Aapki Media AI
देहरादून, 19 मई 2026: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप उत्तराखंड के दूरस्थ जनपदों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। बागेश्वर जिले के ग्राम टेलापालन में अब एक भव्य ‘हिल हेरिटेज’ राज्य अतिथि गृह का निर्माण किया जाएगा।
सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) की समीक्षा की। इस अतिथि गृह को न केवल सरकारी कामकाज बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
परियोजना की मुख्य विशेषताएं
- पहाड़ी वास्तुकला: भवन का डिजाइन पारंपरिक उत्तराखंडी स्थापत्य कला पर आधारित होगा, ताकि यह प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विरासत को प्रतिबिंबित करे।
- एकीकृत मॉडल: अलग-अलग खंडों के बजाय सभी श्रेणी के गेस्ट रूम, कॉन्फ्रेंस हॉल और डाइनिंग एरिया को एक ही मुख्य परिसर (Integrated Building) में बनाया जाएगा।
- बजट और स्थान: तहसील बागेश्वर के ग्राम टेलापालन स्थित 45 नाली भूमि पर लगभग ₹17.52 करोड़ की अनुमानित लागत से यह निर्माण होगा।
- आधुनिक सुविधाएं: पर्यावरण के अनुकूल (Eco-friendly) डिजाइन के साथ इसमें अत्याधुनिक कॉन्फ्रेंसिंग और आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
- संशोधित डिजाइन: सचिव ने दूसरे तल के कमरों में बदलाव करने और विद्युत कार्यों के लिए अलग से रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
परियोजना का संक्षिप्त विवरण
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| परियोजना का नाम | 'हिल हेरिटेज' राज्य अतिथि गृह, बागेश्वर |
| लागत | 17.52 करोड़ रुपये |
| डिजाइन दर्शन | पारंपरिक पहाड़ी स्थापत्य कला और इको-फ्रेंडली मॉडल |
| महत्व | प्रशासनिक बैठकों और पर्यटन को बढ़ावा देना |
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सोच है कि विकास की रोशनी प्रदेश के अंतिम छोर तक पहुंचे। बागेश्वर का यह अतिथि गृह आधुनिक सुविधाओं और स्थानीय वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा।"
— डॉ. आर. राजेश कुमार, सचिव आवास एवं राज्य सम्पत्ति
प्रशासन और पर्यटन को मिलेगा नया संबल
विशेषज्ञों के अनुसार, इस भव्य अतिथि गृह के निर्माण से बागेश्वर में प्रशासनिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। जिले में आने वाले विशिष्ट अतिथियों और अधिकारियों को बेहतर आवासीय सुविधा मिलने से पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा। डॉ. राजेश कुमार ने कार्यदायी संस्था को गुणवत्ता और मितव्ययता के साथ कार्य को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
