रुद्रप्रयाग के तुंगला गाँव में भालू का तांडव: 75 वर्षीय बुजुर्ग पर किया जानलेवा हमला, गंभीर हालत में रेस्क्यू, क्षेत्र में दहशत का माहौल

रुद्रप्रयाग जिला स्थित तुंगला गाँव में आज उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक खूंखार भालू ने आबादी के करीब पहुँचकर एक बुजुर्ग पर हमला कर दिया। जानकारी के अनुसार, गाँव के 75 वर्षीय बुजुर्ग प्रताप सिंह राणा अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थे, तभी झाड़ियों में छिपे भालू ने उन पर अचानक जानलेवा हमला बोल दिया। इस अचानक हुए हमले में प्रताप सिंह राणा गंभीर रूप से घायल हो गए और लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। हमले के दौरान बुजुर्ग की चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग घटनास्थल की ओर दौड़े, जिन्हें देखकर भालू जंगल की ओर भाग निकला। स्थानीय निवासी प्रमोद राणा और जितेंद्र धिरवाण ने बताया कि जब वे मौके पर पहुँचे तो बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े थे, जिसके बाद ग्रामीणों ने हिम्मत दिखाते हुए उन्हें सुरक्षित गाँव तक पहुँचाया।

वन विभाग की त्वरित कार्रवाई और रेस्क्यू

घटना की सूचना मिलते ही गाँव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और तत्काल इसकी जानकारी वन विभाग को दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन क्षेत्राधिकारी हरिशंकर रावत ने त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की और विशेषज्ञों की एक रेस्क्यू टीम को तुरंत तुंगला गाँव के लिए रवाना कर दिया। वन विभाग की टीम अब क्षेत्र में भालू की मौजूदगी का पता लगाने और उसे आबादी से दूर खदेड़ने के प्रयास में जुट गई है। घायल बुजुर्ग को प्राथमिक उपचार देने के बाद उच्च चिकित्सा केंद्र भेजने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि समय रहते उन्हें उचित इलाज मिल सके। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि घायल के उपचार और मुआवजे की प्रक्रिया को नियमानुसार आगे बढ़ाया जाएगा।

ग्रामीणों में दहशत और सुरक्षा की अपील

इस हिंसक घटना के बाद से तुंगला और आसपास के गाँवों में भारी दहशत व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगली जानवरों के रिहायशी इलाकों के करीब आने से अब खेतों में जाना और बच्चों का घर से बाहर निकलना असुरक्षित हो गया है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगलों की ओर न जाएं और शाम के समय घरों के आसपास पर्याप्त रोशनी रखें। विभाग की टीम क्षेत्र में गश्त बढ़ा रही है और भालू की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भालू को पकड़ने के लिए गाँव के समीप पिंजरा लगाया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

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