • अंतरराज्यीय समन्वय: एसटीएफ उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब पुलिस के साथ भी सूचनाएं साझा कर रही है ताकि इन अपराधियों के पिछले रिकॉर्ड और वर्तमान गतिविधियों का मिलान किया जा सके।

अपराध मुक्त उत्तराखंड का संकल्प

एसटीएफ द्वारा चलाया जा रहा यह 'मिशन मोड' अभियान राज्य की आंतरिक सुरक्षा के लिए मील का पत्थर साबित होगा। बाहरी अपराधियों के डोजियर तैयार होने से पुलिस के पास अब एक ठोस डेटाबेस है, जो अपराध होने से पहले ही उसे रोकने में सहायक सिद्ध होगा।

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