देहरादून, 26 मार्च 2026: उत्तराखंड की सियासत में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU) का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। प्रदेश कांग्रेस चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने धामी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि ऋषिकेश के रानीपोखरी में लॉ यूनिवर्सिटी के लिए आवंटित भूमि को सरकार खुर्द-बुर्द करने की साजिश रच रही है।
गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में डॉ. रावत ने सरकार की नीतियों और भाजपा के भीतर चल रही कथित गुटबाजी पर जमकर निशाना साधा।
डॉ. हरक सिंह रावत के संबोधन के मुख्य बिंदु
| मुद्दा | हरक सिंह रावत का पक्ष/आरोप |
| शिलान्यास का इतिहास | पूर्व CM त्रिवेंद्र रावत ने 7 साल पहले निशंक और धन सिंह रावत की मौजूदगी में किया था। |
| वर्तमान स्थिति | 7 साल बीतने के बाद भी यूनिवर्सिटी के नाम पर एक ईंट तक नहीं रखी गई। |
| जमीन का विवाद | आवंटित भूमि को टिहरी बांध विस्थापितों के नाम पर खुर्द-बुर्द करने का आरोप। |
| पुलिस कार्रवाई | आंदोलनकारी जनता और महिलाओं पर लाठीचार्ज को बताया 'बर्बरता'। |
| कांग्रेस का वादा | कांग्रेस सरकार आने पर उसी स्थान पर लॉ यूनिवर्सिटी बनाने का संकल्प। |
1. "त्रिवेंद्र रावत का किया शिलान्यास धूल फांक रहा है"
डॉ. हरक सिंह रावत ने याद दिलाया कि भाजपा की ही पिछली सरकार में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बड़े तामझाम के साथ रानीपोखरी में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का शिलान्यास किया था।
भाजपा की गुटबाजी: डॉ. रावत ने आरोप लगाया कि पुष्कर सिंह धामी सरकार अपने ही पूर्ववर्ती मुख्यमंत्री के फैसलों का उल्लंघन कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा में गुटबाजी इतनी चरम पर है कि वे एक-दूसरे के काम का श्रेय नहीं लेना चाहते, जिससे संवैधानिक पदों की गरिमा गिर रही है।
2. आंदोलनकारी जनता पर लाठीचार्ज की निंदा
रानीपोखरी में लॉ यूनिवर्सिटी की मांग को लेकर चल रहे स्थानीय आंदोलन का समर्थन करते हुए कांग्रेस नेता ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
- बर्बरता का आरोप: डॉ. रावत ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे ग्रामीणों, प्रधान संगठन के लोगों और महिलाओं पर उपजिलाधिकारी के नेतृत्व में जिस प्रकार लाठीचार्ज किया गया, वह लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है।
- कांग्रेस का साथ: उन्होंने स्पष्ट किया कि इस लड़ाई में कांग्रेस पार्टी स्थानीय जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
3. "विस्थापितों और जनता दोनों के साथ धोखा"
डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि धामी सरकार ने न केवल छात्रों और शिक्षा प्रेमियों को छला है, बल्कि टिहरी बांध विस्थापितों को भी 'त्रिशंकु' की स्थिति में छोड़ दिया है।
"भाजपा केवल चुनावों के समय 'जुमलेबाजी' करती है। त्रिवेंद्र रावत ने शिलान्यास का नाटक किया और अब धामी सरकार उस जमीन को ही ठिकाने लगाने में लगी है। आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता इस धोखे का करारा जवाब देगी।" — डॉ. हरक सिंह रावत
4. कांग्रेस का 'एजुकेशन विजन'
पत्रकार वार्ता के दौरान डॉ. रावत ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी को शिक्षा की कीमत पता है। उन्होंने वादा किया कि यदि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है, तो प्राथमिकता के आधार पर रानीपोखरी में आवंटित भूमि पर ही नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी का भव्य निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा।
निर्णायक मोड़: कौन थे पत्रकार वार्ता में मौजूद?
इस तीखी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डॉ. हरक सिंह रावत के साथ प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह, शीशपाल सिंह बिष्ट, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, विनोद चौहान और गुल मोहम्मद सहित कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता उपस्थित रहे।
चुनाव से पहले गरमाया मुद्दा
जैसे-जैसे उत्तराखंड में राजनीतिक हलचल बढ़ रही है, रानीपोखरी लॉ यूनिवर्सिटी का मुद्दा एक बड़ा चुनावी हथियार बनता दिख रहा है। एक तरफ स्थानीय जनता का आक्रोश और दूसरी तरफ विपक्ष की घेराबंदी ने धामी सरकार के सामने नई चुनौतियां पेश कर दी हैं।
