गाजियाबाद/दिल्ली, 26 मार्च 2026: भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने एक ऐसे जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिसने देश के सबसे संवेदनशील सैन्य ठिकानों की सुरक्षा को चुनौती देने की कोशिश की थी। दिल्ली के चांदनी चौक स्थित एक होटल में काम करने वाले समीर (मूल निवासी बिहार) को गिरफ्तार किया गया है, जो पिछले एक साल से गुजरात से लेकर पंजाब तक सेना की जासूसी कर रहा था।
जांच में सामने आया है कि समीर पाकिस्तानी हैंडलर्स के इशारे पर काम कर रहा था और उसने एयरबेस से लेकर बीएसएफ (BSF) की चौकियों तक की गोपनीय जानकारियां दुश्मन देश को भेजी थीं।
जासूसी कांड: बरामदगी और संवेदनशील डेटा (The Evidence)
सुरक्षा एजेंसियों द्वारा समीर के पास से जो सामग्री मिली है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है:
| विवरण (Evidence Items) | संख्या/जानकारी (Details) |
| बरामद मोबाइल फोन | 17 स्मार्टफोन |
| संवेदनशील वीडियो/फोटो | 183 (सटीक लोकेशन और समय के साथ) |
| रेकी किए गए एयरबेस | जामनगर (गुजरात), पठानकोट (पंजाब) |
| निशाने पर अन्य क्षेत्र | जैसलमेर, बीकानेर, अमृतसर, अंबाला |
| लगाए गए जासूसी कैमरे | दिल्ली कैंट और सोनीपत रेलवे स्टेशन |
1. जामनगर से पठानकोट तक 'स्पाय नेटवर्क'
समीर केवल एक साधारण होटल कर्मी नहीं, बल्कि एक प्रशिक्षित जासूस की तरह काम कर रहा था। सूत्रों के अनुसार, उसे विशेष रूप से सिखाया गया था कि दूरस्थ स्थानों के वीडियो कैसे शूट करने हैं और उनकी जियो-टैग लोकेशन (सटीक समय और स्थान) कैसे भेजनी है।
- निशाने पर एयरबेस: उसने गुजरात के जामनगर एयरबेस और पंजाब के पठानकोट एयरबेस जैसे अति-संवेदनशील क्षेत्रों की रेकी की।
- BSF चौकियां: राजस्थान सीमा पर स्थित बीएसएफ की चौकियों की गतिविधियों का डेटा भी उसके मोबाइल में मिला है।
2. रेलवे स्टेशनों पर 'जासूसी कैमरों' की साजिश
इस मामले का सबसे खतरनाक पहलू रेलवे की सुरक्षा से जुड़ा है। समीर और उसके साथी सुहेल मलिक को रेलवे स्टेशनों पर सौर ऊर्जा (Solar Power) से चलने वाले सिम-आधारित स्टैंडअलोन सीसीटीवी कैमरे लगाने का टास्क दिया गया था।
- सफलता: वे दिल्ली कैंट और सोनीपत रेलवे स्टेशनों पर पहले ही ऐसे कैमरे लगा चुके थे (जिन्हें अब हटा दिया गया है)।
- अगली योजना: उनकी योजना अंबाला सहित देश के 50 अन्य महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ऐसे कैमरे लगाने की थी, ताकि ट्रेनों और सैन्य साजो-सामान की आवाजाही पर सीधे पाकिस्तान से नजर रखी जा सके।
3. नशे की लत और 500 रुपये का लालच
जांच में पता चला है कि समीर शराब और नशे का बुरी तरह आदी है। वह अपने विदेशी आकाओं से नशे के लिए 500 से 1000 रुपये तक की छोटी रकम मांगता था।
- बड़ा नेटवर्क: समीर एक ऐसे टेलीग्राम/व्हाट्सएप ग्रुप का हिस्सा था जिसमें 150 से अधिक लोग जुड़े हुए हैं। एजेंसियां अब इस पूरे ग्रुप की कुंडली खंगाल रही हैं ताकि अन्य 'स्लीपर सेल्स' का पता लगाया जा सके।
4. UAPA के तहत सख्त कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (Official Secrets Act) और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) जैसी कड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि समय रहते इन गिरफ्तारियों से देश की संप्रभुता पर मंडरा रहे एक बड़े खतरे को टाल दिया गया है।
सुरक्षा एजेंसियों की चेतावनी
इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि दुश्मन देश अब 'लो-प्रोफाइल' लोगों (जैसे वेटर, डिलीवरी बॉय या मजदूर) का इस्तेमाल जासूसी के लिए कर रहा है।
- जनता से अपील: यदि आपको किसी रेलवे स्टेशन या सैन्य क्षेत्र के पास कोई संदिग्ध कैमरा या व्यक्ति नजर आए, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
सतर्कता ही सुरक्षा है
समीर की गिरफ्तारी एक बड़ी कामयाबी है, लेकिन 50 अन्य स्थानों पर कैमरे लगाने की योजना यह बताती है कि खतरा अभी टला नहीं है। सुरक्षा एजेंसियां अब समीर के आकाओं तक पहुँचने के लिए उसके मोबाइल डेटा का फोरेंसिक विश्लेषण कर रही हैं।
