अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश के कैंसर चिकित्सा एवं रुधिर विज्ञान विभाग में एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विभाग में समर्पित भाव से कार्य करने वाले और उल्लेखनीय योगदान देने वाले कार्मिकों का उत्साहवर्धन करना था। विभाग के सह आचार्य और कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित सहरावत ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को विशेष सम्मान और पुरस्कारों से नवाजा।
सम्मानित होने वाले 'कैंसर वॉरियर्स'
समारोह के दौरान विभाग के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे कार्मिकों को उनके परिश्रम और अनुशासन के लिए चुना गया। सम्मानित होने वाले प्रमुख नामों में शामिल हैं:
- अरविंद घिल्डियाल
- शालिनी रावत
- सुभाष चंद्र
- राजेश नेगी
- लक्ष्मण धाकड़
समारोह के मुख्य संदेश: एक नजर में
| विषय | डॉ. अमित सहरावत के प्रमुख विचार |
| सम्मान का अर्थ | परिश्रम, अनुशासन और अटूट समर्पण का प्रतिफल। |
| सफलता का मंत्र | अनुशासन और मर्यादा ही जीवन में सफलता की कुंजी है। |
| नैतिक मूल्य | सत्यनिष्ठा और ईमानदारी एक जिम्मेदार नागरिक की पहचान है। |
| निरंतर प्रगति | स्वयं का आकलन और निरंतर बेहतर करने का प्रयास ही प्रगति का मार्ग है। |
"अनुशासन और मर्यादा ही सफलता की कुंजी": डॉ. अमित सहरावत
पुरस्कार वितरण के उपरांत कार्मिकों को संबोधित करते हुए डॉ. सहरावत ने जीवन और कार्यस्थल पर नैतिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि उत्कृष्टता की कोई तय सीमा नहीं होती; यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। उन्होंने जोर देकर कहा:
“सम्मान प्राप्त करने के बाद व्यक्ति की जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता और भी बढ़ जाती है। समाज और परिवार की अपेक्षाएं उस व्यक्ति से अधिक होती हैं, जिसे उसकी मेहनत के लिए पहचान मिली हो। प्रत्येक कर्मचारी को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करना चाहिए।”
होली की शुभकामनाएं: सकारात्मकता का संदेश
समारोह के अंत में डॉ. सहरावत ने सभी विभागीय कार्मिकों को आगामी होली पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का त्यौहार नहीं है, बल्कि यह आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव का प्रतीक है। यह पर्व हमें अपने भीतर के नकारात्मक विचारों को त्यागने और जीवन में एक नई सकारात्मक पहल करने की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर विभाग के अन्य वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. साईं, डॉ. हर्षा, डॉ. देविका सहित चिकित्सा जगत से जुड़े अन्य कर्मचारी और स्टाफ मौजूद रहे।