देहरादून/रुड़की, 25 मार्च 2026: उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ धामी सरकार के 'जीरो टॉलरेंस' अभियान के तहत आज सतर्कता सैक्टर (Vigilance) देहरादून की टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। रुड़की ग्रामीण द्वितीय के बाल विकास अधिकारी कार्यालय में तैनात सुपरवाइजर राखी सैनी को विजिलेंस की ट्रैप टीम ने 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
यह गिरफ्तारी एक आंगनबाड़ी सहायिका के प्रमोशन (पदोन्नति) की फाइल को आगे बढ़ाने के बदले मांगी गई उत्कोच धनराशि के मामले में हुई है।
विजिलेंस ट्रैप ऑपरेशन: मुख्य विवरण
| विवरण (Description) | जानकारी (Details) |
| गिरफ्तार अभियुक्त | राखी सैनी (सुपरवाइजर, बाल विकास विभाग) |
| कार्यालय | बाल विकास अधिकारी, रुड़की ग्रामीण द्वितीय, हरिद्वार |
| शिकायतकर्ता | सपना कश्यप (आंगनबाड़ी सहायिका, केंद्र नं. 7 भौरी रुड़की) |
| रिश्वत की राशि | ₹ 50,000 (नकद) |
| कारण | पदोन्नति (Promotion) के बदले रिश्वत की मांग |
| मुकदमा संख्या | मु0अ0सं0-6/2026 (थाना सतर्कता, देहरादून) |
1. प्रमोशन के बदले 'सौदा': क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता सपना कश्यप, जो रुड़की ग्रामीण द्वितीय के भौरी केंद्र नंबर 7 पर आंगनबाड़ी सहायिका के रूप में कार्यरत हैं, का प्रमोशन होना था। आरोप है कि विभागीय सुपरवाइजर राखी सैनी ने इस पदोन्नति की प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने और मदद करने के एवज में ₹50,000 की भारी-भरकम मांग रखी थी।
परेशान होकर सपना कश्यप ने इसकी शिकायत देहरादून विजिलेंस सेक्टर में की, जिसके बाद विभाग ने जाल बिछाकर आरोपी को पकड़ने की रणनीति तैयार की।
2. रंगे हाथों गिरफ्तारी: विजिलेंस टीम का 'ट्रैप'
बुधवार, 25 मार्च 2026 को योजना के अनुसार, जैसे ही सपना कश्यप ने रिश्वत की राशि ₹50,000 सुपरवाइजर राखी सैनी को सौंपी, पहले से मुस्तैद सतर्कता विभाग की ट्रैप टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। मौके पर ही रिश्वत के नोट बरामद किए गए और कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
3. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
गिरफ्तारी के बाद आरोपी राखी सैनी को देहरादून लाया गया है। थाना सतर्कता सैक्टर देहरादून में उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है।
- धारा 7: लोक सेवक द्वारा अवैध परितोष (रिश्वत) स्वीकार करने से संबंधित है, जिसमें कड़ी सजा का प्रावधान है।
- विभागीय जांच: विजिलेंस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस रैकेट में विभाग के अन्य अधिकारी भी शामिल हैं।
4. विजिलेंस की अपील: भ्रष्टाचार की सूचना 1064 पर दें
एसएसपी विजिलेंस ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो डरे नहीं। तत्काल टोल-फ्री नंबर 1064 पर सूचना दें। शिकायतकर्ता की पहचान गुप्त रखी जाती है और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।
सुशासन की ओर एक और कदम
बाल विकास जैसे संवेदनशील विभाग में, जहाँ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का काम जमीनी स्तर पर समाज सेवा से जुड़ा होता है, वहां इस तरह का भ्रष्टाचार विभाग की छवि को धूमिल करता है। राखी सैनी की गिरफ्तारी से अन्य भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
