देहरादून, 26 मार्च 2026: जनपद की पुलिसिंग को और अधिक चुस्त-दुरुस्त और पारदर्शी बनाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून ने बुधवार को पुलिस कार्यालय का वार्षिक निरीक्षण किया। इस दौरान एसएसपी ने न केवल पत्रावलियों के रखरखाव का जायजा लिया, बल्कि जनता की शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों को कड़ी चेतावनी भी दी।
निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने स्पष्ट किया कि फाइलों को अनावश्यक रूप से दबाकर रखने वाले और समय पर रिस्पांस न देने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
एसएसपी निरीक्षण 2026: मुख्य निर्देश और कड़े फैसले
| विभाग/शाखा | एसएसपी के कड़े निर्देश (Major Directives) |
| शिकायत प्रकोष्ठ | 1 माह से अधिक लंबित जांचों पर रिमाइण्डर भेजें; लापरवाही पर विभागीय जांच। |
| साइबर सेल | NCRB पोर्टल पर डेटा समय से अपलोड करें; लंबित प्रार्थना पत्रों का त्वरित निस्तारण। |
| भवन शाखा | 50 साल पुराने भवनों का सुरक्षा ऑडिट और जर्जर भवनों का ध्वस्तीकरण। |
| प्रधान लिपिक | ACR समय पर पूर्ण न करने वाले कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश। |
| मेडिकल क्लेम | चिकित्सा प्रतिपूर्ति की पुरानी पत्रावलियां 01 सप्ताह के भीतर निपटाएं। |
1. जनता की शिकायतों पर 'जीरो टॉलरेंस'
एसएसपी ने शिकायत प्रकोष्ठ के निरीक्षण के दौरान लंबित प्रार्थना पत्रों पर नाराजगी जताई।
- रिमाइण्डर पॉलिसी: उन्होंने निर्देश दिए कि जो जांचें 1 माह से अधिक समय से लंबित हैं, उनके जांचकर्ताओं को तुरंत रिमाइण्डर भेजा जाए।
- कार्रवाई: बार-बार रिमाइण्डर के बाद भी यदि निस्तारण में शिथिलता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की रिपोर्ट भेजी जाए।
- मौके पर समाधान: निरीक्षण के दौरान आए फरियादियों से एसएसपी ने खुद मुलाकात की और संबंधित थानाध्यक्षों को फोन पर ही शिकायतों के तुरंत निस्तारण के आदेश दिए।
2. साइबर सेल को 'अपडेट' रहने की हिदायत
बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए एसएसपी ने साइबर सेल को आधुनिक और तत्पर रहने को कहा।
- NCRB पोर्टल: नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर सभी जानकारियों को समयबद्ध तरीके से अपलोड करने की सख्त हिदायत दी गई।
- त्वरित रिस्पांस: साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों में समय सबसे महत्वपूर्ण है, इसलिए प्रार्थना पत्रों के निस्तारण में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
3. जर्जर पुलिस भवनों का होगा 'सुरक्षा ऑडिट'
निरीक्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा रहा।
- 50 साल पुराने भवन: जनपद में जो भी पुलिस भवन 50 वर्ष से अधिक पुराने हैं, उनका तत्काल सुरक्षा ऑडिट (Security Audit) करवाया जाएगा।
- ध्वस्तीकरण: जो भवन जर्जर या गिरासू स्थिति में हैं, उनके ध्वस्तीकरण का प्रस्ताव बनाकर भेजने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में किसी दुर्घटना से बचा जा सके।
- नए प्रस्ताव: नए थाने और चौकियों के निर्माण के प्रस्तावों पर भी तेजी से काम करने को कहा गया है।
4. कर्मचारियों के ACR और मेडिकल बिलों पर सख्ती
प्रशासनिक सुधार के तहत एसएसपी ने कर्मचारियों के अनुशासन पर भी जोर दिया:
- वेतन पर रोक: निर्धारित समय के भीतर अपनी ACR (Annual Confidential Report) पूर्ण न करने वाले पुलिसकर्मियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
- चिकित्सा प्रतिपूर्ति: कर्मचारियों के चिकित्सा बिलों (Medical Reimbursement) की पत्रावलियों को प्राथमिकता पर लेते हुए 1 सप्ताह के भीतर निस्तारित करने का लक्ष्य दिया गया है।
जवाबदेह पुलिसिंग की ओर कदम
एसएसपी देहरादून का यह वार्षिक निरीक्षण केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि पुलिस व्यवस्था को जवाबदेह बनाने की एक कोशिश है। पुराने भवनों के ऑडिट से लेकर कर्मचारियों के वेतन रोकने की चेतावनी तक, ये फैसले बताते हैं कि देहरादून पुलिस अब 'परफॉर्मेंस' के आधार पर काम करेगी।
