देहरादून (सेलाकुई/प्रेमनगर), 26 मार्च 2026: राजधानी देहरादून के शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई की आड़ में गुटबाजी और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वाले छात्रों के खिलाफ दून पुलिस ने मोर्चा खोल दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस ने सेलाकुई और प्रेमनगर जैसे 'एजुकेशन हब' में स्थित यूनिवर्सिटी, कॉलेजों और हॉस्टल संचालकों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं।
पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई छात्र कानून-व्यवस्था बिगाड़ता है, तो उसके साथ-साथ शिक्षण संस्थान और हॉस्टल प्रबंधक की भी जवाबदेही तय की जाएगी।
दून पुलिस की नई 'स्टूडेंट गाइडलाइंस' 2026
| नियम (Regulation) | विवरण (Description) |
| नाइट कर्फ्यू | रात्रि 10:00 बजे के बाद छात्र हॉस्टल या परिसर से बाहर नहीं जा सकेंगे। |
| डेटा शेयरिंग | सभी संस्थानों को अपने छात्रों/पीजी निवासियों का पूरा डेटा पुलिस को देना होगा। |
| गुटबाजी पर नजर | संदिग्ध गतिविधि या गुटबाजी करने वाले छात्रों को चिन्हित कर कार्रवाई होगी। |
| संचालकों की जिम्मेदारी | छात्र के अपराध में लिप्त होने पर हॉस्टल/कॉलेज प्रबंधन पर भी होगी कानूनी कार्रवाई। |
1. सेलाकुई और प्रेमनगर में पुलिस की 'क्लास'
बुधवार (25 मार्च 2026) को पुलिस टीम ने सेलाकुई स्थित माया यूनिवर्सिटी और इक्फाई (ICFAI) यूनिवर्सिटी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। वहीं, प्रेमनगर क्षेत्र में हॉस्टल और पीजी (PG) संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की गई।
- सख्त हिदायत: पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को केवल शिक्षा का केंद्र रहना चाहिए, न कि अपराध का अड्डा।
- सूचना तंत्र: किसी भी छात्र गुट के बीच होने वाले छोटे से छोटे विवाद की जानकारी भी तत्काल पुलिस को देने का आदेश दिया गया है।
2. 10 PM डेडलाइन: अनावश्यक घूमना होगा बंद
अक्सर देखा गया है कि देर रात बाहरी क्षेत्रों में छात्रों के घूमने से लड़ाई-झगड़े और नशे की घटनाएं बढ़ती हैं। इसे रोकने के लिए पुलिस ने निर्देश दिए हैं:
- निगरानी: रात 10 बजे के बाद यदि कोई छात्र अनावश्यक रूप से बाहर घूमता मिला या संदिग्ध पाया गया, तो सख्त कार्रवाई होगी।
- प्रबंधन पर गाज: यदि हॉस्टल संचालक बिना वाजिब कारण के छात्रों को रात में बाहर जाने की अनुमति देते हैं, तो उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज हो सकता है।
3. छात्रों का 'डिजिटल डेटा' होगा संकलित
एसएसपी देहरादून ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों के हर हॉस्टल और यूनिवर्सिटी से छात्रों का विस्तृत डेटा (नाम, पता, अभिभावक का नंबर, वाहन संख्या आदि) प्राप्त करें।
- चिन्हीकरण: पूर्व में विवादों में रहे या आपराधिक प्रवृत्ति वाले छात्रों की विशेष सूची तैयार की जा रही है ताकि उन पर सतत निगरानी रखी जा सके।
4. दून पुलिस का संदेश: "पढ़ाई करें, अपराध नहीं"
पुलिस का उद्देश्य छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखना है। पुलिस टीम ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की गुटबाजी या नशे के जाल में न फंसें। एक बार आपराधिक मामला दर्ज होने पर सरकारी नौकरी और करियर के रास्ते बंद हो सकते हैं।
सुधरेगी शिक्षण संस्थानों की आबोहवा
प्रेमनगर और सेलाकुई में पुलिस की इस सक्रियता से स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली है। कॉलेज कैंपस और आसपास के क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस का यह 'प्रो-एक्टिव' नजरिया बेहद जरूरी था।
