हरिद्वार, 23 मार्च 2026: धर्मनगरी हरिद्वार में सात दिनों तक चले अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव का भव्य समापन हुआ। इस अवसर पर उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) गुरमीत सिंह ने ऋषिकुल राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय के प्रोफेसर और भारतीय रेडक्रॉस की राष्ट्रीय प्रबंधन समिति के सदस्य डॉ. नरेश चौधरी को उनके विशेष व्याख्यानों और उत्कृष्ट आयोजन संयोजन के लिए प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।
राज्यपाल का संदेश: कर्तव्य से आगे बढ़कर सेवा
डॉ. नरेश चौधरी को सम्मानित करते हुए राज्यपाल महोदय ने उनके समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा:
"अपने मूल उत्तरदायित्वों का निर्वहन तो हर कोई करता है, लेकिन जो व्यक्ति अपने पेशेवर कार्यों के साथ-साथ समाज सेवा के लिए समर्पित रहता है, वह विशेष सम्मान का पात्र है। डॉ. नरेश चौधरी इसका जीवंत उदाहरण हैं। ऐसे सम्मान से व्यक्ति को और अधिक ऊर्जा के साथ कार्य करने का प्रोत्साहन मिलता है।"
प्रशासनिक अधिकारियों ने की कार्यशैली की प्रशंसा
समारोह में मौजूद विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारियों ने डॉ. चौधरी के बहुआयामी व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला:
| अधिकारी का नाम | पद | मुख्य वक्तव्य |
| प्रतीक जैन | प्रबंध निदेशक, GMVN | "डॉ. चौधरी को जो भी दायित्व दिया जाता है, वे उसे कर्मठता और समर्पण के साथ पूर्ण करते हैं।" |
| लक्ष्मीराज चौहान | महाप्रबंधक, GMVN | "विभाग की ओर से डॉ. चौधरी के सराहनीय सहयोग के लिए हम उनका आभार व्यक्त करते हैं।" |
बधाइयों का तांता: आयुर्वेद और रेडक्रॉस परिवार में हर्ष
डॉ. नरेश चौधरी के सम्मानित होने पर शिक्षा और स्वास्थ्य जगत की प्रमुख हस्तियों ने उन्हें बधाई दी, जिनमें शामिल हैं:
- प्रो. (डॉ.) अरुण कुमार त्रिपाठी, कुलपति (उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय)
- मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी, हरिद्वार
- ललित नारायण मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी
- बी.एम. मिश्रा, महासचिव (इंडियन रेडक्रॉस उत्तराखंड)
- डॉ. राजेश कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
डॉ. नरेश चौधरी का आभार: "सम्मान मेरी अमूल्य पूंजी"
सम्मान मिलने पर डॉ. चौधरी ने राज्यपाल और GMVN का आभार जताते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए किसी भौतिक संपत्ति से कहीं बढ़कर है। उन्होंने कहा कि शुभचिंतकों की शुभकामनाएं और इस प्रकार का प्रोत्साहन उन्हें भविष्य की चुनौतीपूर्ण चुनौतियों का नेतृत्व करने के लिए 'संकोचहीन' और 'अग्रणी' रहने की शक्ति प्रदान करता है।
अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव 2026 न केवल स्वास्थ्य और अध्यात्म का संगम रहा, बल्कि इसने डॉ. नरेश चौधरी जैसे सेवाभावी व्यक्तित्वों को पहचान देकर समाज में कर्मठता का संदेश भी प्रसारित किया।
