देहरादून, 14 मार्च 2026: जनपद में एलपीजी गैस की वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी सविन बंसल ने सख्त रुख अपना लिया है। शनिवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह और उप जिलाधिकारी (SDM) सदर हरिगिरि ने शहर की प्रमुख गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान गैस वितरण में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर अधिकारियों ने संबंधित सुपरवाइजर और डिलीवरीमैन के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
ओटीपी लेकर सिलेंडर न देने वाले डिलीवरी गैंग पर गिरेगी गाज
निरीक्षण के दौरान अमरदीप और सत्यशील गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं ने गंभीर शिकायतें दर्ज कराईं। बड़ोवाला निवासी अरुण खरबंदा और अमृत विहार के जितेंद्र अरोड़ा ने बताया कि डिलीवरीमैन फोन पर ही ओटीपी मांग लेते हैं और ओटीपी मिलते ही सिलेंडर डिलीवरी का मैसेज तो आ जाता है, लेकिन सिलेंडर घर नहीं पहुंचता। इसी तरह खुड़बुड़ा निवासी पंकज ठाकुर और सेलाकुई के रविंद्र ने भी बिना सिलेंडर मिले ही खाते में डिलीवरी दिखाए जाने की शिकायत की। जब अधिकारियों ने एजेंसी के सुपरवाइजर से इस पर जवाब मांगा, तो वह कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने पूर्ति निरीक्षक को दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह: फोन पर न दें ओटीपी
प्रशासन ने आम जनता को जागरूक करते हुए अपील की है कि वे गैस डिलीवरी से संबंधित ओटीपी (OTP) नंबर किसी भी व्यक्ति को फोन पर साझा न करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि गैस की होम डिलीवरी के समय ही, जब सिलेंडर आपके सामने हो, तभी डिलीवरीमैन को ओटीपी प्रदान करें। साथ ही, गैस एजेंसी संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एजेंसी परिसर में बड़े फ्लेक्सी बोर्ड लगाएं, ताकि उपभोक्ता अपने अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक हो सकें।
अस्पतालों में गैस किल्लत की खबरों पर प्रशासन का स्पष्टीकरण
दून मेडिकल कॉलेज और जिला चिकित्सालय की मैस में गैस सिलेंडर की कमी की खबरों पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने तत्काल संज्ञान लिया। नगर मजिस्ट्रेट और एसडीएम सदर ने स्वास्थ्य और पूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में स्पष्ट किया गया कि चिकित्सालयों की मैस के पास खपत के अनुसार पर्याप्त स्टॉक है। दून मेडिकल में प्रतिमाह 30 सिलेंडर, गांधी शताब्दी में 8 और कोरोनेशन अस्पताल में 8 सिलेंडरों की खपत है, जिनकी आपूर्ति सुचारू रूप से की जा रही है। प्रशासन ने पुष्टि की है कि स्वास्थ्य संस्थानों में गैस की कोई कमी नहीं है।
जिलाधिकारी के निर्देश: अनियमितता पर होगी जीरो टॉलरेंस की नीति
जिलाधिकारी ने सभी पूर्ति निरीक्षकों और अधिकारियों को निर्देशित किया है कि गैस की उपलब्धता में कोई कमी नहीं है, इसलिए पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि जो भी एजेंसी संचालक या कर्मचारी ओटीपी आधारित होम डिलीवरी प्रणाली का उल्लंघन करेगा या उपभोक्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार करेगा, उसके विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान सीओ सिटी स्वप्निल मुयाल और पूर्ति विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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