देहरादून, 15 मार्च 2026: उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली (OPS) की मांग को लेकर अपनी रणनीति आक्रामक कर दी है। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NOPRUF) की प्रांतीय कार्यकारिणी की देहरादून में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लक्ष्य बनाते हुए निर्णायक आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई। बैठक में प्रदेश भर के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते पुरानी पेंशन बहाल नहीं की, तो इसके गंभीर राजनीतिक परिणाम आगामी चुनावों में देखने को मिलेंगे।
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| प्रवीण सिंह पंवार (ब्लॉक उपाध्यक्ष, नरेंद्रनगर) |
मनोज अवस्थी बने प्रदेश अध्यक्ष: नई कार्यकारिणी का गठन
संगठन को मजबूती प्रदान करने के लिए बैठक में सर्वसम्मति से मनोज अवस्थी को NOPRUF का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। पदभार ग्रहण करते हुए अवस्थी ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों का अधिकार है और इस चुनावी वर्ष में कर्मचारी वर्ग किसी भी दबाव में पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने इसे कर्मचारियों के विश्वास और सम्मान की लड़ाई बताया। इसके साथ ही रणिता विश्वकर्मा को प्रदेश महिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो राज्य की मातृशक्ति को संगठित कर इस आंदोलन से जोड़ेंगी।
गढ़वाल मंडल की कमान शंकर भट्ट और राजीव उनियाल के पास
आंदोलन को जिला और ब्लॉक स्तर तक पहुंचाने के लिए शंकर भट्ट को गढ़वाल मंडल अध्यक्ष और राजीव उनियाल को मंडल मंत्री नियुक्त किया गया है। नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि मंडल के प्रत्येक विभाग के कर्मचारी को एकजुट कर सरकार पर दबाव बनाया जाएगा।
पोस्टकार्ड अभियान से सरकार तक पहुंचेगी 'कर्मचारी की आवाज'
प्रदेश आईटी सेल प्रभारी अवधेश सेमवाल ने आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि इसी माह प्रदेशभर में 'मुख्यमंत्री संबोधन पोस्टकार्ड अभियान' चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत लाखों कर्मचारी व्यक्तिगत रूप से मुख्यमंत्री को पोस्टकार्ड भेजकर पुरानी पेंशन बहाली की मांग करेंगे। यह डिजिटल और जमीनी स्तर पर सरकार को घेरने की एक बड़ी योजना का हिस्सा है।
सम्मान और भविष्य की सुरक्षा का प्रश्न
प्रदेश प्रभारी बिक्रम सिंह रावत और महामंत्री सीताराम पोखरियाल ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पुरानी पेंशन केवल एक आर्थिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह कर्मचारी के बुढ़ापे की सुरक्षा और उसके आत्मसम्मान से जुड़ा विषय है। प्रदेश सह प्रभारी जसपाल सिंह गुसाईं ने भी स्पष्ट किया कि जब तक शासनादेश जारी नहीं होता, तब तक यह आंदोलन थमेगा नहीं।
बैठक में उपस्थित प्रमुख चेहरा
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रवीण सिंह पंवार (ब्लॉक उपाध्यक्ष, नरेंद्रनगर), रोहित जोशी (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), लक्ष्मण सिंह सजवाण (समन्वयक), डॉ. कमलेश मिश्रा (मीडिया प्रभारी) सहित देहरादून, रुद्रप्रयाग और टिहरी गढ़वाल के सैकड़ों शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे। राजकीय शिक्षक संघ नरेंद्रनगर के पदाधिकारियों ने भी मोर्चा को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है।
