देहरादून की पावन धरती पर शुक्रवार का दिन गुरु भक्ति के नाम रहा। श्री गुरु राम राय जी महाराज और श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के गगनभेदी जयकारों के बीच 94 फीट ऊँचे नए पवित्र ध्वजदण्ड (श्री झंडे जी) को अत्यंत श्रद्धा के साथ श्री दरबार साहिब लाया गया। इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बनने के लिए पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, हिमाचल और उत्तराखंड के कोने-कोने से हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े।
श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज का आशीर्वाद और अरदास
शुक्रवार ब्रह्ममुहूर्त से ही श्रद्धालु बॉम्बे बाग स्थित श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल में एकत्रित होने लगे थे।
- पावन सान्निध्य: श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने संगतों को दर्शन देकर अपना आशीर्वाद प्रदान किया।
- अरदास: महाराज जी की अगुवाई में गुरु चरणों में अरदास की गई, जिसके बाद प्रातः 8 बजे संगतों ने पवित्र ध्वजदण्ड को अपने कंधों पर उठाकर शोभायात्रा शुरू की।
शोभायात्रा का मार्ग और भव्य स्वागत
| समय | स्थान | विवरण |
| 08:00 AM | बॉम्बे बाग (प्रस्थान) | संगतों ने ध्वजदण्ड को कंधों पर उठाया। |
| रास्ते में | टीएचडीसी चौक, लाल पुल | दूनवासियों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। |
| 09:30 AM | श्री दरबार साहिब (आगमन) | जयकारों के साथ ध्वजदण्ड परिसर पहुँचा। |
"भाईचारे और अटूट आस्था का प्रतीक है झंडा मेला"
इस अवसर पर श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने कहा:
"श्री झंडा महोत्सव केवल एक मेला नहीं, बल्कि प्रेम, स्नेह, सद्भाव और भाईचारे का प्रतीक है। यह गुरु की असीम कृपा है कि यह पावन उत्सव हर वर्ष और अधिक भव्य और दिव्य रूप ले रहा है। गुरु महाराज का आशीर्वाद सभी धर्मों और वर्गों के लोगों को एक सूत्र में पिरोता है।"
8 मार्च को होगा 'जीरो टॉलरेंस' सुरक्षा के बीच आरोहण
ऐतिहासिक श्री झंडा महोत्सव का विधिवत शुभारंभ 8 मार्च को होगा, जब 94 फीट ऊंचे इस नए श्री झंडे जी का आरोहण किया जाएगा।
- तैयारियां: पिछले दो महीनों से कुशल कारीगर इस ध्वजदण्ड को तैयार कर रहे थे।
- प्रबंधन: मेला अधिकारी विजय गुलाटी ने बताया कि लाखों की भीड़ के लिए बिंदाल, तालाब, राजा रोड और भण्डारी बाग स्थित स्कूलों में ठहरने की व्यवस्था की गई है।
- सुविधाएं: एक दर्जन लंगर, मेला थाना और श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल की मेडिकल टीमें 24 घंटे तैनात रहेंगी।
श्रद्धालुओं की सेवा में उमड़ा शहर
शोभायात्रा के पूरे मार्ग में दूनवासियों ने जगह-जगह शबील, शीतल जल और फलों के लंगर लगाए। श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए लोग सड़कों के किनारे पलकें बिछाए खड़े रहे। पूरे मार्ग में 'जय श्री झंडे जी महाराज' की गूँज सुनाई देती रही।
